I hate haveli
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स्त्री पुरूष दोनो ही समान रूप से भागीदार होते है पीढ़ी को आगे बढ़ाने में ये सृष्टि का नियम चलाने में।
फिर एक को क्यों कम माना जाए और किसलिए??
जिसको कम आंका जाता है शायद उसकी भागीदारी तुमसे कहीं अधिक हो तभी तुम्हारे अंहकार को चोट पहुँची और उसे दबाया गया।....
उधर स्त्रियो को भी ये समझना चाहिए जो पति को गुलाम बनाकर या अपने इशारो पर नचाकर रखना चाहती है ऐसा करके वो संतुष्ट हो जायेंगी लेकिन प्रेम खोती जायेंगी धीरे धीरे रिश्ते मे से,, बस वो रिश्ता नाम मात्र का रह जायेगा समाज को दिखाने भर के लिए,, बचेगा उसमे कुछ भी नहीं ।
एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना एक दूसरे को समझना लड़की और लड़के दोनो को ही एक दूसरे के परिवार का ह्दय से सम्मान करना एक बहुत सुंदर और सुखमय रिश्ते की पहचान होती है।
दोनो ही गाड़ी के पहिऐ है एक भी खराब हुआ तो दूसरे का स्वंय ही महत्व खत्म हो जायेगा।
इसलिए रिश्ते मे शक या गुलामी नही प्रेम होना चाहिए विश्वास होना चाहिए समझदारी होनी चाहिए ।
तभी कोई रिश्ता सुखद और खूबसूरत बनता है ...
वरना जबरदस्ती से कोई रिश्ता नहीं चलता बस जैसे तैसैं खिंचता ही है।
वफा के नाम पर कितने गुनाह होते हैं,
उनसे पूछिये जो तबाह होते हैं.....।
01/02/2018
http://www.comichaveli.com/khooni-haveli/
कॉमिक हवेली की प्रस्तुति , खूनी हवेली , एक हॉरर कथा , वेबसाइट पर पब्लिश की जा चुकी है |
Khooni Haveli खूनी हवेली प्रथम भाग Written By – Chandan Sikdaar for Comic Haveli स्थान : राजस्थान का एक शहर जयपुर समय : सुबह 9:30 बजे एक पच्चीस छब्बीस साल का नौजव...
26/01/2018
http://www.comichaveli.com/tiranga-glimpse-forgotten-heros-life/
गणतंत्र दिवस पर विशेष |
गणतंत्र दिवस पर हम लेकर आये हैं आपके लिए देशभक्त डिटेक्टिव तिरंगा पर एक लघु - लेख |
समस्त मित्रों को कॉमिक हवेली परिवार की ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं |
Tiranga - A Glimpse In our Forgotten Hero's Life तिरंगा दोस्तों हमारा भारतवर्ष जितना महान है और और जितने महान यहाँ के देशभक्तों के बलिदान हैं , उतना ही दुखद हमारे द....
25/11/2017
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महामानव जाकर उस chair पर बैठ जाता है। और नागपाशा उसको उस मशीन में लगा हेलमेट पहनाने लगता है। की तभी ध्रुव की आवाज़ गूंजती है।
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ध्रुव : नही महामानव उसे अपने सर पर मत पहनना। यह नागपाशा तुम्हारे साथ भी कोई धोखा करेगा ।😒
नागपाशा : चुप कर बे काढ़े मैं अपने दोस्त के साथ धोखा क्यों करूंगा 😠। देखो महामानव अगर तुमने इस हेलमेट को नही पहना तो तुम किसी भी कीमत पर वहाँ नही पहुँच पाओगे जहाँ तुम जाना चाहते हो ।😀
महामानव : गुर्रर्र चुप कर धरु मैं नागपाशा को जानता हूँ नागपाशा मुझे धोखा नही देगा 😡।
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और फिर नागपाशा महामानव को वो हेलमेट पहना देता है ।
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(और फिर)
महामानव : नागपाशा मेरे हाथ पैर क्यों बाँध रहे हो ?😮
नागपाशा : अरे यार कुछ नही । बात यह है की जैसे ही मैं इस मशीन को चालू करूंगा तुमको बहुत तेज़ का झटका लगेगा और......
