14/01/2022
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10/05/2021
12/12/2020
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16/11/2020
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🍁 #भाई_दूज_पर्व_पर_विशेष..._✍🏼
आप सभी स्नेही स्वजनों एवं आपके समस्त परिजनों को *भाई दूज पर्व पर अनंत हार्दिक बधाई एवं मंगल शुभकामनाएं ।
_भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भाईदूज का पर्व भाइयों एवं बहनों के लिए सदभावना बढ़ाने का दिन है। पौराणिक दृष्टि से आज भी लोग बहन यमुना और भाई यम के इस शुभ प्रसंग का स्मरण करके आशीर्वाद पाते हैं एवं यम के पाश से छूटने का संकल्प करते हैं।_
यह पर्व भाई-बहन के स्नेह का द्योतक है। कोई बहन नहीं चाहती कि उसका भाई दीन-हीन, तुच्छ हो, सामान्य जीवन जीने वाला हो, ज्ञानरहित, प्रभाव रहित हो। बहन भाई को इस शुभ भाव से तिलक करती है कि मेरा भैया त्रिनेत्र बने। बहन तिलक करके अपने भाई को प्रेम से भोजन कराती है और बदले में भाई उसको वस्त्र अलंकार, दक्षिणादि देता है। बहन निश्चिंत होती है कि 'मैं अकेली नहीं हूँ.मेरे साथ मेरा भैया है।' भाईदूज का यह पर्व, भाई की बहन के संरक्षण की याद दिलाने वाला और बहन द्वारा भाई के लिए शुभ कामनाएँ करने का पर्व है।
_इस दिन बहन को चाहिए कि अपने भाई की दीर्घायु के लिए यमराज से अर्चना करें।_
इन्हीं मंगल शुभकामनाओं सहित
मंगलमय शुभप्रभात...🐔🙏🌷
सब का मंगल हो💐🙏💖🎉 🚩
🥦{ स्वस्थ जीवन का आधार-शाकाहार }
31/10/2020
#जानिए_करवा_चौथ_पूजा_का_शुभ_मुहूर्त िहास
करवा चौथ व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है. करवाचौथ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है. 'करवा' यानी 'मिट्टी का बरतन' और 'चौथ' यानि 'चतुर्थी'. इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं. यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे अहम व्रत माना जाता है. करवा चौथ के दिन महिलाएं बड़े ही श्रद्धा भाव से शिव-पार्वती की पूजा करती हैं. इस दिन व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश के साथ चांद की भी पूजा की जाती है. करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार और विश्वास का प्रतीक है. यही नहीं कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर के लिए इस दिन व्रत रखती हैं. करवा चौथ का पावन व्रत हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है और ऐसे में इस साल करवा चौथ व्रत 04 नवंबर 2020 को रखा जाएगा.
करवा चौथ मुहूर्त
करवा चौथ तिथि- 04 नवंबर 2020 (बुधवार)
करवा चौथ पूजा मुहूर्त- शाम 5 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 48 मिनट तक
चंद्रोदय- रात 8 बजकर 16 मिनट पर
चतुर्थी तिथि आरंभ- सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर (04 नवंबर)
चतुर्थी तिथि समाप्त- सुबह 5 बजकर 14 मिनट पर (05 नवंबर)
करवा चौथ का इतिहास
बहुत-सी प्राचीन कथाओं के अनुसार करवा चौथ की परंपरा देवताओं के समय से चली आ रही है. माना जाता है कि एक बार देवताओं और दानवों में युद्ध शुरू हो गया और उस युद्ध में देवताओं की हार हो रही थी. ऐसे में देवता ब्रह्मदेव के पास गए और रक्षा की प्रार्थना की. ब्रह्मदेव ने कहा कि इस संकट से बचने के लिए सभी देवताओं की पत्नियों को अपने-अपने पतियों के लिए व्रत रखना चाहिए और सच्चे दिल से उनकी विजय के लिए प्रार्थना करनी चाहिए. ब्रह्मदेव ने यह वचन दिया कि ऐसा करने पर निश्चित ही इस युद्ध में देवताओं की जीत होगी.
ब्रह्मदेव के इस सुझाव को सभी देवताओं और उनकी पत्नियों ने खुशी-खुशी स्वीकार किया. ब्रह्मदेव के कहे अनुसार कार्तिक माह की चतुर्थी के दिन सभी देवताओं की पत्नियों ने व्रत रखा और अपने पतियों यानी देवताओं की विजय के लिए प्रार्थना की. उनकी यह प्रार्थना स्वीकार हुई और युद्ध में देवताओं की जीत हुई. इस खुशखबरी को सुन कर सभी देव पत्नियों ने अपना व्रत खोला और खाना खाया. उस समय आकाश में चांद भी निकल आया था. माना जाता है कि इसी दिन से करवा चौथ के व्रत की परंपरा शुरू हुई.
