28/09/2020
what should be the strategy...
क्या होनी चाहिए योजना...
2021 के लिए आपकी सेलेक्शन योजना, कई मायनों में पिछ्ले सालों जैसी बिल्कुल नहीं होगी ! क्योंकि इस बार परिस्थितियां नई हैं ! समय कम है ! पेपर में एनसीईआरटी का वेटेज बढता जा रहा है ! कट आॅफ बढता जा रहा है ! और भी कई नये नये ट्रेंड नोटिस हुए हैं ! इस साल हमें अपनी तैयारी में इन सभी नये बदलावों को समाहित करना होगा ! हर पेपर के साथ अपडेट होना और अपनें बच्चों को हर बदलाव के लिए तैयार करना, ये नेशनल लेवल कंपटीशन की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से है !
सबसे पहले बात करते हैं, समय की ! अगर आपको लगता है कि आपको रिपीट करना है ! तो बिना एक दिन गंवाए, तैयारी तुरन्त शुरू कीजिए ! 6 महीनों में दो साल का सिलैबस पढाना, और उससे बड़ी बात, उसे नेशनल लेवल तक का तैयार करना, एक बच्चे के लिए बहुत कठिन है ! आॅफलाइन खुलने का इंतजार बिल्कुल न करें ! क्योंकि शुरू करते समय ऐसा लगता है कि अभी शुरू करें या एक हफ्ते बाद शुरू करें, क्या फर्क पड़ता है ! पर परीक्षा से ठीक पहले की भावनाओं की याद करो ! एक बच्चा ही समझ सकता है, कि एक हफ्ता तो छोंड़ो, एक घण्टा और मिल जाये, इतना फर्क पड़ता है !
अब बात करते हैं एनसीईआरटी के बढते वेटेज की ! एक बात आपको भी मालूम होगी कि रिवीजन आपका सबसे अच्छा आपके बनाये नोट्स से ही होता है ! खुद का लिखा हुआ, जल्दी याद भी होता है और जल्दी रीकाॅल भी होता है ! इसलिए शुरू से ही इस बात की तैयारी करनी होगी कि रिवीजन आपको न तो सीधा एनसीईआरटी से करना है और न ही किसी माॅड्यूल से ! क्योंकि क्योंकि केवल एनसीईआरटी का कंटेंट कम पड़ सकता है और मॉड्यूल का कंटेंट इतना ज्यादा होता है कि सभी सब्जेक्ट्स के सभी चैप्टर्स को मॉड्यूल से कई राउंड रिवीजन असंभव जितना बड़ा होता है ! इसलिए आप शुरू से ही हर सब्जेक्ट्स में हर चैप्टर के नोट्स बनाएं ! और जो नोट्स बनाएं, उसमें एनसीईआरटी को सौ प्रतिशत समाहित करते चलें ! एनसीईआरटी की हर लाइन, हर डायग्राम, हर टेबल, हर ग्राफ, हर समरी, हर इंट्रोडक्शन, हर वैज्ञानिक का नाम, हर डेट, पेज नंबर छोंड़कर, एनसीईआरटी का सबकुछ ! फिर देखना आप ! आपके रिवीजन के राउंड भी बढ जायेंगे क्योंकि आपकी एनर्जी डायवर्ट नहीं होगी, क्योंकि आपको केवल और केवल नोट्स से ही तैयारी करनी है ! और सब्जेक्ट्स पर आपकी पकड़ भी शर्तिया बढ जायेगी !
अब बात करते हैं, बढते जा रहे कटआॅफ से निपटने के लिए एक और प्लानिंग की ! आपको ये समझना होगा कि कटआॅफ बढती ही रहेगी ! चार पांच साल पहले 600 के स्कोर को बहुत अधिक सम्मानजनक माना जाता था, टाॅप के मेडिकल कालेज मिलते थे इस स्कोर पर ! आज ये स्थिति है कि 600 जैसे स्कोर भी सुरक्षित नहीं रहे !
इसके लिए सबसे पहली आवश्यकता ये है कि आप किसी भी प्रदेश या किसी भी कैटेगरी के हों, आपको तैयारी जनरल कैंडिडेट की तरह करनी होगी ! और दिल से 650 का टार्गेट बनाकर, इसी के पीछे जी जान से लगना होगा ! अपनें आरक्षण या अपनें प्रदेश के कम कटआॅफ के फायदे को ध्यान में रखकर तैयारी करनें वालों का आमतौर पर सेलेक्शन नहीं होता है ! यही मेरा व्यक्तिगत अनुभव है ! खुद को जनरल मानकर चलना और बड़े कटआॅफ के लिये खुद को तैयार करना फायदे का सौदा रहता है ! मैनें यही देखा है कि जब आप जी जान से 650 के पीछे पड़ जाते हो, तो आपका 625+ का स्कोर सुरक्षित हो जाता है !
650 के लिए ये जरूरी है कि बाॅयोलाजी में आप पूरे पूरे 90 अटेम्प्ट लेने की हिम्मत और आदत शुरू से डाल लें ! और हर टेस्ट के बाद, खुद को ऐसे तैयार करें कि सभी 90 सवाल सही हों ! तब जाकर आप 340+ ले पाओगे ! और बायो में 340+ के बिना, 650 को छूना भी असंभव लगता है ! ये आराम से हो सकता है अगर आप थ्योरी की मात्रा और प्रैक्टिस की मात्रा का सही बैलेंस बनाकर शुरू से चलो ! हर टेस्ट के बाद एनालिसिस और हर एनालिसिस के बाद कमजोर पहलुओं पर काम करना और फिर अगले टेस्ट में पूरे पूरे नंबर लाने के लिए जी तोड़ कोशिश की आपको कसम खानी होगी ! प्रैक्टिस आपको ज्यादा से ज्यादा करनी होगी ! कोई कुछ भी कहता रहे, पर प्रैक्टिस के लिए केवल मॉड्यूल पर निर्भर रहनें से काम नहीं चलेगा, इसे गांठ बांध लो ! टाॅपर्स अनंत प्रैक्टिस करते हैं, हर जगह के सवाल की, कई किताबों के सवालों की !
