Amina Public School Bhuriyaki

Amina Public School Bhuriyaki

Share

Our main motto is to provide the best possible education to children so that they do not lag behind anyone in the journey of life.

We also aim to impart proper education of etiquette and manners to children so that they can benefit the people around them.

24/12/2025

Abu Ali Ibn Abdallah Ibn Sina (Avicenna)
अबू अली इब्न अब्दुल्लाह इब्न सीना (यूरोप ने नाम दिया: एवीसीना)

जब हम दुनिया को देखते हैं,
तो हमें बहुत-सी चीज़ें नज़र आती हैं,
इंसान, पेड़, जानवर, पहाड़, सितारे,
लेकिन दार्शनिक लोग
चीज़ों को सिर्फ़ देखते नहीं,
बल्कि यह पूछते हैं कि ये हैं ही क्यों?

अबू अली इब्न अब्दुल्लाह "इब्न सीना" ने भी
यही सवाल उठाया,
और फिर उसका जवाब ढूंढने के क्रम में
इब्ने सीना ने existence को तीन भागों में बाँटा;
1 - Impossible Being (ممتنع الوجود)
2 - Contingent Being (ممکن الوجود)
3 - Necessary Being (واجب الوجود)

अब प्रश्न उठता है कि
ये Impossible Being क्या होता है?
कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं
जिनका होना ही possible नहीं होता,
जैसे...
चौकोर वृत्त (square circle),
इनमें खुद ही contradiction है,
क्योंकि कोई चौकोर चीज़ गोल नहीं हो सकती…
इनका न होना पूरी तरह clear है,
इब्ने सीना ऐसी चीज़ों को कहते हैं
Impossible Being (Mumtani‘ al-Wujood),
यानी जो exist ही नहीं कर सकती,
जिनके बारे में सोच भी लेना logical गलती है…

अब हम अपने आसपास देखें,
आप exist करते हैं,
मैं exist करता हूँ,
ये धरती और आसमान exist करते हैं,
लेकिन सवाल यह है,
क्या इन सबका होना भी उतना ही ज़रूरी है,
जितना Impossible चीज़ों का न होना ज़रूरी है?
जवाब है.... नहीं,
मेरा और आपका न होना कोई contradiction नहीं था,
दुनिया ऐसे भी हो सकती थी,
कि आप पैदा ही न होते,
इब्ने सीना ऐसी चीज़ों को कहते हैं,
Contingent Being (Mumkin al-Wujood)
यानि जिनका होना possible है
और न होना भी possible है…

Contingent चीज़
अपने आप क्यों नहीं हो सकती?
अगर कोई चीज़ contingent है,
तो वह अपने आप exist नहीं कर सकती,क्यों?
क्योंकि उसके पास खुद को exist करने की power नहीं है,
उदाहरण के लिए,
घर अपने आप नहीं बनता,
बच्चा अपने आप पैदा नहीं होता,
हर contingent चीज़ के पीछे कोई न कोई cause होता है,

अब कोई पूछ सकता है...
"ठीक है, हर चीज़ का cause है,
लेकिन उस cause का भी cause होगा,
फिर उसका cause…
और ये chain चलती ही रहे”

इब्ने सीना कहते हैं,
अगर हर cause खुद contingent है,
तो पूरी chain ही dependent होगी,
और dependent चीज़ें मिलकर भी,
independent नहीं बन सकतीं…

इसका एक आसान उदाहरण है,
मान लीजिए,
दस लोग एक-दूसरे से सहारा लेकर खड़े हैं,
लेकिन कोई ज़मीन पर नहीं खड़ा,
तो क्या कोई खड़ा रह पाएगा?
नहीं,
कुछ तो ऐसा होना चाहिए, जो खुद खड़ा हो…

यहीं से आता है Necessary Being का कॉन्सेप्ट,
इब्ने सीना कहते हैं,
अगर contingent चीज़ें exist करती हैं,
तो एक ऐसा Being ज़रूर होना चाहिए
जो contingent न हो,
किसी cause पर depend न करता हो,
जिसका न होना impossible हो,
इसे कहते हैं, Necessary Being (Wajib al-Wujood)
यानि, जो exist करता ही करता है,
जिसकी existence borrowed नहीं है,
जो existence का source है…
Philosophy of contingency के अंतर्गत
यही Necessary Being ख़ुदा के होने की दलील है…

Md Iqbal

23/12/2025
21/12/2025

इल्म की असली ताकत है ज्ञान की गहराई में छिपी हुई। मुफ्ती साहब ने हमें दिखाया है कि इल्म की कोई सीमा नहीं होती। आज वह अपने भ्रम को दूर कर लें जो यह सोचते हैं कि नौकरी पाना ही असल इल्म है।

इल्म ही है जो हमें जीवन के हर पहलू में आगे बढ़ने का हौसला देता है। यह हमें दुनिया के सामने खड़ा होने का आत्मविश्वास देता है।

मुफ्ती साहब को सलाम! 🤝 अल्लाह पाक उन्हें हिफाज़त में रखे और हम सभी को अच्छे इल्म से नवाजे।

14/12/2025

बिहार के नवादा में मोहम्मद अतहर हुसैन की नृशंस हत्या कर दी गई।

हत्या से पहले उनकी पैंट उतारकर यह देखा गया कि वे मुस्लिम हैं या नहीं। फिर उन्हें गर्म रॉड से मारा, रॉड से मारकर सिर फोड़ दिया।

धारदार हथियार से उनके कान काटे। कोई उनकी उंगलियां तोड़ रहा था, तो कोई सीने पर चढ़कर गला दबा रहा था। यहां तक कि उनके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाल दिया गया।

इस भीषण यातना की वजह से अतहर हुसैन की मौत हो गई। इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

ये घटना समाज पर कलंक है। ये BJP की नफरती राजनीति का नतीजा है, जिसकी चपेट में आकर लोग इंसानियत को भूल रहे हैं और इस तरह की हैवानियत को अंजाम दे रहे हैं।

BJP और RSS की नफरती विचारधारा ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है।

13/12/2025

साहिब खान (भोरीगांव डीग राजस्थान)की कामयाबी
हमें यह सिखाती है कि
हालात रास्ता नहीं रोकते
अगर हौसला जिंदा हो।
गांव, संसाधन और माहौल
कभी भी सपनों की सीमा तय नहीं करते।
आज साहिब खान ने यह दिखा दिया
कि मेवात के बच्चे
सिर्फ मेहनत का मौका चाहते हैं
दया नहीं।
आइए
अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें
उनके सपनों का मजाक नहीं, साथ दें
क्योंकि
आज साहिब खान है
कल यह नाम हमारे घर से भी निकल सकता है।
मेवात जिंदाबाद
हौसला जिंदाबाद

Want your school to be the top-listed School/college in Nuh?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Nuh

Website

Address


Vill. Bhuriyaki P. O Punhana Distt. Nuh (mewat)
Nuh
122107