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मीडिया का काम अफवायें फैलाना नहीं सच्चाई बताना है | SA News Channel | Stop FakeNews On Sant RampalJi 05/07/2024

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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ या झूठ की दुकान?

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाली मीडिया को यदि हम झूठ की दुकान कहें तो इसमें कोई शंका नहीं है। हाल ही में Zee न्यूज़ ने संत रामपाल जी महाराज के बारे में अपनी वेबसाइट पर एक झूठी खबर छापी है जिसमें उन्होंने झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।

मीडिया का काम अफवायें फैलाना नहीं सच्चाई बताना है | SA News Channel | Stop FakeNews On Sant RampalJi मीडिया का काम अफवायें फैलाना नहीं सच्चाई बताना है | SA News Channel | Stop FakeNews On Sant RampalJiChannel Tags: Breaking News,Daily News,World News,Local N...

30/05/2023
30/05/2023

संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 2 से 4 जून 2023 को कबीर साहेब का प्राकट्य दिवस देश भर में 10 सतलोक आश्रमों में मनाया जा रहा है। जिसमें तीन दिवसीय अखंड पाठ, विशाल भंडारा, दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान शिविर, विशाल सत्संग समारोह तथा निःशुल्क नामदीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।

30/05/2023

दहेज रूपी दानव के समूल नाश के लिए संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में होने वाले 626 वें कबीर साहेब प्रकट दिवस के अवसर पर सैंकड़ों दहेज मुक्त विवाह होंगे। इस महासमागम में विशाल भंडारे, निःशुल्क नामदीक्षा का आयोजन भी किया जा रहा है जिसमें आप सभी आमंत्रित हैं।

07/05/2023

By consuming the medicine of
spiritual knowledge,
a living being overcomes his/her intoxication.


To know, Download our Official App "Sant Rampal Ji Maharaj"

27/02/2023


GOD KABIR
came from Satlok and gave Sant Garibdas Ji
initiation to
in 1727 A.D.
(Falgun mah, sudi, dwadashi).
So this day is celebrated as the Bodh Diwas of Sant Garibdas Ji Maharaj.
⏩Must Read The spiritual book "JINE KI RAH"

11/06/2022



कहाँ से आया कहाँ जाओगे, खबर करो अपने तन की।
कोई सदगुरु मिले तो भेद बतावें, खुल जावे अंतर खिड़की।।

भावार्थ: जीव कहाँ से आया है और कहाँ जाएगा? पंडित और मौलवी इसका जबाब धर्मग्रंथों से देते हैं। कबीर साहब कहते हैं कि इस प्रश्न का सही जवाब चाहिए तो किसी सद्गुरु की मदद लो। जब तक अंतर आत्मा से परमात्मा को पाने की कसक नहीं उठेगी तब तक जीव को इस सवाल का सही जवाब नहीं मिलेगा कि इस दुनिया में वो कहाँ से आया है और एक दिन शरीर छोड़ने के बाद कहाँ जाएगा। वर्तमान में सच्चा सदगुरु रामपाल जी महाराज हैं।

।। शांति संदेश ।। By

09/06/2022

निमंत्रण पत्र :-

14 june 2022

09/06/2022

08/06/2022

14 जून कबीर प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में जरूर जानें सभी संतो की वाणियों में कबीर साहेब जी का विशेष गुणगान ।

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी चारों युगों में आते हैं और अपनी महिमा का गुणगान स्वंम किया करते हैं। तथा सत भक्ति से अवगत कराकर सतलोक लेकर जाते हैं उन संतों ने कबीर साहिब जी की महिमा का कलम तोड़ वर्णन किया है।

जिन संतों को पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी मिले हैं उनका नाम निम्न है:-
1.आदरणीय धर्मदास साहेब
2 आदरणीय गरीबदास साहेब
3. आदरणीय नानक साहेब
4.आदरणीय दादू साहेब
5. आदरणीय मूलक दास साहेब

और भी संतों को परमात्मा आकर सतलोक से मिले उन्होंने अपनी वाणियों में कहा है कि:-

दादू नाम कबीर की, जै कोई लेवे ओट ।।
उनको कबहु लागे नहीं, काल वज्र की चोट ।।

केहरी नाम कबीर का, विषम काल गजराज ।।
दादू भजन प्रताप से, भागै सुनत आवाज ।।

गरीब, सब पदवी के मूल हैं,सकल सिद्धि तीर ।।
दास गरीब सत्पुरुष भजो,अविगत कला कबीर ।।

गरीब जम जौरा जासे डरें, मिटें कर्म के लेख।।
अदली असल कबीर हैं, कुल के सतगुरु एक ।।

