06/02/2022
𝗧𝗢𝗧𝗔𝗟𝗘'𝗦 𝗖𝗢𝗠𝗠𝗘𝗥𝗖𝗘 𝗔𝗖𝗔𝗗𝗘𝗠𝗬 is happy to announce a 𝗥𝗘𝗩𝗜𝗦𝗜𝗢𝗡 𝗦𝗘𝗦𝗦𝗜𝗢𝗡 for the students appearing for 𝗕𝗢𝗔𝗥𝗗 𝗘𝗫𝗔𝗠 in the month of 𝗠𝗔𝗥𝗖𝗛 𝟮𝟬𝟮𝟮. Important features of the batch are as follows:
✅ Teaching by Qualified and Experienced Faculties.
✅ Complete revision of entire syllabus.
✅ 𝗙𝗿𝗲𝗲 𝗻𝗼𝘁𝗲𝘀 for revision.
✅ Free last day revision notes.
✅ Doubt solving.
✅ One 𝗳𝘂𝗹𝗹 𝗹𝗲𝗻𝗴𝘁𝗵 paper.
The 𝗖𝗢𝗨𝗥𝗦𝗘 𝗙𝗘𝗘𝗦 is R̶s̶.̶ ̶5̶,̶0̶0̶0̶/-, but the course is absolutely 𝗙𝗥𝗘𝗘 for 𝗳𝗶𝗿𝘀𝘁 𝟱𝟬𝟬 𝗿𝗲𝗴𝗶𝘀𝘁𝗿𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻𝘀, so 𝐇𝐔𝐑𝐑𝐘 𝐔𝐏!! and don't miss the chance of learning from the "𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗧𝗛𝗘 𝗠𝗢𝗦𝗧 𝗧𝗥𝗨𝗦𝗧𝗘𝗗 𝗖𝗢𝗠𝗠𝗘𝗥𝗖𝗘 𝗔𝗖𝗔𝗗𝗘𝗠𝗬 𝗢𝗙 𝗡𝗢𝗥𝗧𝗛 𝗠𝗔𝗛𝗔𝗥𝗔𝗦𝗛𝗧𝗥𝗔”
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07/04/2017
*Positive attitude*
एक घर के पास काफी दिन से एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था।
वहां रोज मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे।
*रोज कोई बच्चा इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...*
*इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल जाते,*
पर...
केवल चङ्ङी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में रखा कपड़ा घुमाते हुए रोज गार्ड बनता था।
*एक दिन मैंने देखा कि* ...
उन बच्चों को खेलते हुए रोज़ देखने वाले एक व्यक्ति ने कौतुहल से गार्ड बनने वाले बच्चे को पास बुलाकर पूछा....
*"बच्चे, तुम रोज़ गार्ड बनते हो। तुम्हें कभी इंजिन, कभी डिब्बा बनने की इच्छा नहीं होती?"*
इस पर वो बच्चा बोला...
*"बाबूजी, मेरे पास पहनने के लिए कोई शर्ट नहीं है। तो मेरे पीछे वाले बच्चे मुझे कैसे पकड़ेंगे... और मेरे पीछे कौन खड़ा रहेगा....?*
*इसीलिए मैं रोज गार्ड बनकर ही खेल में हिस्सा लेता हूँ।*
*"ये बोलते समय मुझे उसकी आँखों में पानी दिखाई दिया।*
*आज वो बच्चा मुझे जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ा गया...*
*अपना जीवन कभी भी परिपूर्ण नहीं होता। उसमें कोई न कोई कमी जरुर रहेगी....*
वो बच्चा माँ-बाप से ग़ुस्सा होकर रोते हुए बैठ सकता था। परन्तु ऐसा न करते हुए उसने परिस्थितियों का समाधान ढूंढा।
*हम कितना रोते हैं?*
कभी अपने *साँवले रंग* के लिए, कभी *छोटे क़द* के लिए,
कभी पड़ौसी की *बडी कार,*
कभी पड़ोसन के *गले का हार,* कभी अपने *कम मार्क्स,*
कभी *अंग्रेज़ी,*
कभी *पर्सनालिटी,*
कभी *नौकरी की मार* तो
कभी *धंदे में मार*...
हमें इससे बाहर आना पड़ता है....
*ये जीवन है... इसे ऐसे ही जीना पड़ता है।*
*चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी डिप्रेशन में नहीं आती,*
*वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है,*
*मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं।*
*तुलना से बचें और खुश रहें ।*
*ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़..!!!*
*मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़..!!!*
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🐾स्नेह वंदन 🐾
*"परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती,*
*समस्या इस लिए बनती है, क्योंकि हमें उन परिस्थितियों से लड़ना नहीं आता।"*
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*"सदा मुस्कुराते रहिये"*
09/03/2015
Crash batch for all levels of CS (Company Secretary) for June 2015 attempt starts from 1st April 2015
Contact: 7588554422