केमेस्ट्री में 45 सवालों में से करीब करीब 42 या 43 अटेम्प्ट लेना, सीखना होगा, शुरू से ही ! केमेस्ट्री के दो तीन सवाल गलत करना या छोंड़ना ! सेलेक्शन के लिए बस इतना ही अफोर्डेबल है ! 160 नंबर तभी लिए जा सकते हैं जब तैयारी यहां पर भी पूरे पूरे नंबर के लिए की जाये ! यहां भी आपको प्रैक्टिस के लिए ढेर सारे सवाल चाहिए होंगे, हर तरह के ! नीट के, जेईई मेन्स के, और एक दो अच्छी किताबों के ! केवल माड्यूल से यहां भी काम नहीं चलेगा !
केमेस्ट्री और बायोलोजी में मैक्सिमम लाया जा सकता है ! ये हर बच्चा कर सकता है ! और सेलेक्शन के लिए हर बच्चे को ये स्ट्रैटेजी लेनी ही होगी, वो किसी भी प्रदेश या कैटेगरी का क्यों न हो ! अगर केमेस्ट्री और बायोलोजी को मिलाकर आप 500 या 510 नंबर निकाल लेते हो तो जीत लगभग पक्की है ! सेलेक्शन की सबसे आसान राह है ये !
रही बात फिजिक्स की, तो यहां आपको एकदम कैलकुलेटेड तैयारी करनी है ! सभी बच्चों को कम से कम 140 नंबर की तैयारी करनी चाहिए ! और उसके लिये आपको आला दर्जे का मेहनती, और बेशरम बनना होगा ! टीचर्स से तब तक पूछते रहो जब तक कांसेप्ट आपको समझ न आ जाये ! टीचर्स से बार बार पूछोगे तो वो तो झल्लाएगा ही ! कुछ न कुछ बोलेगा ही सही ! आपको न सिर्फ टीचर की हर डांट को पितातुल्य मानकर सुनना होगा बल्कि रत्तीभर भी बुरा न मानकर, सीखना होगा ! चीजों को छोंड़ने के हजार बहाने होते हैं ! कुछ बन जाने का एक बहाना पकड़ लो ! प्रैक्टिस के लिए पहले टीचर्स के करवाये सवाल करो, फिर उससे मिलते जुलते सवाल करो ! टीचर्स से मिलते रहो ! वो आपको बताएंगे कि कौन से सवाल करो तो बेसिक्स तैयार होंगे ! वो ये बताएंगे कि फिजिक्स में 140 लाने के लिए आप कैसे आगे बढो ! आप आगे बढो और उनके बताए रास्ते पर एक एक कदम आगे बढो ! 6 महीनों की तैयारी से, फिजिक्स में 140 नंबर लाए जा सकते हैं ! ऐसे मेरे ढेरों शेर आज अच्छे अच्छे मेडिकल कालेज में दहाड़ रहे हैं ! ऐसे बच्चों से बात करना चाहो, तो आना मेरे पास, मैं आपकी बात करवाऊंगा !
एक बात और कहना चाहूँगा ! पूरी क्लास आप हर क्षण ये कोशिश करो कि टीचर के चेहरे से आपकी निगाह न हटे ! निगाह हटते ही टीचर्स की एक दो लाइन छूट जायेंगी और आपका एक सवाल जा सकता है और एक सवाल की वजह से आपको पांच नंबर का नुकसान हो सकता है और इस नुकसान से आपसे आपका ड्रीम मेडिकल कालेज छिन सकता है ! क्लास में भूखे शेर की तरह बैठना ! कि और लाओ, और लाओ, और बताओ, और सिखाओ ! हंसी ठिठोली के प्रयास आप कभी मत करना, ये आत्मधाती होगा ! टीचर खुद ही हर आधे घण्टे में आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएंगे ! आप ये बात ठानकर ही क्लास में बैठो कि क्लास में पढाई गई थ्योरी आप क्लास में ही तैयार कर लोगे ! जब ये बात आप ठान लोगे तो क्लास में आपका कंसंट्रेशन लेवल गजब का बढ जायेगा ! और रूम पर आकर सेल्फ स्टडी में आप थ्योरी के केवल उसी पोर्शन को रिवाज करो जो आपको क्लास में कम समझ आई ! बाकी पूरे क्लास नोट्स में एनसीईआरटी के छूटे प्वाइंट्स को डालो और सीधा प्रैक्टिस करो !
इस साल आप वो कुछ भी मत करना जिसकी वजह से आपको मेडिकल कालेज नहीं मिला ! पुराने तौर तरीके बदलो ! सबकुछ वही और वैसा वैसा करते जाओगे, जो पिछले साल किया था, तो नतीजा फिर वही निकलेगा ! परिणाम बदलना है तो सबकुछ बदल डालो ! केवल मेहनत से सबकुछ नहीं होगा ! सही तरीके से करो ! सही तरीका, लगने वाले समय को कम कर देता है !
मैं तो आजीवन हर कदम तुम्हारे साथ हूँ ! मुझे जो कुछ भी आता है, वो सब तुम सबके कारण और साल दर साल, तुम्हारे साथ रहते रहते ही सीखा है ! और सीखने ये प्रक्रिया चलती ही रहनी है ! आप अपनें दिये खुद बनो ! अपने हिस्से का उजाला तुम्हें खुद पैदा करना है !
अप्प दीपो भव !!