जपो रे मन सतगुरु नाम कबीर।।
जपो रे मन परमेश्वर नाम कबीर।

तेरा एक नाम तारे संसार, मैं ऐहा आस एहो आधार।

हरदम खोज हनोज हाजर, त्रिवैणी के तीर हैं।
दास गरीब तबीब सतगुरु, बन्दी छोड़ कबीर हैं।।

हम सुल्तानी नानक तारे, दादू कूं उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद नहीं पाया, काशी माहे कबीर हुआ।।

इन संतों की वाणी से स्पष्ट होता है कि वह परमात्मा सतलोक से चलकर पृथ्वी लोक पर आकरअच्छी आत्माओं को मिलते हैं और इनका प्रमाण सभी सद्ग्रंथ में मिलता है।
जैसे कि ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18

कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि की पदवी प्राप्त करता है अर्थात् उसे कवि कहने लग जाते हैं। इन सब से स्पष्ट होता है कि वह परमात्मा साकार है सशरीर है उसका नाम कबीर है। और वही पूर्ण परमात्मा है।




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05/06/2022

14 जून कबीर प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में जरूर जानें कबीर साहेब जी का अद्भुत तत्वज्ञान

वेदों में प्रमाण है कि परमात्मा पृथ्वी पर प्रकट होकर यथार्थ आध्यात्म ज्ञान स्वयं अपने मुख से बोली वाणी में बताता है जो सूक्ष्म वेद यानी तत्वज्ञान कहा जाता है। कबीर जुलाहा पूर्ण परमात्मा है उन्होंने जो आध्यात्मिक ज्ञान अपनी कबीर वाणी में बोलकर बताया है वह सूक्ष्मवेद यानी तत्वज्ञान है। यह संपूर्ण सत्य आध्यात्म ज्ञान है। कबीर जी का ज्ञान तोप यंत्र के गोले के समान है जो अज्ञान रूपी दुर्ग को ढहाकर मैदान बना देता है।

कबीर परमेश्वर ने ही सतलोक के विषय में बताया कि ऊपर एक ऐसा लोक है जहां सर्व सुख है। वहां कोई कष्ट नहीं है।
वहां शरीर पांच तत्वों का नहीं है सिर्फ नूरी तत्व का है।
जिसकी गवाही संत गरीबदास जी ने दी है।
संखों लहर मेहर की ऊपजैं, कहर नहीं जहाँ कोई।
दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।।

तीनों देवताओं (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की वास्तविक स्थिति से परिचित करवाते हुए परमात्मा कबीर जी ने कहा :-
तिनके सुत हैं तीनों देवा, आंधर जीव करत हैं सेवा।

कबीर साहेब ने ही हमें तत्वज्ञान से अवगत कराया कि हमें जन्म देने व मारने में काल (ब्रह्म) प्रभु का स्वार्थ है जोकि श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 11 श्लोक 32 में कहता है कि मैं बढ़ा हुआ काल हूँ अर्जुन।

काल कौन है, कहां रहता है, वह हमें कष्ट क्यों देता है, काल के सभी कार्यों के बारे में परमात्मा कबीर जी ने ही विस्तार से बताया है।

सभी धर्म के धर्मगुरुओं ने आज तक यही बताया है कि परमात्मा/रब/गॉड/अल्लाह/खुदा निराकार है, उसका केवल प्रकाश देखा जा सकता है।
लेकिन सर्वप्रथम कबीर जी ने इसका खंडन करते हुए बताया कि परमात्मा/अल्लाह/गॉड साकार है, नराकार है।

आज का समाज परमात्मा कबीर जी को एक सामान्य संत समझता है जबकि अपनी महिमा बताते हुए परमात्मा कबीर जी ने हमें बताया कि वही सृष्टि के रचनहार हैं और चारों युगों में आते हैं।
सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता नाम मुनिन्दर मेरा।
द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।।

कबीर परमेश्वर जी ने शास्त्रानुकूल भक्ति तथा शास्त्रविरूद्ध भक्ति का भेद बताया।
शास्त्र अनुकूल साधना करने से सुख व मोक्ष संभव है तथा शास्त्रविरूद्ध साधना करने से जीवन हानि तथा नरक व चौरासी का कष्ट सदैव बना‌ रहेगा।
(गीता अ.16, श्लोक 23-24)

आज तक किसी ऋषि, महर्षि धर्मगुरू ने सृष्टि रचना की सही जानकारी नहीं दी।
कबीर परमेश्वर जी ने सृष्टि रचना की यथार्थ जानकारी दी। जिसका भेद आज केवल जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने ही बताया है।




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