Maharshi Patanjali Yog evm Prakritik Chikitsa Parishad, Himachal Pradesh
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01/08/2023
#शतावरी (Asparagus racemosus)
शतावरी बहुत कोमल ओषधि है जिसमें मानव शरीर,खास कर महिलाओं के लिए व्यापक लाभ होते हैं।
यह एक झाड़ीनुमा सहारा लेकर फैलने वाली लता है, जिसकी औसतन ऊंचाई 1-3 मीटर होती है। इसके पत्ते बारीक और छोटे नीडल की तरह होते है। इसके तने पर उल्टे कांटे होते है जो इसको ऊपर चढ़ने के लिए सहारा देने में काम आते है। इसकी जड़ें गुच्छे में होती है। इसके फूल सफेद रंग के और अच्छी सुगंध वाले होते हैं और इसका परागकोष जामुनी रंग का और फल जामुनी लाल रंग का होता है। यह भारत के हिमालयी व अन्य पहाड़ी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी क्षेत्रों में भी आराम से मिल जाती है। नर्सरियों में ये 30-50 रुपये में मिल जाती है। इसको बीज से या कन्द से आसानी से उगाया जा सकता है।
*उपयोग*
इसकी अंगुलिनुमा जड़े जो सफेद रंग की होती है वही इस्तेमाल होती है। इसकी 500 टन जड़ों का प्रयोग भारत में हर साल दवाइयों के उत्पादन में किया जाता है। शतावरी से तैयार दवाइयों का प्रयोग गैस्ट्रिक अल्सर, अपच और तंत्रिका संबंधी विकारों के लिए किया जाता है।
शतावरी आयुर्वेद में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण औषधि है। यह मुख्य रूप से महिलाओं में हार्मोन असंतुलन को ठीक करने और महिला प्रजनन स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग पीरियड्स के दौरान रक्त संचार में सुधार करने, नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने और हार्मोनल फंक्शन को बेहतर करने के लिए किया जाता है। इसे एक रिप्रोडक्टिव टॉनिक के रूप में भी जाना जाता है।
एक अध्ययन के अनुसार,शतावरी में सल्फोराफेन नामक एक यौगिक पाया जाता है, जो किमो प्रिवेन्टिव (कैंसर रोधी) गुण से समृद्ध होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए शतावरी लाभदायक हैं। इस में मौजूद विटामिन और मिनरल प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
इसे तेजी से वजन कम करने में और यूटीआई में भी उपयोग माना जाता है।
पेट से संबंधित समस्या में इसे शहद के साथ सेवन सुबह सुबह खाली पेट करना चाहिए। इससे दस्त जैसी समस्या से भी छुटकारा मिलता है।
शतावरी की जड़ को, अगर दूध में मिलाकर पिया जाए,तो इससे आंखों से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
बालों को मज़बूत और लंबे करने के लिए हर दिन अश्वगंधा और शतावरी का चूर्ण दूध के साथ पीना चाहिए।
इसके बहुत सारे लाभ होने के बावजूद भी इसका उपयोग सावधानी वैद्य की सलाह से करना चाहिए।
अगर शतावरी को सीधे फेस पर लगाया जाए, तो इससे एलर्जी हो सकती है।
जिनको प्याज और लहसुन से एलर्जी हैं, उन्हें शतावरी के सेवन से बचना चाहिए।
जिन लोगों को दिल की बीमारी या फिर किडनी की समस्या हो, उन्हें इसका सेवन वैधकिय सलाह से ही करना चाहिए।
हालांकि गर्भवती स्त्री के लिए यह अच्छा होता है, लेकिन फिर भी सेवन के पहले वैध से सलाह अवश्य लें
28/07/2023
हिमाचल की उड़न पारी " #बक्शो_देवी" जिन्होंने #ऊना
जिले के इंदिरा स्टेडियम में 5000 मीटर रेस में नंगे पैर दौड़ कर गोल्ड मैडल जीता है, पेट में
पथरी के दर्द के बावजूद वह लगातार दौड़ती रही
पिता का साया सर पर ना होने के बावजूद इस बहादुर बेटी की अदुभत दौड़ देखकर
सबकी आँखें नम हो गयी
उड़न पारी को तहे दिल से बधाई
10/04/2022
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी की कृपा से हमारा जीवन आनंदमय रहे इन्ही शुभकामनाओं के साथ सभी को रामनवमी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
19/03/2022
पद्मासन- दोनों पैर विपरीत दिशा में दोनों जाँघों पर रखें। तलवा ऊपर की ओर रहे और एड़ी कूल्हे की हड्डी का स्पर्श करे। सिर, मेरुदण्ड सीधे रहें और कन्धे तनाव मुक्त ।।
लाभ- शारीरिक स्थिरता,मन शान्त। प्राण शक्ति का सुषुम्ना में प्रवाह, जठराग्नि तेज।
18/03/2022
होली पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। हर्ष, उल्लास और सौहार्द का प्रतीक यह उत्सव आपके जीवन में नए उमंग और उत्साह का संचार करे।
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