Gurukul School ,Sinod

Gurukul School ,Sinod A school for co-education ,from-frist 2 twelth

09/05/2026

Saturday activity
7th class interclass competition

बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए....."अच्छा टीचर जरूरी है…लेकिन एक्टिव गार्जियन उससे भी ज्यादा जरूरी है!""सिर्फ स्कूल भेज द...
12/04/2026

बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए.....
"अच्छा टीचर जरूरी है…
लेकिन एक्टिव गार्जियन उससे भी ज्यादा जरूरी है!"

"सिर्फ स्कूल भेज देना काफी नहीं…
बच्चे को बनाना है तो गार्जियन को भी बदलना पड़ेगा!"

बहुत लोग सोचते हैं—
“हमने बच्चे को स्कूल में डाल दिया… अब काम टीचर का है।”

यहीं सबसे बड़ी गलती होती है।

सच सुनो—
बच्चा सिर्फ स्कूल में नहीं बनता…
वो घर और स्कूल दोनों जगह मिलकर बनता है।

एक Active Guardian होना क्या होता है?

वो सिर्फ स्कूल भेजकर फ्री नहीं हो जाता…
बल्कि रोज अपने बच्चे की पढ़ाई में शामिल रहता है।

👉 बच्चा स्कूल से आया?
पूछो — आज क्या सीखा?

👉 कॉपी खोली?
देखो — होमवर्क सही किया या बस नकल मारी?

👉 टेस्ट हुआ?
मार्क्स से ज्यादा ये समझो — गलती कहाँ हुई?

👉 शिक्षक ने क्या पढ़ाया होमवर्क दिया या नहीं

👉 लेकिन अभिभावक करते क्या है, की सर/ मैम मेरा बच्चा खाना नहीं खाता है समय पर नहीं जगता है बात नहीं मानता है स्कूल के आने के बाद खेलता है मोबाइल /टीवी देखता है।

👉 कभी भी PTM होता है कोई न कोई बहाना बनाके नहीं आना इससे बच्चे का विकास नहीं होगा। आपको जब भी बुलाया जाता है आइए और जो भी मन में सवाल है पूछिए जो आपके बच्चे के भविष्य को आगे बढ़ाए l

👉मेरा सभी अभिभावकों से एक ही अनुरोध समझे या विनती आप जब तक जागरूक नहीं होंगे कुछ भी नहीं हो सकता है केवल बच्चा स्कूल से होमवर्क लेकर आएगा।

👉 आप स्कूल बीच बीच में आइए और उन सभी शिक्षक से पूछिए जो आपके बच्चे का होमवर्क नहीं चेक करते नहीं रेगुलर होमवर्क देते।

👉 और एक कही भी स्कूल में जाइए आप एक आदर और सम्मान के साथ उन सभी शिक्षकों से बात करिए क्योंकि वही शिक्षक आपके बच्चों के भविष्य को सुनहरा बनायेंगे।
👉 अभिभावक उनसे भी प्रश्न कीजिए जिनके एक क्लास में 100 बच्चे हो और एक शिक्षक होते है कभी भी बच्चा की कॉपी पर सिग्नेचर नहीं होता है।
👉क्योंकि
बच्चा वही बनता है आगे बढ़ता है
जिस पर घर में ध्यान दिया जाता है।

आज की सच्चाई ये है—

जिन बच्चों के गार्जियन एक्टिव होते हैं…
वो बच्चे औसत से ऊपर निकल जाते हैं।

और जिनके गार्जियन कहते हैं—
“टीचर देख लेगा…”
वो बच्चे धीरे-धीरे पीछे रह जाते हैं।

कड़वा लगेगा, लेकिन सच है—

👉 टीचर 50 बच्चों को संभालता है
👉 गार्जियन सिर्फ 1 बच्चे को।

फिर भी अगर बच्चा पीछे है…
तो सिर्फ टीचर को दोष देना
पूरी सच्चाई नहीं है।

एक सही गार्जियन क्या करता है?

