राजनीतिक बदलाव की एक पहल।।दिनेश जोशी

राजनीतिक बदलाव की एक पहल।।दिनेश जोशी

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Photos from राजनीतिक बदलाव की एक पहल।।दिनेश जोशी's post 14/12/2021

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05/07/2020
25/05/2020

मन को टटोलना .......

बेटी जब शादी के मंडप से ससुराल जाती है तब पराई नहीं लगती मगर जब वह मायके आकर हाथ मुंह धोने के बाद सामने टंगे टाविल के बजाय अपने बैग से छोटे से रुमाल से मुंह पौंछती है , तब वह पराई लगती है.
जब वह रसोई के दरवाजे पर अपरिचित सी खड़ी हो जाती है , तब वह पराई लगती है.
जब वह पानी के गिलास के लिए इधर उधर आँखें घुमाती है , तब वह पराई लगती है.
जब वह पूछती है वाशिंग मशीन चलाऊँ क्या तब वह पराई लगती है.
जब टेबल पर खाना लगने के बाद भी बर्तन खोल कर नहीं देखती तब वह पराई लगती है.
जब पैसे गिनते समय अपनी नजरें चुराती है तब वह पराई लगती है.
जब बात बात पर अनावश्यक ठहाके लगाकर खुश होने का नाटक करती है तब वह पराई लगती है.....
और लौटते समय 'अब कब आएगी' के जवाब में 'देखो कब आना होता है' यह जवाब देती है, तब हमेशा के लिए पराई हो गई ऐसे लगती है.
लेकिन गाड़ी में बैठने के बाद जब वह चुपके से
अपनी आखें छुपा के सुखाने की कोशिश करती । तो वह परायापन एक झटके में बह जाता तब वो पराई सी लगती

नहीं चाहिए हिस्सा भइया मेरा मायका सजाए रखना ,
कुछ ना देना मुझको
बस प्यार बनाए रखना ,
पापा के इस घर में
मेरी याद बसाए रखना ,
बच्चों के मन में मेरा मान बनाए रखना ,
बेटी हूँ सदा इस घर की
ये सम्मान सजाये रखना।।
....
बेटी से माँ का सफ़र (बहुत खूबसूरत
सभी महिलाओ को समर्पित)
बेटी से माँ का सफ़र .
बेफिक्री से फिकर का सफ़र .
रोने से चुप कराने का सफ़र उत्सुकत्ता से संयम का सफ़र .
पहले जो आँचल में छुप जाया करती थी.
आज किसी को आँचल में छुपा लेती हैं|
पहले जो ऊँगली पे गरम लगने से घर को सर पे उठाया करती थी ।
आज हाथ जल जाने पर भी खाना बनाया करती हैं|
पहले जो छोटी छोटी बातों पे रो जाया करती थी.
आज बो बड़ी बड़ी बातों को मन में छुपाया करती हैं|
पहले भाई,,दोस्तों से लड़ लिया करती थी.
आज उनसे बात करने को भी तरस जाती हैं|
माँ,माँ कह कर पूरे घर में उछला करती थी.
आज माँ सुन के धीरे से मुस्कुराया करती हैं|
10 बजे उठने पर भी जल्दी उठ जाना होता था.
आज 7 बजे उठने पर भी लेट हो जाया करती हैं|
खुद के शौक पूरे करते करते ही साल गुजर जाता था.
आज खुद के लिए एक कपडा लेने को तरस जाया करती है|
पूरे दिन फ्री होके भी बिजी बताया करती थी.
अब पूरे दिन काम करके भी काम चोर कहलाया करती हैं|
एक एग्जाम के लिए पूरे साल पढ़ा करती थी.
अब हर दिन बिना तैयारी के एग्जाम दिया करती हैं|
ना जाने कब किसी की बेटी किसी की माँ बन गई.
कब बेटी से माँ के सफ़र में तब्दील हो गई .?
बेटी है तो कल है|

बहुत प्यारी होती है बेटियाँ ,
न जाने लोग बोझ क्यों समझते हैं बेटियाँ ll
मन को टटोलना फिर जबाब जरूर कमेन्ट करना

Photos from Rise Foundation NGO's post 03/03/2020

Team Rise Foundation visited Krishi Mela.

Place was filled with Farmers , Startups and people concern to Environment like us.

Such type of events are much needed in Delhi dehat to promote agriculture. Farming still have immense potential to generate employment and economic growth.

हमारा ऐसा मानना है कि कृषि और पशुपालन में अभी भी क्षमता है कि देश मे रोजगार व विकास के अवसर पैदा किये जा सकते है।

जय जवान , जय किसान

Photos from Rise Foundation NGO's post 28/02/2020

Rise Foundation team visited Nuh (Mewat) for understanding the process of creating Miyawaki Forest of 10000 plants. Miyawaki Afforestation is Japanese technique and introduced by Mr. Akira Miyawaki.

Akira Miyawaki is a Japanese botanist and expert in plant ecology, specializing in seeds and the study of natural forests. He is active worldwide as a specialist in the restoration of natural vegetation on degraded land

Photos from राजनीतिक बदलाव की एक पहल।।दिनेश जोशी's post 16/02/2020

दिल्ली बोला दिल से

30/11/2019

2020 मे 70 पार अबकी बार आपकी सरकार

10/04/2019

वोट जरूर दे

06/04/2019

*आज के विचार:-ख़ुद का किया एहसान कभी याद मत करो*
*और दूसरों का किया एहसान कभी भूलो मत*

दिनेश जोशी

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