20/08/2026
झारखंड में JPSC परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले की जांच के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान CID को बताया कि अभ्यर्थी सौरभ ने कथित तौर पर एजेंट पवन सिंह से 80 लाख रुपये में सौदा किया था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि रकम सौरभ के पिता के बैंक खाते से भेजी गई थी।
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अगर सरकारी नौकरी पाने के लिए लाखों रुपये का कथित लेन-देन हुआ है, तो यह केवल एक परीक्षा या कुछ अभ्यर्थियों का मामला नहीं रह जाता, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और पूरे नेटवर्क तक पहुंचना बेहद जरूरी है, ताकि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले लाखों युवाओं के साथ अन्याय न हो।
मेरा सवाल है कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर 80 लाख रुपये खर्च करता है, तो नौकरी मिलने के बाद क्या वह उस रकम को किसी न किसी तरीके से वापस निकालने की कोशिश नहीं करेगा? यही वजह है कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार सिर्फ नौकरी बेचने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आगे चलकर पूरी व्यवस्था को खोखला कर सकता है। सरकारी नौकरी योग्यता और मेहनत से मिले, पैसे और पहुंच के दम पर नहीं—यही व्यवस्था और युवाओं, दोनों के हित में है।
#झारखंड #भ्रष्टाचार Kuldeep Kumar Mahto