22/08/2026
संस्कारयुक्त और राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण विद्या भारती का लक्ष्य : डॉ. सौरभ मालवीय
संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक और एआई को भी अपना रहे विद्यालय
संत रविदास की 650वीं जयंती, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ और विद्या भारती के अमृत महोत्सव की बनेगी व्यापक कार्ययोजना
बस्ती। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। शिक्षा को केवल परीक्षा और रोजगार तक सीमित न रखकर संस्कार, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया जा रहा है। यह बात विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने शनिवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
डॉ. मालवीय ने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, चरित्रवान, राष्ट्रनिष्ठ और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। बदलते समय के साथ शिक्षा में आधुनिक तकनीक का समावेश भी आवश्यक है। इसी दृष्टि से विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोरक्ष प्रान्त के पूर्व छात्र प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईटी और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान कर रहे हैं।
तीन प्रमुख आयोजनों की बनेगी व्यापक कार्ययोजना
उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर वर्षभर व्याख्यान, विचार गोष्ठी, निबंध, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज को संत रविदास के जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश से जोड़ा जाएगा।
इसी प्रकार वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर सामूहिक वंदे मातरम् गान, गायन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
डॉ. मालवीय ने बताया कि वर्ष 2027 में विद्या भारती की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अमृत महोत्सव का व्यापक आयोजन किया जाएगा। इसमें संगठन की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समाज के सामने रखा जाएगा।
पंच परिवर्तन पर रहेगा विशेष जोर
उन्होंने कहा कि विद्या भारती के कार्यों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध और स्वबोध जैसे पंच परिवर्तन महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए उन्हें वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता से पूर्व विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त की ओर से विषय संयोजक एवं प्रान्त प्रमुख (आयाम) की बैठक आयोजित की गई। दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ शुरू हुई बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय और शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक राम सिंह की उपस्थिति रही। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह ने कराया।
बैठक में विभिन्न आयामों के प्रमुखों के साथ विभागीय कार्यों, आगामी कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार की रणनीति तथा पंच परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अंत में संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे, कन्हैया चौबे, प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह, प्रचार संयोजक अंकित कुमार गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, प्रेम शरण मिश्र सहित विभिन्न आयामों के प्रमुख बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।