27/01/2026
विद्यार्थियों के साथ मस्ती के पल हमेशा यादगार होते हैं। कक्षा में हँसी-मज़ाक, छोटे-छोटे किस्से, खेलकूद और हल्की शरारतें कई बार पढ़ाई के बोझ को हल्का कर देती हैं। ये पल शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को मधुर बनाते हैं और सीखने के माहौल में अपनापन भर देते हैं।