करवा चौथ व्रत के नियम
यह व्रत सूर्योदय होने से पहले शुरू होता है और चांद निकलने तक रखा जाता है. चांद के दर्शन के बाद ही व्रत को खोलने का नियम है. शाम के समय चंद्रोदय से लगभग एक घंटा पहले सम्पूर्ण शिव-परिवार (शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी) की पूजा की जाती है. पूजन के समय व्रती को पूर्व की ओर मुख करके बैठना चाहिए. इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है. इसके बाद पति जल पिलाकर पत्नी का व्रत तोड़ते हैं.
करवा चौथ पूजा का मंत्र
'ॐ शिवायै नमः' से पार्वती का, 'ॐ नमः शिवाय' से शिव का, 'ॐ षण्मुखाय नमः' से स्वामी कार्तिकेय का, 'ॐ गणेशाय नमः' से गणेश का तथा 'ॐ सोमाय नमः' से चंद्रमा का पूजन करें।. करवों में लड्डू का नैवेद्य रखकर उसे भगवान को अर्पित करें. एक लोटा, एक वस्त्र व एक विशेष करवा दक्षिणा के रूप में अर्पित कर पूजन समापन करें. करवा चौथ व्रत की कथा पढ़ें और सुनें
24/06/2020
पानी बचाया जा सकता है, लेकिन बनाया नहीं जा सकता ।
दादा जी ने नदी में पानी देखा । पिता जी ने कुएं में। हमने नल में देखा । बच्चों ने बोतल में । अब उनके बच्चे कहाँ देखेंगे ......?
*जरूर विचार करें एवं*
*पानी को व्यर्थ न करें*
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27/04/2020
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"सेनेटाइजर"की विधि
तो विधि इस प्रकार है.....
1 लीटर स्प्रिट (कीमत 110 रुपए)
200 ml ग्लिसरीन (60 रुपए)
एक ढक्कन डिटोल का....
महक चाहिए तो आपका पसंदीदा कोई भी इत्र चल जाएगा....
पहले स्प्रिट व ग्लिसरीन को मिलाइये....
फिर डिटोल मिला दीजिए...
फिर यदि महक चाहिए तो इत्र मिला दीजिए
आपका सेनिटाइजर तैयार हो जाएगा...
मात्र 200 रुपए के आस-पास आपका 1200 ml सेनिटाइजर तैयार हो जाएगा....
जबकि बाजार में 100 ml का सेनिटाइजर 100 से 150 रुपए तक मे बिक रहा है.....
✔️हम लोग "फिटकरी"से सेनेटाइजर बना सकते है...
1 लीटर पानी मे 100ग्राम "फिटकरी" डाल 1 ढक्कन "डिटोल",
गाड़ा करने के लिए "ग्लिसरीन"या "एलुविरा" मिलाकर भी "सेनिटाइजर"बना सकते है.....
घर पर तैयार कर कालाबाजारी करने वालो को जवाब दीजिए....
08/03/2020
Happy Women's Day....
"यत्र नार्यस्तु पूजयंते रमन्ते तत्र देवता"
#अर्थात
"जहाँ पर नारी का सम्मान होता है वहाँ देवता निवास करते हैं । आप सभी को "महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं .....
30/01/2020
🕉जय गुरुदेव🕉
🌹 #बसंत_पंचमी_की_शुभकामनाएं🌹
वीणाधरे विपुलमङ्गलदानशीले भक्तार्तिनाशिनि
विरिञ्चिहरीशवन्द्ये । कीर्तिप्रदेऽखिलमनोरथदे महार्हे विद्याप्रदायिनि
सरस्वतिनौमि नित्यम् ॥
#भावार्थ:-
हे वीणा धारण करनेवाली, अपार मंगल देनेवाली, भक्तों के दुःख छुड़ाने वाली, ब्रह्मा, विष्णु और शिव से वन्दित होनेवाली कीर्ति तथा मनोरथ देनेवाली, पूज्यवरा और विद्या देनेवाली सरस्वती ! आपको नित्य प्रणाम करता हूँ ।
🙏🏻🌹प्रणाम, सुप्रभात🌹🙏🏻
🙏🏻🌹शुभ गुरुवार🌹🙏🏻
🙏🏻आपका दिन मंगलमय हो🙏🏻
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