✔️ बच्चे को मोबाइल देकर चुप नहीं कराता
✔️ उसकी दोस्ती, आदतें, और समय पर नजर रखता है
✔️ टीचर से जुड़ा रहता है — PTM हो या कॉल
✔️ बच्चे को सिर्फ डांटता नहीं… समझाता भी है
✔️ पढ़ाई को बोझ नहीं… जिम्मेदारी बनाता है

क्योंकि
टीचर रास्ता दिखाता है…
लेकिन उस रास्ते पर चलाना गार्जियन का काम है।

अगर दोनों साथ आ जाएं—
तो एक सामान्य बच्चा भी
कमाल कर सकता है।

और अगर दोनों अलग-अलग दिशा में खड़े हों—
तो टॉपर भी धीरे-धीरे गिर सकता है।

याद रखना—

बच्चा आपका है…
जिम्मेदारी भी आपकी है।

अगर आप अपने बच्चे के लिए सच में सीरियस हैं, तो आज से खुद एक्टिव बनो l

सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा में कक्षा 10th व 12th में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को personal computer(PC) आज...
09/04/2026

सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा में कक्षा 10th व 12th में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को personal computer(PC) आज पुरूस्कार दिया गया।

कक्षा 10th में दो बच्चे सयुंक्त रूप से
अंजू बसवाणा/नथुराम जी,माँजरा
और तरुण /धर्माराम जी ,सिणोद प्रथम रहें
12th में भी दो बच्चे सयुंक्त रूप से
प्रतीक्षा/पुखराज जी सिणोद
नीतू बसवाणा / ओमप्रकाश जी चांतरा-मांजरा
बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं
आगे भी यह ईनाम जारी रहेगा

आजकल एडमिशन के समय कुछ लोग घर-घर जाकर अभिभावकों को तरह-तरह के प्रलोभन देते हैं। वे मीठी-मीठी बातें करके कम फीस, शानदार प...
05/04/2026

आजकल एडमिशन के समय कुछ लोग घर-घर जाकर अभिभावकों को तरह-तरह के प्रलोभन देते हैं। वे मीठी-मीठी बातें करके कम फीस, शानदार परिणाम और उज्ज्वल भविष्य के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन वास्तविकता अक्सर इन दावों से बिल्कुल अलग होती है। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि वे किसी भी प्रकार के झांसे में आकर अपने बच्चों के भविष्य से समझौता न करें।

फीस कम होने का लालच सबसे बड़ा हथियार होता है। कई लोग इसी आधार पर अभिभावकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि केवल कम फीस ही अच्छी शिक्षा की गारंटी नहीं होती। शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों का अनुभव, नियमित पढ़ाई का वातावरण और विद्यालय का अनुशासन—ये सभी बातें कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती हैं। जो संस्थान पूरे वर्ष मेहनत करने में विश्वास रखते हैं, वे कभी भी सिर्फ एक महीने की मार्केटिंग के भरोसे अपनी पहचान नहीं बनाते।

शिक्षा को व्यापार बनाकर चलने वाले किसी बच्चे का भला नहीं कर सकते । उनकी मजबूरी नहीं अपने बच्चे के भविष्य का जरूर ध्यान रखें । एक बार बच्चा ट्रैक चुकने के बाद बच्चे का पटरी पर आना मुश्किल होता है । जिस संस्थान के द्वारा आपको रिश्तेदारी का वास्ता देकर आपके बच्चे को अपने यहां admission का दबाव बनाये तो उनको सीधा ना कहना सीखे । वो तो अपनी जेब भर लेंगे पर आपके बच्चे के भविष्य की पूंजी माइनस में चली जाएगी।

अक्सर देखा जाता है कि ऐसे स्कूलों में शिक्षकों का टिकाव भी नहीं होता। समय पर वेतन न मिलने के कारण अच्छे शिक्षक वहाँ काम करना पसंद नहीं करते और जो रहते भी हैं, वे मजबूरी में रहते हैं। परिणामस्वरूप, बीच सत्र में ही शिक्षक बदल जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है। एक स्थिर और समर्पित शिक्षक ही विद्यार्थी को सही दिशा दे सकता है, लेकिन जब शिक्षक ही बार-बार बदलते रहें, तो शिक्षा की गुणवत्ता गिरना स्वाभाविक है।

