RSD Bhatnagar Rajeshwar

RSD Bhatnagar Rajeshwar From service man to business man. A long and arduous journey of a great life dedicated to family, friends and community

10/05/2026

जो तुम होती तो तुमसे सुख - दुख कहती माँ
तुम होती तो तुम्हारी गोद में सर रख मैं सोती माँ
जो तुम होती तो मेरे ना बताने पर भी मेरे उलझे बालों को सुलझाते
मेरी हर पीड़ा को जान तुम लेती माँ
वो परेशानी में सर में तेल डालते हुए सारा सर दर्द
अपनी जादुई उंगलियों से छू कर गायब कर देती माँ
जो तुम होती तो मुस्कुराने के हजार बहाने देती माँ

कौन पूछे मुझसे मेरी पसंद नापसंद की चीज़ें आखिर
जो तुम होती तो मेरी पसंद का मेरे लिए खाना बनाती माँ
हाट बाजार से मेरी पसंदीदा ड्रेस तुम ले आया करती माँ
जो देखती कभी मेरी आँख में आंसू स्वयं रो देती मां
गर हो जाती कभी बीमार तो दवा और दुवाओं में
कोई कमी ना रखती माँ , बांधती मेरी सलामती के लिए
हर दर पर एक मन्नत का धागा ,
मुझे हर बुरी नजर से बचाने के लिए लगाती नजर का एक काला टीका माँ

जो तुम होती तो मुझे हर बला हर मुसीबत से बचा के रखती , मेरी गलतियों पर कभी डांट कर तो कभी
प्यार से मेरे सर पर हाथ फिरा कर मुझे समझाती माँ
कोई खड़ूस जो कभी मुझे रुलाता तो उसके भी कान खींच कर रखती , जो तुम होती तो मैं पुष्प सी खिलती
मेरी हजार चिंताओं, परेशानियों की तुम इकलौती हल होती माँ, जो तुम होती तो शायद मैं पुनः जी उठती माँ।

माँ के प्रेम का कोई स्पेशल डे नहीं होता , माँ के प्रेम में हर दिन स्पेशल होता है।

24/02/2026

आज आप की याद में एक कविता कवि बशीर बद्र।

परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आइने में देर तक चेहरा नहीं रहता

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता

हज़ारों शेर मेरे सो गए काग़ज़ की क़ब्रों में
अजब माँ हूँ कोई बच्चा मिरा ज़िंदा नहीं रहता

तुम्हारा शहर तो बिल्कुल नए अन्दाज़ वाला है
हमारे शहर में भी अब कोई हम सा नहीं रहता

मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता

कोई बादल हरे मौसम का फिर ऐलान करता है
ख़िज़ाँ के बाग़ में जब एक भी पत्ता नहीं रहता

बशीर बद्र

मेरे पापा और मैं अक्सर शादीशुदा जोड़ों में बहुत प्यार देखा है और एक दूसरे से बिछड़ने के नाम पर ही वे सिहर जाते हैं।पापा ...
01/11/2025

मेरे पापा और मैं
अक्सर शादीशुदा जोड़ों में बहुत प्यार देखा है और एक दूसरे से बिछड़ने के नाम पर ही वे सिहर जाते हैं।
पापा आपने तो करीब करीब 45 की उम्र पर ही मां को खो दिया था। आपका संसार सूना हो गया था। हम दोनों भाई-बहन भी बहुत छोटे थे। आपका सुख-दुख और परेशानियां समझने वाला कोई भी नहीं था।
अक्सर मैंने देखा है की लड़कियां अपने माता-पिता की तारीफ करती हैं कि उन्होंने बहुत संघर्ष किया उन्हें पढ़ाया लिखाया और अच्छे संस्कार दिए। आपने कहकर नहीं कर कर दिखाया। आपको देखकर मैंने सीखा किस तरह से परेशानियों का मुकाबला करना है और किस तरह से उसमें से बाहर निकलना है।
अपने बच्चों को ही नहीं बल्कि आपने भाई-बहन के बच्चों को भी संभाला। जो भी परेशानी में रहा उसके लिए आप हमेशा उसके साथ खड़े रहे। आपने निस्वार्थ भाव से सब के लिए किया। पर क्या उसी निस्वार्थ भाव से आप की भी सेवा हुई? एक प्रश्न उठा मन में सोचा लिख दूं।
मुझे गर्व है आपकी दी हुई सोच पर जिससे मैं हर फैसला लेने के काबिल हुई हूं। सही और गलत का फैसला करने के काबिल हूं।
आप आज जहां भी हो खुश हो और एक अच्छा जीवन जी रहे हो इसी उम्मीद के साथ आपके जन्म दिवस पर आपको याद करते हुए आपकी बिटिया।

06/10/2025

मां तुम सुन रही हो न मेरी आवाज़
45 साल बीत गए तुम्हें गए मेरी मां
पर यादें आज भी ताजा है आपकी

मैं अपनी हर खुशी में आपकी हंसी सुन पाती हूं मां
जो प्यार देकर, जो संस्कार देकर, आप चली गई
वह आज भी मेरी ताकत बना हुआ है मां

आप दूर नहीं, दिल के हर कोने में हो
समय बलवान है सब भुला देता है
पर आपका प्यार, आपके संस्कार, नहीं भुला पाया ।

आपको याद करते हुए आपकी इस पुण्यतिथि पर

Lines written by Gopaldas Neeraj my father's favourite poet
22/09/2025

Lines written by Gopaldas Neeraj my father's favourite poet

14/09/2025

Hi

Missing you on your death anniversary.
07/08/2025

Missing you on your death anniversary.

कुछ लोग चले जाते है...और हमें लगता है हम उन्हें भूल गए।पर फिर किसी शाम...कोई पुरानी बात उन्हें जिंदा कर देती है।वो वापस ...
07/08/2025

कुछ लोग चले जाते है...
और हमें लगता है हम उन्हें भूल गए।
पर फिर किसी शाम...
कोई पुरानी बात उन्हें जिंदा कर देती है।
वो वापस नहीं आते...
पर यादें फिर भी रह जाती है।
भूल जाना आसान नहीं होता...
बस आदत बन जाती है।

Happy Father's Day
15/06/2025

Happy Father's Day

Happy Father's Day. I can imagine your journey of life and admit that It was a roller coaster ride which I couldn't have...
15/06/2025

Happy Father's Day.
I can imagine your journey of life and admit that It was a roller coaster ride which I couldn't have completed. You had no support, no emotional hand holding but you were strong at heart to finish it with flying colours. You were not only a support to yourself but to your whole family.

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