अनंत ज्ञान : राजीव दीक्षित

अनंत ज्ञान : राजीव दीक्षित

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अनंत ज्ञान के महासागर राजीव दीक्षित ज?

29/06/2020

अंग्रेज़ी शिक्षा पद्धति समय की बर्बादी है।
समाधान :
#वोट_वापसी_पासबुक : शिक्षा मंत्री/अधिकारी को कभी भी हटाया जा सकेगा
#जूरी_कोर्ट : उसको सज़ा भी दिया जा सकेगा वो भी जनता के द्वारा
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कम से कम महीने में एक ट्वीट ज़रूर कीजिए
👉 " #वोट_वापसी_पासबुक और #जूरी_कोर्ट को गैजेट में छापें "

26/06/2020

ये लोकतंत्र नहीं लूटतंत्र है
#झूठी_लोकतंत्र

06/06/2020

पढ़ने के लिए समय ⌚ 1-2 मिनट

(1) 2015 में जब मोदी साहेब ने आधार कार्ड लागू किया तो आधार कार्ड के फॉर्म में यह घोषणा जोड़ने साफ़ इनकार कर दिया था कि -- मैं घोषणा करता हूँ कि, मैं भारत का नागरिक हूँ।

इस घोषणा को न जोड़ने के कारण सभी बांगलादेशी अवैध निवासी एवं रोहिंग्ये कानूनी रूप से आधार कार्ड बनवा पाए !!

(2) मोदी साहेब ने असम के NRC में इस तरह की धाराए जोड़ने से साफ़ मना कर दिया था जो NRC से बाहर रहे बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, अफगानिस्तानी अवैध निवासियों को देश से बाहर भेजना सुनिश्चित करें।

और अब बीजेपी=संघ की आईटी सेल नागरिको को इस बारे में "जागरूक" कर रही है कि, बांग्लादेशी-रोहिंग्ये उनका रोजगार खा रहे है !!

और अब आगे बीजेपी=संघ के नेता-कार्यकर्ता इन्तजार कर रहे है जब असम के सीमावर्ती.इलाको में बसे इनके समूहों को हथियार (AK-47, हथगोले, रोकेट लांचर आदि) आने लगेंगे और ये लोग बड़े पैमाने पर हिन्दू नागरिको का कत्ले आम करेंगे। और तब बीजेपी=संघ के नेता-कार्यकर्ता नागरिको से कहेंगे कि -- देखो बंगलादेशी-रोहिंग्ये-मुस्लिम देश को तोड़ रहे है, हिन्दुओ को मार रहे है, और तुम्हे बचना है तो हमें वोट दो !!

समस्या जितनी ज्यादा फैलेगी, वोट भी उतने ही बढ़ेंगे।

समाधान :

(1) देश व्यापी NRCI गेजेट में छापा जाए। इस प्रस्तावित क़ानून में इन्हें देश से बाहर खदेड़ने की प्रक्रिया है।

NRCI ; प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रिय नागरिकता रजिस्टर अधिनियम [February 26] -
facebook.com/pawan.jury/posts/2694929377291948

(2) "सज्जन नागरिको को बंदूक रखने का अधिकार देने के क़ानून पर "जनमत संग्रह" लाया जाए। वर्ना जब इन्हें हथियार आयेंगे तो ये भारत में बहुत बड़े पैमाने पर हत्याएं करेंगे और आप पुलिस को फोन लगाते रहेंगे !!

जनमत संग्रह ; सज्जन नागरिको के लिए बंदूक रखने का अधिकार -
facebook.com/pawan.jury/posts/2790516097733275

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[ लॉकडाउन खुलने के साथ ही शाहीन बाग़ 2.0 शुरू हो सकता है। तयारी जारी है]

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+ लोगों को यही तर्क दिया जाता है कि अगर सभी के पास हथियार होंगे तो आमने सामने गोली लगा कर खुद ही मर जाएंगे लेकिन यह नहीं समझाया जाता कि अगर हर आदमी के पास हथियार होगा तो हर एक दूसरे आदमी पर बंदूक तानने से पहले उसे सोचना पड़ेगा कि मेरी भी मौत हो सकती है इसलिए ऐसे ही विचार रखने से देश में हथियारबंद कानून लागू नहीं हो पा रहा है।

26/03/2020

इतने को बर्बाद कर दिया , अगर सरकार ऐसी ही चलती रही (विदेशी निवेश लाती रही ) तो अब अपनी बारी।

अधिक जानकारी के लिए पूरा पोस्ट पढ़ें ( अधूरा नहीं) 👉 https://bit.ly/2UBJf0t

26/03/2020

अगर 2019 में मोदी जी फिर प्र.म. बनते हैं तो पाँच सालों मे आगे क्या काम कर सकते है?

