Karm path

Karm path Jay chandrashekhar (azad).

19/02/2026

⚠️ “शादी क्यों नहीं हो रही?”
इसकी वजह कुंडली के ये छिपे 11 योग होते हैं.
इन 11 संकेतों को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.
अविवाहित रहने के प्रमुख योग.. सरल उदाहरण के साथ
(अगर कई साथ हों → शादी में बड़ी रुकावट)

➤ 1) सूर्य / शनि / मंगल 5वें या 7वें भाव में या दृष्टि
• रिश्ता तय होकर टूट जाना
• छोटी बात पर बड़ा झगड़ा
• परिवार राजी, पर अचानक मना
➤ 2) शुक्र 6 / 8 / 12वें भाव में
• शादी की बात शुरू ही देर से
• अच्छे रिश्ते हाथ से निकलना
• मन ही नहीं बनना शादी का
➤ 3) शुक्र पाप ग्रहों से घिरा (शनि, मंगल, सूर्य, राहु)
• रिश्ते आते हैं पर टिकते नहीं
• पार्टनर बदलते रहते हैं
• गलत लोगों की ओर आकर्षण
➤ 4) गुरु पाप ग्रहों के नक्षत्र में
• परिवार बार-बार चिंता में
• सही सलाह मिलकर भी काम न बने
• शादी की बात टलती रहे
➤ 5) शुक्र पाप ग्रहों के नक्षत्र में
• प्रेम संबंध टूट जाना
• भरोसे की समस्या
• रिश्ता बनकर खत्म हो जाना
➤ 6) पंचमेश / सप्तमेश पाप नक्षत्र में
• लव मैरिज में रुकावट
• बात आगे बढ़कर रुक जाना
• सही समय पर गलत घटना
➤ 7) पंचमेश 7वें में + सप्तमेश 5वें में
• दिल और शादी में उलझन
• एक व्यक्ति पसंद, शादी किसी और से तय
• निर्णय लेने में बहुत देर
➤ 8) सूर्य + शनि साथ 7वें भाव में
• रिश्तों में दूरी
• पार्टनर सख्त या ठंडा स्वभाव
• साथ होकर भी अकेलापन
➤ 9) चंद्र + शनि साथ 7वें में
• भावनात्मक खालीपन
• डर या असुरक्षा रिश्तों में
• जल्दी निराश होना
➤ 10) चंद्र / शुक्र से 7वें में मंगल + शनि
• झगड़े और तनाव
• आकर्षण है पर शांति नहीं
• रिश्ता भारी लगना
➤ 11) शनि 7वें या लग्न में + सूर्य 7वें में
• शादी बहुत देर से
• बार-बार रुकावट
• जिम्मेदारियों के कारण टालना

सबसे जरूरी बात
✔ एक योग = छोटी बाधा, मगर विवाह रुकता नहीं है
✔ कई योग साथ = मजबूत बाधा
✔ इसलिए पूरी कुंडली देखी जाती है

क्या आपकी कुंडली में हैं ये योग ?
क्या आपकी शादी हो गयी ? या आप अपनी शादी में खुश हैं ?

20/01/2025

Wo iskon wale knha gye Jo California jalne m hns rage the condition knhi bhi ho sakti h

09/01/2025
02/01/2025

झंडू प्रदेश‌ के जाहिलों का दो मूड है - ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं और आज ही इधर के सारे तीर्थ स्थल, मंदिरों के बाहर लंबी लाइन है। निकलने के बाद फिर वही चकबोदी - ये नववर्ष हमें श्नवीकार नेहीं हे अपना ये त्योहार नेहीं
🤣🤣 गज़ब दोगले नीच है 🤣

21/02/2024

# 🌺**कैसे पहचानें अपने चार्ट की ताकत**
# **भाग ---- पहला**

हमारे चार्ट की ताकत हमारे मानसिक/भावनात्मक कल्याण में दृढ़ता से प्रतिबिंबित होगी, जो हमें जीवन में सही कार्य/निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। आज, हम आपके चार्ट की ताकत पर नेविगेट करने और उसका मूल्यांकन करने के लिए कुछ प्रकाश डालेंगे।

# 🌺**अस्वीकरण**

यह एक व्यक्तिगत अवलोकन और राय है जो प्रयोगों और शोधों द्वारा निष्कर्ष निकाला गया है। चार्ट के अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। यह केवल एक सामान्य अवलोकन है इसलिए सीधे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचें, कम जानकारी खतरनाक हो सकती है।

