02/10/2025
विद्या भारती विद्यालय शारदा बाल निकेतन उच्च माध्यमिक में इंडोर बैडमिंटन और कब्बड्डी कोर्ट्स का हुआ भूमिपूजन।
पदम श्री विभूषित पूज्य संत श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज और मोक्षानंद जी महाराज का मिला पावन सान्निध्य।
भामाशाह अभय मल सा लोढ़ा ने किया ₹21 लाख का अर्थ सहयोग।
नागौर
विद्या भारती विद्यालय शारदा बाल निकेतन उच्च माध्यमिक में खिलाड़ियों के खेल अभ्यास हेतु स्थायी इंडोर बैडमिंटन और कब्बड्डी कोर्ट्स निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य गेनाराम गुरु ने बताया कि भामाशाह श्री अभयमल सा लोढ़ा द्वारा 21 लाख रुपए का अर्थ सहयोग विद्यालय को किया गया है।इसी अर्थ सहयोग से विद्यालय परिसर में कब्बड्डी और बैडमिंटन के इंडोर कोर्ट्स का निर्माण करवाया जाएगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में पावन सान्निध्य पदम श्री विभूषित पूज्य संत श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज और मोक्षानंद जी महाराज का मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भामाशाह अभयमल सा लोढ़ा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदर्श शिक्षण संस्थान,नागौर के अध्यक्ष हरिराम धारणिया ने की।विशिष्ट अतिथि के नाते पूर्व विधायक,नागौर मोहन राम चौधरी रहे।मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती एकल विद्यालय योजना के प्रांत प्रमुख देरामाराम भी मंच पर उपस्थित थे। पूज्य संतों और भामाशाह अभय मल लोढ़ा,नगर परिषद् नागौर की सभापति मीतू बोथरा ने भारत माता,सरस्वती माता और ॐ कार के दिव्य चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर भूमि पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूज्य संत मोक्षानंद जी महाराज सा अपने आशीर्वचन में कहा कि विद्या भारती संगठन ने संपूर्ण देश में विद्यालय खोले है, जिनमें बालकों अच्छे संस्कार देने, उनका चारित्रिक निर्माण करने और चरित्रवान नागरिक बनाने और सेवा भाव स्थापित करने का कार्य कर रहे है। महाराज श्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बालकों के निर्माण से भारत एक बार पुनः विश्वगुरु बनेगा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देरामाराम ने कहा कि भारत कोई भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं है यह देव निर्मित धरा है विश्व में जब लोग बोलना नहीं जानते थे,कपड़े पहनना नहीं जानते थे उस समय भारत ही एकमात्र ऐसी धरा थी जिसमें संस्कृति और सभ्यता का पूर्ण विकास हो चुका था। जब चीनी यात्रा ह्वेनसांग भारत भ्रमण पर आया तो उसने अपनी पुस्तक में लिखा भारत में एक भी व्यक्ति भूखा नहीं, यहां किसी प्रकार का कोई अभाव नजर नहीं आया। ऐसे भारतवर्ष में राष्ट्रभक्ति व बालकों के सर्वांगीण विकास से युक्त शिक्षा की अलख जगाने का कार्य विद्या भारती कर रही है।भामाशाह अभयमल सा लोढ़ा ने अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कार निर्माण के क्षेत्र में शारदा बाल निकेतन विद्यालय बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। ये छोटे छोटे बालक ही आगे जाकर भारत के भविष्य के निर्माता बनेंगे।इन भैया बहिनों के सर्वांगीण विकास में समाज को बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया
अतिथियों का परिचय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संघ चालक हनुमान सिंह देवड़ा ने करवाया।विद्यालय की बहिनों ने शास्त्रीय नृत्य के साथ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। आए हुए अतिथियों का धन्यवाद प्रबंध समिति के अध्यक्ष केवलराज बच्छावत ने प्रकट किया।
कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद् के अखिल भारतीय टोली सदस्य और प्रबंध समिति सदस्य शरद कुमार जोशी ने किया।
इस अवसर पर भामाशाह परिवार द्वारा विद्यालय की शैक्षणिक और खेलकूद प्रतिभाओं को पुरस्कार प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया।
*ये भी रहे उपस्थित*
विद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद जोशी,पिंटू सा ललवाणी,व्यवस्थापक घासीराम चौधरी,अशोक वैष्णव, रामप्रसाद कासनिया,जितेंद्र वैष्णव,यतेंद्र पालीवाल,राजेश अग्रवाल,पार्षद नवरतन मल बोथरा, प्रमिल नाहटा,सोहन कौर, इंदू चौधरी,संघ के शताब्दी विस्तारक रूद्रकुमार शर्मा, कमला चारण, अरविंद बोड़ा, अरुणा दहिया, मोना व्यास सहित अनेक गणमान्य नागरिक और विद्यालय के अभिभावक उपस्थित थे।