बिन कुछ कहे

बिन कुछ कहे poetry is life

महादेव की कृपादृष्टि से जो काम कर रहे थे उनकी मेहनत से।सभी 41 मजदूर पहाड़ो का सीना चीर कर सभी देशवासियों की शुभकामनाओ से ...
30/11/2023

महादेव की कृपादृष्टि से जो काम कर रहे थे उनकी मेहनत से।
सभी 41 मजदूर पहाड़ो का सीना चीर कर सभी देशवासियों की शुभकामनाओ से कर बाहार निकल आये।
#आदरणीयप्रधानमंत्रीमोदीजीतोमुमकिनहै।

Congratulations Isro इसरो successful landing of
CHANDRAYAAN3...
बधाई बधाई बधाई...

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23/08/2023

Congratulations Isro इसरो successful landing of
CHANDRAYAAN3...
बधाई बधाई बधाई...

01/08/2019

जख्म का
दर्द गहरा हो
चुभन बन
शूल बन गया..
जमी पर गिरे आसुओ
तुमने सुनी कहानी
देखा अंतर्मन से
वही एक अहसास

टुटा कर बिखरा
वो जख्म दे गया
जिंदगी का सैलाब
वो एक ख्वाब

टूटा किनारा
साहिल बना
आँखों का मोती
बन समन्दर
तेरी तलाश मे
ख्वाब बन
सैलाब बना गया
,,,,,,,,कुसुम,,,,,,

27/02/2019

.'शोर्य वीर सपूतो का'........
उठायेगा कोई एक भी #नजर !
काट कर रख देगे उसका कहर !
बना देगे उसका जीवन जहर !
खोल कर #हाथों को दिखा दिया !
#लगा तिलक भारत माँ का माथे पर!
#शौर्यवीरो ने सीधा #निशाना लगा दिया !
गर्व है ,...अपनी सेना पर !
लेकर बदला उन वीर सपूतों ने !
उन #शिखंडियो को मजा चखा दिया !
सैनिकों ने दिखा अपना हुनर !
पूरे विश्व को चैता दिया !
#समर्पित कर देश के लिये जिन्दगी !
सैनिक जो चले गये बिन कुछ कहे !
आओ हम भी नमन करे #सैनिको को,
कुछ समर्पण हम भी कर चले !
#आतंकियों को मिटा कर !
भारत मे अमन शांति का !
दे संदेश हम साथ साथ चले !!
जय जवान #कुसुम@-----

11/12/2018

रास नही आती , काटो से भरी राहे उन्हे
मत करो मिटटी , के हवले उन्हे !

बहुत बिठाया पलकों पर उन्हे
अब आसमा से ज़मीं पर उतारे उन्हें !

अब राज़दा क्यू बना ले उन्हे
बेईमानी की इंतहा से..निकाले उन्हे !

चरागों मे है रौशनी अभी बहुत
चरागों को ना करो,,अन्धेरो के हवाले उन्हे !

ये रोज़ का इम्तिहान कैसा ?
एक फैसला जो लेना है,ले कर खत्म करे!

हट न पाऊँगी ऊसुलो से कभी
चाहे कितना रास्ते से हटा ले मुझे !

कफन बाधं कर जो निकले
अब कोई राह दिखा दे उन्हे

इस राह से निकाले कोई मुझे
किसी तरह राह हमारी संभाले कोई

कॉपीराइट.7.12.13....

27/11/2018

हर किसी के चहरे पर
रुसवाईयाँ है ,
हर जगह तन्हाइयां है !

तूने जो जख्म लगाया
वो बहुत गहरा पाया है !

धूप ढलने लगी
शाम चलने लगी !

गम का वो झोंका है
जो गुजर जाएगा !

मोसमे गुल कही ना कही
तेरे आंगन मे उतर जायेगा 1

ये जख्म गहरा है
कभी तो भर जायेगा !

हम तो समझे थे
तेरा लम्स कहि मिल जायेगा !

गहरी रात की रोशनाई
वक्त की परवाज़ पर !

