Raghuver Prasad Jaiswal Saraswati Shishu Mandir Inter College

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Raghuver Prasad Jaiswal Saraswati Shishu Mandir Inter College विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्? उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज से मान्यता प्राप्त

संस्कारयुक्त और राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण विद्या भारती का लक्ष्य : डॉ. सौरभ मालवीयसंस्कारयुक्त शिक्षा के साथ आधुनिक ...
22/08/2026

संस्कारयुक्त और राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण विद्या भारती का लक्ष्य : डॉ. सौरभ मालवीय

संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक और एआई को भी अपना रहे विद्यालय
संत रविदास की 650वीं जयंती, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ और विद्या भारती के अमृत महोत्सव की बनेगी व्यापक कार्ययोजना

बस्ती। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। शिक्षा को केवल परीक्षा और रोजगार तक सीमित न रखकर संस्कार, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया जा रहा है। यह बात विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने शनिवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

डॉ. मालवीय ने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, चरित्रवान, राष्ट्रनिष्ठ और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। बदलते समय के साथ शिक्षा में आधुनिक तकनीक का समावेश भी आवश्यक है। इसी दृष्टि से विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोरक्ष प्रान्त के पूर्व छात्र प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईटी और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान कर रहे हैं।

तीन प्रमुख आयोजनों की बनेगी व्यापक कार्ययोजना

उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर वर्षभर व्याख्यान, विचार गोष्ठी, निबंध, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज को संत रविदास के जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश से जोड़ा जाएगा।

इसी प्रकार वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर सामूहिक वंदे मातरम् गान, गायन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया जाएगा।

डॉ. मालवीय ने बताया कि वर्ष 2027 में विद्या भारती की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अमृत महोत्सव का व्यापक आयोजन किया जाएगा। इसमें संगठन की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समाज के सामने रखा जाएगा।

पंच परिवर्तन पर रहेगा विशेष जोर

उन्होंने कहा कि विद्या भारती के कार्यों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध और स्वबोध जैसे पंच परिवर्तन महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए उन्हें वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

पत्रकार वार्ता से पूर्व विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त की ओर से विषय संयोजक एवं प्रान्त प्रमुख (आयाम) की बैठक आयोजित की गई। दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ शुरू हुई बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय और शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक राम सिंह की उपस्थिति रही। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह ने कराया।

बैठक में विभिन्न आयामों के प्रमुखों के साथ विभागीय कार्यों, आगामी कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार की रणनीति तथा पंच परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अंत में संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे, कन्हैया चौबे, प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह, प्रचार संयोजक अंकित कुमार गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, प्रेम शरण मिश्र सहित विभिन्न आयामों के प्रमुख बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।

*विद्या भारती का लक्ष्य संस्कारयुक्त एवं राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण : डॉ. सौरभ मालवीय*🔸 संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ आध...
22/08/2026

*विद्या भारती का लक्ष्य संस्कारयुक्त एवं राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण : डॉ. सौरभ मालवीय*

🔸 संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक को अपना रही विद्या भारती

🔸 गोरक्ष प्रान्त की उपलब्धियों की दी जानकारी

🔸 संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वाँ जयंती वर्ष, वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ और विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव की बनेगी व्यापक कार्ययोजना

बस्ती। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता एवं आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा को केवल परीक्षा एवं रोजगार तक सीमित न रखते हुए उसे संस्कार, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया गया है। उक्त बातें विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

उन्होंने विद्या भारती के शैक्षिक कार्यों, गोरक्ष प्रान्त की उपलब्धियों तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें चरित्रवान, राष्ट्रभक्त एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

डॉ. मालवीय ने कहा कि आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में शिक्षा में नैतिकता और मानवीय संवेदनाएं बनाए रखना आवश्यक है। इसी दिशा में विद्यालयों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी गतिविधियों को जोड़ा जा रहा है। गोरक्ष प्रान्त के पूर्व छात्र आज प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईटी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में राष्ट्र सेवा कर रहे हैं।

