13/06/2022
धर्म और जाती
ये सोच के मेरा दिल अक्षर रोता है,
क्या मेरा देश धर्म जाती से होता है,
कोई कहे मेरे अल्लाह ने ये दुनिया बनाई है
कोई कहे सबसे पुरानी संस्कृती हमारी है
जाती धर्म के नाम पे क्यों लड़ते हो आखिर हम सब एक है
कैसे भूल बैठे है हम सब सबसे पहले हम एक इंसान है
जिसने हमे बनाया वो कैसा है ये हमे पता नहीं है
पर जैसा भी हो वो पक्का हमारे जैसा नहीं है
उसने हमे धरती पे प्रेम बाटने को भेजा है
पर हम उसकी बनाई इस दुनियां में उसे बसाने में लगे है
अरे गीता में हो कुराना में उसने लिखा है
मैं हर इंसान में हू खोजो उसे तो पता चलेगा,
वो देता है सबको सब चीज एक समान है
सूर्य का उजाला और ये रात ठंडी मिलती हमे एक समान है
फूल कभी नहीं पूछता हमसे मुझे कहा ले जाओगे
मंदिर मस्जित या किसी के अर्थी पे सजाओंगे
प्रशाद भी तो हम एक जैसे इस्तेमाल करते है
जब भी उठे प्राथना के लिए ये दोनो हाथ साथ मिलते है
रहो इन हाथो की तरह जो काम अलग अलग करते है पर
जब बात आती किसी भारी चीज को उठाने की तो एक साथ जुड़ते है
क्या रखा है इस जाती धर्म के झगड़ो में
प्रेम में रहो तो ईश्वर अल्लाह सब कुछ मिलेगा
हमे इंसानों में ही मिलेगा ।
नेताओ का क्या वो भड़का के चले जाते है
क्या इनके बच्चे उस भीड़ में नजर आते है
यही आशा करता हू रहेंगे हम प्रेम से
ताकी भगवान खुदा बसे हर एक के घर में ।