19/08/2026
#पाठशाला❤️💜💙💚
PT में सिर्फ GK पूछना, Subject-Specific Teacher के साथ अन्याय है!
जरा सोचिए...
अगर किसी स्कूल में 11वीं–12वीं के लिए Mathematics Teacher चाहिए, तो उस Teacher की सबसे बड़ी योग्यता क्या होनी चाहिए?
Mathematics का ज्ञान।
लेकिन अगर भर्ती की PT में Mathematics का एक भी सवाल नहीं पूछा जाए और सभी Subject-Specific Teachers को सिर्फ GK/GS के आधार पर परखा जाए, तो यह कितना उचित है?
मान लीजिए एक व्यक्ति ने MSc Mathematics किया है, वर्षों से 11वीं–12वीं के बच्चों को Mathematics पढ़ा रहा है और Mathematics उसका पूरा career है।
दूसरी तरफ एक ऐसा candidate है जो कई वर्षों से SSC, BPSC या दूसरी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। उसकी GK बहुत अच्छी है, लेकिन Mathematics कमजोर है।
PT में अगर सिर्फ GK पूछी जाएगी, तो GK वाला candidate आगे निकल सकता है और Mathematics का expert candidate PT में ही बाहर हो सकता है।
और यहाँ सबसे बड़ी बात है—
अगर PT के बाद कुल vacancies के केवल 2.5 गुना candidates को ही Mains में जाने का मौका मिलेगा, तो PT में बाहर हुआ Mathematics expert Mains की 80 marks की Mathematics परीक्षा देगा ही कैसे?
यानी जिस परीक्षा में उसकी असली योग्यता—Mathematics—जाँची जानी थी, वह वहाँ पहुँच ही नहीं पाएगा।
यह केवल Mathematics Teacher की बात नहीं है।
यही सवाल Chemistry, Physics, Biology, Hindi, English, History, Political Science और 11वीं–12वीं के हर Subject-Specific Teacher के लिए है।
हम GK के खिलाफ नहीं हैं।
GK हर शिक्षक के लिए जरूरी है।
लेकिन...
GK में अच्छा होना और किसी विषय का अच्छा Teacher होना—दो अलग बातें हैं।
अगर सरकार को 11वीं–12वीं के लिए अच्छे Subject Teachers चाहिए, तो selection process में उनके Subject Knowledge को शुरुआत से ही उचित महत्व मिलना चाहिए।
हमारी मांग सरल है:
PT में Concerned Subject के questions शामिल किए जाएँ, या Subject-wise अलग screening की व्यवस्था की जाए।
क्योंकि सवाल किसी एक candidate के selection का नहीं है।
सवाल है—
क्या हमारे 11वीं–12वीं के बच्चों को उनके विषय का सबसे योग्य Teacher मिलेगा?
अगर आप इस बात से सहमत हैं, तो इस आवाज को ज्यादा से ज्यादा Teachers, Students, Parents और Candidates तक पहुँचाएँ।
❤️❤️
ाठशाला❤️❤️