Education of ISLAM

Education of ISLAM This page belongs to education of Islam. History of Islamic Education.. Aims and Objectives of Islam

“एक वक़्त था…जब निकाह में सुन्नत की खुशबू होती थी…सादगी होती थी…हया होती थी…दुआएँ होती थीं…और आज…?रुसूम के नाम परग़ैर मह...
07/05/2026

“एक वक़्त था…
जब निकाह में सुन्नत की खुशबू होती थी…
सादगी होती थी…
हया होती थी…
दुआएँ होती थीं…

और आज…?
रुसूम के नाम पर
ग़ैर महरम के सामने हंसी-मज़ाक…
नाच…
गाने…
वीडियो…
सोशल मीडिया की नुमाइश…
दुल्हन बेटी कम…
content ज़्यादा बन गई…

कभी सोचा…?
जिस बेटी को पर्दे में रखना था
आज उसी की वीडियो लाखों लोगों तक पहुँच रही है…
शैतान गुनाह को अचानक नहीं लाता…
पहले उसे ‘रिवाज’ बनाता है…
फिर ‘मस्ती’…
फिर इंसान को गुनाह महसूस होना भी बंद हो जाता है…
हल्दी की रसम को ही देख लो जो कुछ उसके नाम पर हो रहा है…

क्या सच में अल्लाह को पसंद होगा?
कल यही शादी
अगर सुन्नत के तरीक़े पर हो
तो उसमें बरकत उतरती है…
और जब शादी की शुरुआत ही
बेहयाई और दिखावे से हो
तो फिर सुकून क्यों मिलेगा…?

अभी भी वक़्त है…
शादी को आसान बनाओ…
सुन्नत वाला बनाओ…
क्योंकि सबसे ख़ूबसूरत निकाह
वो है जिसमें अल्लाह की नाराज़गी नहीं…
बल्कि रहमत उतरती हो…”

11/02/2026

इस्लाम के अनुसार इंसानियत (Humanity) पर विचार
इस्लाम में इंसानियत को बहुत ऊँचा दर्जा दिया गया है। इस्लाम सिखाता है कि इंसान सिर्फ इबादत ही नहीं करे, बल्कि अपने व्यवहार, सोच और कर्मों से भी मानवता की सेवा करे।

1. हर इंसान की इज़्ज़त
क़ुरआन में अल्लाह फ़रमाता है:
“और निश्चय ही हमने आदम की संतान को सम्मान दिया।”
(सूरह अल-इसरा 17:70)

👉 इस्लाम के अनुसार हर इंसान सम्मान के योग्य है, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या देश का हो।

2. दया और करुणा
हज़रत मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया:
“जो लोगों पर रहम नहीं करता, अल्लाह उस पर रहम नहीं करता।”
👉 गरीब, बीमार, अनाथ, बुज़ुर्ग और ज़रूरतमंदों पर दया करना इंसानियत का मूल है।

3. न्याय और बराबरी
इस्लाम में सभी इंसान बराबर हैं।
हज़रत मुहम्मद ﷺ ने कहा:
“किसी अरबी को अजमी पर और किसी अजमी को अरबी पर कोई श्रेष्ठता नहीं, सिवाय तक़वा (परहेज़गारी) के।”
👉 रंग, नस्ल या हैसियत से कोई बड़ा नहीं होता।

4. मदद और सेवा
इस्लाम सिखाता है कि दूसरों की मदद करना सबसे बड़ी नेकी है।
“लोगों में सबसे अच्छा वह है जो लोगों के लिए सबसे ज़्यादा लाभकारी हो।”
👉 भूखे को खाना देना, दुखी को सहारा देना और कमज़ोर की मदद करना इंसानियत है।

5. अमन और भाईचारा
इस्लाम शांति का धर्म है।
“एक इंसान की जान बचाना पूरी मानवता को बचाने जैसा है।”
(सूरह अल-माइदा 5:32)
👉 नफ़रत, ज़ुल्म और हिंसा के ख़िलाफ़ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है।.
निष्कर्ष
इस्लाम के अनुसार इंसानियत का मतलब है:
प्रेम ❤️
दया 🤲
न्याय ⚖️
ईमानदारी
और शांति ☮️.....

13/11/2024

बटोगे तो कटोगे से अच्छा नारा यदि पढ़ोगे तो बढ़ोगे दिया होता तो
समाज की दशा और दिशा दोनों सुधर सकती हैं।

09/11/2024
26/10/2024

ी_अल्लाह_का_रास्ता_है

एक व्यक्ति पैग़म्बरे इस्लाम के पास से गुज़रा तो आपके असहाब(संगि साथियों) ने ताक़तवर शरीर और उसकी चुस्ती को देखकर आश्चर्य प्रकट किया और कहने लगे:
या रसूलुल्लाह:(काश) इस व्यक्ति की ताक़त व जवानी और चुस्ती व फुर्ती अल्लाह के रास्ते में ख़र्च होती!!
पैग़म्बर ने फ़रमाया:
यदि यह व्यक्ति घर से इसलिए निकला कि अपने छोटे बच्चों के लिए दौड़ धूप करे तो यह अल्लाह के रास्ते में है-
यदि यह इसलिए निकला कि अपने बूढ़े माता पिता की ज़रूरतें पूरी करे तो यह अल्लाह ही के रास्ते में है-

यदि यह इसलिए निकला कि किसी के आगे अपना हाथ फैलाने से बचाए तो यह अल्लाह के रास्ते में ही कहलाएगा-

यदि यह अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के उद्देश्य से निकला तो इसे भी अल्लाह का रास्ता ही कहा जाएगा-
हाँ यदि यह घर से इस नीयत से निकला है कि दूसरों पर गर्व और बड़ाई जताए और अपनी दौलतमंदी का प्रदर्शन करे तो इस की यह कोशिश शैतान के रास्ते में शुमार होगी ।

ईरान में एक शख़्स सड़कों पर सफाई का काम करता था। एक दिन उसकी बेटी से सड़क पर मुलाकात हो गई।...पिता ने कहा: बेटी, किसीको बता...
25/10/2024

ईरान में एक शख़्स सड़कों पर सफाई का काम करता था। एक दिन उसकी बेटी से सड़क पर मुलाकात हो गई।...

पिता ने कहा: बेटी, किसीको बताना नही कि मैं तुम्हारा बाप हूं और इधर सफाई का काम करता हूं, इससे तुम्हारी इंसल्ट होगी।..

बेटी ने अपने पिता के साथ एक तस्वीर खींची और सोशल मीडिया पर शेयर किया, साथ ही लिख दिया की ये मेरे वालिद है जो सड़कों पर सफाई का काम करते हैं और मुझे मेरे पिता पर गर्व है जो खुद भी हलाल रिज़्क खाते है और मुझे भी खिलाते है। ...

Shakir Hussain
Sahroon
Akil khan
Aamir....
Sheikh Azra Khan

16/10/2024

अच्छे दिन नमाज से आते हैं ना कि सरकार से

नमाज कायम करो बस
या अल्लाह सभी को नमाज पढ़ने की तौफीक अता फरमाए...

14/10/2024

औरत बहुत खूबसूरत हस्ती है....!

सबूत चाहिए तो अपनी माँ को देख लो..!!❤️...

14/10/2024

کوٹھے پہ صرف عورت کا جسم نہیں

مرد کا ایمان بھی بکتا ہے...

14/10/2024

ख़ुदा की लाठी बेआवाज़ है
मगर जब चलेगी तो चीख़ उठोगे।
ज़ुल्म के बाद इंसाफ़ का दौर आता है।
आएगा। आना ही है।

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