आगामी प्रमुख राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यक्रम
संत रविदास जी का 650वाँ जयंती वर्ष: वर्षभर व्याख्यान, विचार गोष्ठियां, निबंध, चित्रकला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उनके जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को विद्यार्थियों व समाज तक पहुँचाया जाएगा।

वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: सामूहिक वन्दे मातरम् गान, गायन व पेंटिंग प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित कर राष्ट्रीय चेतना व देशभक्ति का भाव जागृत किया जाएगा।

विद्या भारती अमृत महोत्सव (2027): वर्ष 2027 में स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर 'अमृत महोत्सव' का व्यापक आयोजन होगा। इसके तहत विद्या भारती की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समाज के सामने रखा जाएगा।
पंच परिवर्तन एवं भारतीय जीवन-मूल्य

डॉ. मालवीय ने बताया कि विद्या भारती के कार्यों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध एवं स्वबोध जैसे 'पंच परिवर्तन' महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और भारतीय संस्कृति व ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए वैश्विक चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाया जा रहा है।

पत्रकार वार्ता से पूर्व विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त द्वारा विषय संयोजक एवं प्रान्त प्रमुख (आयाम) बैठक का आयोजन दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी एवं शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह जी की उपस्थिति रही। अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह जी ने कराया।

बैठक में विभिन्न आयामों के प्रमुखों के साथ विभागीय कार्यों, आगामी कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार की रणनीति और पंच परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन संभाग निरीक्षक श्री अजय कुमार दूबे जी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह, संभाग निरीक्षक श्री अजय कुमार दूबे, श्री कन्हैया चौबे, प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह, प्रचार संयोजक श्री अंकित कुमार गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख श्री नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, श्री प्रेम शरण मिश्र सहित विभिन्न आयामों के प्रमुख बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।

तुलसी जयंती पर प्रतिभाओं ने बिखेरा भक्ति और साहित्य का रंगसिद्धार्थनगर,(तेतरी बाजार)। रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु ...
22/08/2026

तुलसी जयंती पर प्रतिभाओं ने बिखेरा भक्ति और साहित्य का रंग

सिद्धार्थनगर,(तेतरी बाजार)। रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर में गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर रामचरितमानस की चौपाई प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और मानस की चौपाइयों के माध्यम से भक्ति एवं साहित्य का रंग बिखेरा।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रामचरितमानस की चौपाइयों का सस्वर पाठ कर भारतीय संस्कृति और साहित्य के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। प्रतियोगिता में योगेश्वर मिश्र ने प्रथम, सूर्यांश पाठक ने द्वितीय तथा विवेकानंद यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
शनिवार को विद्यालय की वंदना सभा में आयोजित सम्मान समारोह में प्रधानाचार्य श्री बसंत प्रसाद मिश्र एवं जयंती प्रमुख आचार्य श्री दिलीप श्रीवास्तव ने विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्य श्री बसंत प्रसाद मिश्र ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का साहित्य भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है। रामचरितमानस की चौपाइयों में निहित आदर्श, मर्यादा, त्याग और सेवा की भावना विद्यार्थियों के जीवन को संस्कारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय साहित्य, संस्कृति और संस्कारों के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया गया।

संस्कृत बोध परियोजना व्यापकीकरण अभियान का शुभारम्भसिद्धार्थनगर, संवाददाता। रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर ...
21/08/2026