जीवन दिन ठहर जायेगा

हर पल रुसवाईयाँ है
कही तन्हाइयां है @ #कुसुम

जिन्दगी के खुबसूरत वो पल जो मिले संभाल कर रख लिये अपने दामन मे !जी लेती हूँ फूलो की खुशबु हो जैसे फिर से जिन्दगी जीने की...
24/11/2018

जिन्दगी के खुबसूरत वो पल जो मिले
संभाल कर रख लिये अपने दामन मे !

जी लेती हूँ फूलो की खुशबु हो जैसे
फिर से जिन्दगी जीने की उम्मीद लिये !@ #कुसुम

04/11/2018

खुलेगे राज कई आज ,कुछ बहाना तो होगा ,रासुकै जिंदगी निभाना तो होगा #

22/09/2018

**हर #शितिज पर चलना होगा
दीपक तुमको जलना होगा !

तुमको ही चलना होगा
जीवन फिर #बदलना होगा !

हर मोन से लड़ना होगा
जिस्म तुम्ही को #जलना होगा !

तिनको को फिर #चुनना होगा
एक #घरोंदा बुनना होगा !

दीपक तुमको जलना होगा #कुसुम

विदाई --अस्थि विसर्जन ..अटल जी की अंतिम यात्रा पर उनको को समर्पित रचना ----- अब थक चला हूँ आज  #विदा हुई माटी की ये  #का...
19/08/2018

विदाई --अस्थि विसर्जन ..अटल जी की अंतिम यात्रा पर उनको को समर्पित रचना -----

अब थक चला हूँ आज #विदा हुई
माटी की ये #काया कैसी है माया
.
माँ गंगा की लहरों से मिलकर
मैने आज #सकूंन है पाया

अनजाने मे मिट जाती है
अटल जीवन की #अंतिम संध्या !

भूमि से नभ तक झेल
रहा जीवन की पीड़ा !

बिखर गंगा मे हो पावन
अनमोल ह्रदय की #पाखुरियां,

कहती छू लेना उस नभ को
कुछ बोल रहे #बलिदानी !

रवि किरण से जाना आगे
#बिखर जाओ जन जन मे !

छू लेना तुम #प्राण गगन मे
सपनों की स्मृतियो से !

अटल हु -- मोन हो चल पड़ा
नभ चला आज व्याकुल हो !

उठो युग की सीमा रेखा पर
#पहरा तुझको देना होगा !

#तपती धरती की अमर कहानी
तुझको ही तो है सुनानी !

चला आज गंगा चरणों मे !
जहाँ बिखरे #अमृत कण कण

आज बिदाई देख रहा हूँ !
सपनो का भारत सोंप चला हूँ

निर्भय जीवन देख चला हूँ
आन्दोलन की गोरव गथाओ का

जीवन तेरा #उज्ज्वल हो
फिर आओगे युग पुरुष तुम !

बिलख #बिलख कर व्यथा कहते
ह्रदय अश्रु के फूल समर्पित !

सबको व्यकुल छोड़ अटल
वीरो के जीवन की शान चले !

सम्पूर्ण राष्ट्र नमन करता !
@ #कुसुम

17/08/2018

हर #शितिज पर चलना होगा
दीपक तुमको जलना होगा !

बिन कुछ कह कर जलना होगा
जीने को जलना होगा !

दीपक तू जलता रहे
#अंधकार मे चलता रहे !

तेरे #सम्मुख झुकना होगा
#अन्धेरे को मिला आसरा तेरा !

तुम ना जलते.. #अन्धेरे को
कुछ न कहना होगा !

तुमको ही पिघलना होगा
जीवन फिर #बदलना होगा !

हर मोन से लड़ना होगा
जिस्म तुम्ही को #जलना होगा !

तिनको को फिर #चुनना होगा
एक #घरोंदा बुनना होगा !

दीपक तुमको जलना होगा !
@ #कुसुम**

17/08/2018

चलो पथिक चलो.. अब खुले मुक्ति के द्वार !
चल पड़ा हु अब ना रहूंगा !
अटल हो कर * देश रखना तुम संभाल !
@ #कुसुम

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