23/05/2026
महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन : अद्भुत प्रतिभा की प्रेरक कहानी
भारत की धरती ने अनेक महान प्रतिभाओं को जन्म दिया है, उन्हीं में से एक थे Srinivasa Ramanujan।
वे ऐसे गणितज्ञ थे जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी असाधारण बुद्धि से पूरी दुनिया को चौंका दिया। बिना किसी विशेष आधुनिक सुविधा और उच्च शिक्षा के उन्होंने गणित के ऐसे सूत्र और सिद्धांत दिए, जिन पर आज भी शोध किया जा रहा है।
रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के इरोड में हुआ था। बचपन से ही उनकी रुचि गणित में अत्यधिक थी। कहा जाता है कि वे कठिन से कठिन प्रश्नों को कुछ ही मिनटों में हल कर लेते थे। जहाँ सामान्य विद्यार्थी किताबों के सहारे पढ़ते थे, वहीं रामानुजन अपने स्वयं के सूत्र और तरीके विकसित करते थे।
उनकी प्रतिभा इतनी अद्भुत थी कि इंग्लैंड के प्रसिद्ध गणितज्ञ G. H. Hardy भी उनसे प्रभावित हुए। बाद में दोनों ने मिलकर गणित के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। संख्या सिद्धांत, अनंत श्रेणी और गणितीय सूत्रों में रामानुजन का योगदान अमूल्य माना जाता है।
रामानुजन ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची लगन, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी व्यक्ति दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकता है। उनका जीवन हर विद्यार्थी और शिक्षक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
आज भी उनका नाम गणित की दुनिया में सम्मान के साथ लिया जाता है। भारत सरकार ने उनके जन्मदिन 22 दिसंबर को “राष्ट्रीय गणित दिवस” घोषित किया है, ताकि युवा पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके।
संदेश:
“प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती, मेहनत और जुनून इंसान को महान बना देते हैं।”
— डॉ. बी. एल. भाटी