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Mahamanav Returns part 4 महामानव रिटर्न्स PART 4 (अंतिम भाग) ( 🍼 दूध V/S काढ़ा 🍵 ) ************ महामानव जाकर उस chair पर बैठ जाता है। और नागपाशा उसको उस मशीन में लगा हेलमेट पहनाने लगता है। की तभी ध्रुव की आव…
हर लम्हा बदलती है फितरत जिनकी , दिल उनपे मरता बार बार क्यूं है।
यह मंजिल नही हमारी , फिर भी दिल उस मोड़ पे ठहरता बार बार क्यूं है।
मैं सोचती हूं तुम्हारे गम को अपना बना लूं,
मैं सोचती हूं तुम्हें जिन्दगी का नया पाठ पढ़ा दूं,
मै देखती हूं जख्म किसी चमकते चांद का..
मेरी मुस्कान पर भी एक दाग सा बन जाता है ..
मैं सोचती हूं ..इस महफिल में तुम्हें भी सब जैसा बना दूं.. मुरझाए ख्वाब पर बूंदों की बौझार कर दूं .. मैं लिख रही हूं तुम्हारे दर्द का इतिहास ..
इसे अपनी कलम से सुखद बनाकर.. भुला कर जिन्दगी की आंधियां राह से.. मै सोचती हूं तुम्हें हंसना सिखा दूं.. मैं सोचती हूं पत्थर ह्रदय को जरा मोम बना दूं..
मै सोच रही हूं ...
Good night guys .
06/08/2017
tag you buddies
wish you all a very happy friendship day.
Raj Comics - Home of Indian Super Heroes!
R.K.
Lagta Hai Mere Bachpan Ki Barish Bhi, Ab Badi Ho Gayi...:'(
Office Ki Khidki Se Jab Dekha Maine, Mosam Ki Pahli Barsaat Ko,
Kaale Baadal Ki Garaz Par Nachti, Boondo Ki Baarat Ko,
Ek Bachha Mujhse Nikal Kar Bhaga Tha, Bheegne Ko Bahar,
Roka Tha Baddappan Ne Mere, Pakad Kar Uske Haath Ko,
Barish Aur Mere Bachpane Ke Beech, Ek Deewar Khadi Ho Gayi,
Lagta Hai Mere Bachpan Ki Barish Bhi, Ab Badi Ho Gayi...
Wo Boonde Kaanch Ki Deewar Par, Khatkhata Rahi Thi,
Main Unke Sang Khelta Tha Kabhi, Shayad Isliye Bula Rahi Thi,
Par Tab Me Chhota Tha Aur Ye Baate Badi Thi,
Tab Waqt Par Ghar Jane Ki Kise Padi Thi,
Ab To Barish Pahle Rahat, Phir Aafat Ban Jati Hai,
Jo Garaz Pahle Lubhati Thi, Ab Wahi Darati Hai,
Main Darpok Ho Gaya, Aur Badnaam Ye Sawan Ki Jhadi Ho Gayi,
Lagta Hai Mere Bachpan Ki Barish Bhi, Ab Badi Ho Gayi...
Jis Pani Me Chhapake Lagate The, Usme Ab Keetanu Dikhne Laga,
Khud Se Jyada Fiqra Ye Ki, Laptop Bheegne Laga,
School Me Dua Thi Ki, Barse Be-Hisaab Aur Chhutti Ho Jaye,
Ab Bheege To Daren Ki Kal Kahi, Office Ki Chhutti Na Ho Jaye,
Sawan, Jab Chai Aur Pakodo Ki Sohbat Me, Itminaan Se Beet-ta Tha,
Wo Daur, Wo Ghadi, Bade Hote - Hote Kahi Kho Gayi,
Lagta Hai Mere Bachpan Ki Barish Bhi, Ab Badi Ho Gayi... :'(
Courtesy- jain.
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