संस्कृत बोध परियोजना व्यापकीकरण अभियान का शुभारम्भ

सिद्धार्थनगर, संवाददाता। रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार के बालिका परिसर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा प्रस्तावित ‘संस्कृति बोध परियोजना व्यापकीकरण अभियान’ का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा एवं संस्कृत साहित्य से परिचित कराते हुए उन्हें अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बसंत प्रसाद मिश्र ने कहा कि भारतीय प्राचीन ज्ञान परंपरा अत्यंत समृद्ध एवं वैज्ञानिक रही है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व प्रकृति, खगोल विज्ञान, गणित, चिकित्सा तथा जीवन-मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण ज्ञान को विकसित किया था। विद्यार्थियों को अपने प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन कर उनमें निहित ज्ञान एवं जीवन-मूल्यों को अपने आचरण में उतारना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल बोलने और सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसे व्यवहार में उतारना ही वास्तविक संस्कृति-बोध है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना भारतीय संस्कृति की पहचान है। समाज और राष्ट्र के हित में अपने ज्ञान, संसाधनों एवं सामर्थ्य का उपयोग करना तथा दूसरों के साथ बांटना हमारी गौरवशाली परंपरा रही है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा को जानें, समझें और उसके संरक्षण एवं संवर्धन में अपना योगदान दें। आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
कार्यक्रम में संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख आचार्य शिव शंकर जी, आचार्या श्रीमती अर्चना शाह , विशिष्ट अतिथि एवं अखंड हिंदू फौज की कमांडर सोनाक्षी तथा पलक, जो विद्या भारती की पूर्व छात्राएं हैं, की गरिमामयी उपस्थिति रही। बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती उमा सिंह कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। विद्यार्थियों को संस्कृति बोध परियोजना के उद्देश्यों, उसकी उपयोगिता एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी गई। अतिथियों ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूक रहते हुए उन्हें जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

19/08/2026

Green Day Celebration: Inspiring Students to Care for Nature 🌱🌿

A vibrant Green Day Celebration was organised at the school with great enthusiasm and active participation of the students.

The programme featured a variety of engaging activities, including Plantation, Recitation and Leaf Printing. Students enthusiastically planted saplings and learned the importance of protecting nature and keeping our surroundings green.

Through Recitation, students expressed their love for nature, while the Leaf Printing Activity provided them an opportunity to showcase their creativity and artistic skills using natural leaves.

The celebration beautifully combined learning, creativity and environmental awareness, inspiring students to become responsible and caring citizens for a greener and healthier future.

🌱 Go Green, Grow Green, Save the Environment! 🌿

तिरंगे की आन-बान-शान के साथ गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेशसांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, सांसद जगदंबिका पाल ने विद्यार...
15/08/2026

तिरंगे की आन-बान-शान के साथ गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, सांसद जगदंबिका पाल ने विद्यार्थियों को दिलाया राष्ट्रसेवा का संकल्प

सिद्धार्थनगर। रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार में शुक्रवार को देशभक्ति, उत्साह और उल्लास के वातावरण में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक श्री राघवेंद्र जी ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद राष्ट्रगान की सामूहिक प्रस्तुति से पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के पश्चात विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की मनोहारी छटा बिखेरी। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों के साथ हिंदी एवं संस्कृत में भाषण तथा अंग्रेजी भाषा में प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण की झलक देखने को मिली। उनकी प्रस्तुतियों ने अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद जगदंबिका पाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने युवा पीढ़ी से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने तथा भारत को विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य बसंत प्रसाद मिश्र ने कराया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कला व घोष के शिक्षक विपुल कुमार सिंह ने बांसुरी वादन भी किया।
विद्यालय के प्रबंधक
एवं कार्यक्रम अध्यक्ष श्री अजय कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने सभी से देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला व्यवस्था प्रमुख एवं विद्यालय के कोषाध्यक्ष मदन मोहन सिंह, विभाग समरसता प्रमुख शंभूनाथ गुप्ता, जिला विद्यार्थी प्रमुख सौरभ जी, सह जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख धनंजय रस्तोगी, सीमा मिश्रा, विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य महादेव प्रसाद सहित विद्यालय के आचार्य कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती उमा सिंह ने तिथियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा देशहित में सदैव समर्पित रहने के संकल्प के साथ हुआ।

14/08/2026

Address

Tetari Bazar
Naugarh
272207

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Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
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