क्या भाजपा हिंदू वादी है ?

 श्रोत :

Pawan Kumar Sharma

May 22, 2019 को जवाब दिया

इस बात से कोई फर्क नहीं आता कि भारत के प्रधानमन्त्री मोदी साहेब बने या राहुल गांधी या कोई और। मेरे विचार में , प्रश्न यह है कि क्या भारत का भावी प्रधानमंत्री बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के एजेंडे को आगे बढ़ने से रोक पायेगा !! मुझे उम्मीद बेहद कम है। और यदि भावी पीएम बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के एजेंडे को रोकने में सफल नहीं रहता है, तो अगले 5 वर्ष में जमीन पर आपको निम्नलिखित बदलाव(*) देखने को मिलेंगे :

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(*) निचे दिए गए सभी बिंदु नकारात्मक बदलावो के बारे में है। पोजिटिव बने रहने के लिए कृपया टीवी-अखबार और राजनैतिक पार्टियों की सोशल मीडिया आई टी सेल के संपर्क में रहे। आप यदि नियमित रूप से अखबार पढ़ते और टीवी देखते रहे तो इन बदलावों को महसूस करने से खुद को बचा सकते है।

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(1) खनिज एवं प्राकृतिक संसाधन : खनन के क्षेत्र में काम कर रही भारत की ज्यादातर कम्पनियों जैसे कोल इण्डिया, ओएनजीसी आदि को विदेशी टेकओवर कर लेंगे और देश की ज्यादातर खनिज संपदाएं और प्राकृतिक संसाधन विदेशियों को बेच दिए जायेगें। बिजली, पानी से लेकर रेल-बस तक सभी आवश्यक क्षेत्र विदेशियों के हिस्से में चले जायेंगे। भारत का व्यापार घाटा और भी बढेगा। विदेशी मुद्रा कोष सिकुड़ेगा। रूपया जैसे अभी गिर रहा है वैसे ही गिरता रहेगा। पेड मीडिया और पेड आर्थिक विशेषग्य इस बेचान को विकास से जोड़कर आर्थिक सुधार की दिशा में उठाये गए कदम बताएँगे।

(2) बैंक : बैंको के घपले, एनपीए और भी बढेगा। घाटे का हवाला देकर सरकारी बैंक विदेशीयों को बेचे जायेंगे। मुद्रा विनिमय डिजिटल होता जाएगा और पूरी अर्थव्यवस्था बैंको के कंट्रोल में चली जायेगी। वे सभी प्रकार के लेन देन पर चार्ज वसूलना शुरू कर देंगे। लगभग सभी क्षेत्र विदेशियों के लिए खोल दिए जायेंगे और बहुराष्ट्रीय कम्पनियां इन पर अपना एकाधिकार बना लेगी।

(3) पेड मीडिया : अगले 5 वर्षो में फेसबुक राजनैतिक रूप से इतना ताकतवर हो जाएगा कि वह चुनावी नतीजो को तय करने लगेगा। हालांकि जनता को कभी पता नहीं चलेगा कि फेसबुक इतना कठोर नियन्त्रण बना चुका है। यू ट्यूब, फेसबुक ,टीवी और फिल्मो में अश्लीलता व नग्नता और भी बढ़ेगी। लगभग सभी चैनल्स के प्राइम टाइम में अश्लील एवं उत्तेजक विज्ञापन सामग्री में वृद्धि होगी।

(4) शिक्षा एवं स्वास्थ्य : सरकारी स्कूलों और अस्पतालों का ढांचा और भी बदतर होगा। रोगों की जांचे, दवाइयाँ आदि और भी महंगी होगी। सरकारी जमीने निजी कम्पनियों को औने पौने दामो में बेच दी जायेगी। विज्ञान-गणित एवं इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम और भी सरल ( यानी बर्बाद ) कर दिया जाएगा। पढ़े लिखे छात्रों के दिमाग का तार्किक स्तर और भी बदतर बनेगा।