# 🌺**वैदिक ज्योतिष में कुंडली की ताकत मापने का मुख्य स्तंभ**

वैदिक ज्योतिष में हमारे चार्ट की ताकत का विश्लेषण करने के विभिन्न तरीके हैं। लेकिन आपको अपने चार्ट में 4 मुख्य स्तंभों का अवलोकन करना होगा। यदि चार में से दो बिंदु कमजोर स्थिति और स्थान पर हैं, तो उपचारात्मक माप और आध्यात्मिक अभ्यास की आवश्यकता होगी:

1- चंद्रमा की स्थिति: यह हमारी मानसिक और भावनात्मक स्थिति, अधिक विशिष्ट रूप से कहें तो हमारी सोच के पैटर्न को दर्शाता है। चंद्रमा को दुस्थान घरों में स्थित नहीं होना चाहिए, विशेष रूप से 8वें और 12वें घरों में, क्योंकि यह किसी ऐसे व्यक्ति को इंगित करता है जो नकारात्मक सोच के पैटर्न में फंस सकता है।

कुछ मामलों में, यदि आपकी कुंडली में कर्क राशि पर अशुभ ग्रहों का कब्जा है (पुष्य नक्षत्र में शनि को छोड़कर), तो यह संकेत दे सकता है कि व्यक्ति लिंग के बावजूद स्वभाव से बहुत संवेदनशील होगा। यह अत्यधिक सोचने/अतिविश्लेषण करने वाले व्यक्तित्व को प्रकट कर सकता है, इसलिए, चंद्रमा के लिए उपचारात्मक माप की आवश्यकता है।

2- लगन स्वामी और लगन में स्थित ग्रह ,स्वामी 6वें, 8वें और 12वें भाव से / में होने से बचना चाहिए...

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07/02/2024

🚩🚩ॐ शान्ताकार शिखर सयनं सर्पहारं सुरेशं विश्वाधारं स्फटिकसदृशं शुभ्रवर्ण शुभांगं । गौरीकान्तं दहननयनं योगीभिर् ध्यान गम्यं बन्दे शम्भुम् भवभयहरं सर्व्वलोकैकनाथं ॥राम राम 🙏🙏l

05/02/2024

राहु/केतु पर विचारणीय दृष्टि

1- छठें भाव का राहु धन-सम्पति और दीर्घायु को प्रतिपादन करता हैं जबकि बारहवें भाव का केतु लौकिक लाभ के आनन्द के बाद मोक्ष देता हैं।

2- कन्या, वृश्चिक व मीन राशि में राहु हो और उसका स्वामी केन्द्र या त्रिकोण में बैठा हो तो अतिश्रेष्ठ परिणाम l

3- मेष, वृषभ और कर्क राशि का राहु धन-सम्पति, शिक्षा, शासन का अनुग्रह और एक सुन्दर जीवन देता हैं। साथी

4-राहु या केतु त्रिकोणेश के साथ युति करके नवम या दशम में हो तो शुभ ग्रह की तरह काम करते हैं।

05/02/2024

Kundli m jitna subh lagnesh hota h
Jaimeni method m utna hi atma karak hota h
Jaimeni method m saat karak diye h
A. K (atmkarak)
Am. K. (Amtya karak)
B. K. (Bhrit karak)
M. K. (Matr karak )
P. K. (Piutra, pitr karak)
G. K. (Gyati karak)
D. K. (Dara karak)

05/02/2024

तिलक लगाने का मन्त्र -

चन्दनं वन्द्यते नित्यं पवित्रं पापनाशनम्। आपदां हरते नित्यं लक्ष्मीर्वसति सर्वदा ॥

चन्दन प्रतिदिन वंदन (अनुलेपन) के योग्य है, क्योंकि यह पवित्र है, पाप का नाश करने वाला है, आपदाओं को नष्ट करता है, इसमें सदैव लक्ष्मी का वास है।

सिन्दूर लगाने का मन्त्र -

सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। सुखदं कामदं चैव सीमन्ते धारयाम्यहम्॥

यह सिंदूर सुंदर है, रक्तवर्ण का है, सौभाग्य और सुख की वृद्धि तथा प्राप्ति कराता है, इच्छाओं को पूर्ण करता है, अतएव इसे मैं अपनी मांग में धारण करती हूँ।

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