इसके अलावा, ऐसे संस्थान बड़े-बड़े वादे तो कर लेते हैं—जैसे 100% रिजल्ट, व्यक्तिगत ध्यान, आधुनिक सुविधाएँ आदि—लेकिन समय आने पर उन वादों को पूरा नहीं कर पाते। इससे न केवल अभिभावकों का विश्वास टूटता है, बल्कि निजी विद्यालयों की छवि भी खराब होती है। कुछ लोगों की इस तरह की सोच और कार्यशैली पूरे शिक्षा तंत्र को नुकसान पहुँचाती है।

इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे किसी भी विद्यालय में एडमिशन लेने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें। केवल बातों या दिखावे पर विश्वास न करें, बल्कि विद्यालय का वातावरण देखें, शिक्षकों से मिलें, पुराने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से फीडबैक लें। यह भी देखें कि विद्यालय पूरे वर्ष किस प्रकार की पढ़ाई और गतिविधियों पर ध्यान देता है।

अंततः, बच्चे का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी सतर्कता और सही निर्णय लेकर हम अपने बच्चों को एक मजबूत और उज्ज्वल भविष्य दे सकते हैं। इसलिए किसी के बहकावे में आने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लें और ऐसे विद्यालय का चयन करें जो वास्तव में पूरे साल मेहनत और ईमानदारी से शिक्षा प्रदान करता हो।

गर्व के पल अपार खुशी बच्चों की मेहनत बच्चों के साथ पधारे मोतियों से महंगे अभिभावक इनका सम्मान हमारे लिए अद्वितीय....All ...
01/04/2026

गर्व के पल
अपार खुशी
बच्चों की मेहनत
बच्चों के साथ पधारे मोतियों से महंगे अभिभावक
इनका सम्मान हमारे लिए अद्वितीय....All of you deserve it.

कक्षा 12th के बच्चों का मुँह मीठा करवाकर स्वागत, अपनी ही स्कूल में

31/03/2026
12th बोर्ड परीक्षा 2026 का ऐतिहासिक परिणाम बच्चों,अभिभावकों व शिक्षक बंधुओं को बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं !!इन सब बच्चो...
31/03/2026

12th बोर्ड परीक्षा 2026 का ऐतिहासिक परिणाम
बच्चों,अभिभावकों व शिक्षक बंधुओं को बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं !!
इन सब बच्चों के वैकल्पिक विषय भूगोल, इतिहास, राजनीति विज्ञान है
जो बच्चे नियमित रूप से एक ही स्कूल में लगातार पढ़ते हैं वहीं रिजल्ट देते हैं ।स्कूल के पास बेह्तरीन अनुभवी शिक्षक टीम हो, स्कूल में अच्छा अनुशासन तथा बच्चों को motivational थ्योरी पर काम करें । यह बच्चे लगातार इसी विधालय में पढ़ रहे थे, इसी कारण शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की बार बार स्कूल बदलने से पढ़ाई का स्तर भी गिरता जाता है एक बार स्तर गिरने के बाद दूबारा वहीं स्तर प्राप्त करना कठिन होता है...अतः अपने बच्चों को उसी विधालय में दाखिला दिलाए जहां से बार बार निकालने की जरूरत ना पड़े।वो चाहे सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट.. गुरुकुल से एक बार TC कटवाने के बाद दुबारा भविष्य में प्रवेश नहीं देने की नीति पर कार्य कर रहा है।

Proud of you
25/03/2026

Proud of you

5th ,8th में शानदार प्रदर्शन बहुत बहुत बधाई नन्हे मुन्ना पार्टी
24/03/2026

5th ,8th में शानदार प्रदर्शन
बहुत बहुत बधाई नन्हे मुन्ना पार्टी

Congratulations all the students,teachers & their parents for historical result of 10th board 2026
24/03/2026

Congratulations all the students,teachers & their parents for historical result of 10th board 2026

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