(5) सेना एवं सुरक्षा : भारतीय सेना की निर्भरता अमेरिकी कम्पनियों पर और भी बढ़ जायेगी। ज्यादातर सम्भावना है कि अमेरिकी सेना भारत में उतरना शुरू कर देगी। ऐसा चीन का भय दिखाकर किया जाएगा। जम्मू में हिन्दुओ की जनसँख्या का प्रतिशत गिरेगा, और वहां पर अलगाव के हालात और भी विकट होंगे। बंगाल एवं पूर्वोत्तर में किसी भी समय हिंसा एवं साम्प्रदायिकता को लेकर आंतरिक संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसके अलगाव वादी आन्दोलन का रूप लेने की सम्भावना होगी।

(6) धर्म : भारत के नेता-मंत्री-प्रधानमंत्री आदि मिशनरीज को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाएंगे। हिन्दू धर्म का विद्रूप चित्रण करने वाली फिल्मे और भी बनेगी और इनमे अभिनय करने वाले कलाकारों को पुरूस्कार दिए जायेंगे। 2011 की जनगणना में हिन्दुओ का प्रतिशत 79.80 था। यह 2021 में घटकर और भी निचे आएगा। सिक्खों का प्रतिशत भी घटेगा और पंजाब में मिशनरीज तेजी से विस्तार करेगी। गौ हत्या और गौ मांस भक्षण बढेगा।
पेड मीडिया की चाबी से समाज में साम्प्रदायिक तनाव और आरक्षण के नाम पर जातिगत अलगाव और बढ़ेगा। बलात्कार और यौन अपराध के आरोप में कुछ और हिन्दू संत जेल में भेजे जायेंगे। सरकार हिन्दू मंदिरों के स्वर्ण भंडार अपने कब्जे में लेकर बदले में उन्हें बांड वगेरह थमा देगी, और उन्हें अपने नियन्त्रण में ले लेगी। भ्रष्ट जज हिन्दू धर्म को तोड़ने और मिशनरीज को बढ़ावा देने के लिए और भी कई उलटे सीधे फैसले देंगे। सभी हिन्दू त्योहारों में धार्मिक जमाव में कमी आएगी। लेकिन ज्यादातर नागरिको लगेगा कि यह सब खुद से हो रहा है।

(9) गेदरिंग : चुनाव होने का सिस्टम कम से कम होता जाएगा। ज्यादातर सम्भावना है कि, राज्यों के चुनाव बंद करवाकर सिर्फ 5 साल में एक बार चुनाव करवाए जाए। शहरो की सड़को पर कुत्तो की संख्या बढ़ेगी, फुटपाथ गायब हो जायेंगे, ट्रेफिक बढ़ेगा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और भी टूटेगा, गाड़ियाँ और भी तेजी से बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल महंगा होगा।

(10) कारोबार : जीएसटी के कारण बड़े पैमाने पर छोटे कारोबारी बाजार से बाहर हो जायेंगे। जो व्यापारी जीएसटी का विरोध करेंगे वे टेक्स चोर कहलायेंगे। लगभग सभी आवश्यक सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी कम्पनियों का एकाधिकार होने के कारण महंगाई और गरीबी बढ़ेगी। चीनी सामान की आवक और भी बढ़ेगी और वे चिल्लर वस्तुओ में भी स्थानीय इकाइयों को बाजार से बाहर कर देंगे।

(11) इस बीच यदि अमेरिका एवं इरान के बीच युद्ध हो जाता है तो...... भारत को इस युद्ध में शामिल होने के लिए बाध्य किया जाएगा ( ? )

(12) 2024 : जो भी पीएम बनेगा उसका जादू 2023 तक आते आते उतरने लगेगा, और जनता उसे कुर्सी से उतारने के लिए 2024 के चुनावों का बेसब्री से इन्तजार करेगी। अमुक पीएम 2024 का चुनाव हार जायेगा और जनता पेड मीडिया द्वारा पेश किये गए नए चेहरे पर दांव लगाएगी। और फिर अगला नेता बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के इसी एजेंडे को आगे बढ़ाना जारी रखेगा।

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( इस प्रक्रिया को नियो कोलिनिज्म कहते है। भारत इस ट्रेप में फंस चुका है।)

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