Dr. B R Ambedakar

Dr. B R Ambedakar बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर

21/03/2018
18/12/2015

🙏🙏सभी भीम सेनिको को जय भीम :- राजस्थान के सभी भीम सेनिको से अनुरोध है कि समाज हित में भीम सेना राजस्थान टीम प्रत्येक जिले में भीम सेना तैयार करना चाहती है जो समाज हित में एकजुट होकर संघर्ष करे राजस्थान के सभी साथी समाज हित में अपना सहयोग देने के लिये भीम सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक अत्याचारों के खिलाफ अपना मोर्चा संभाले भीम सेना राजस्थान से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें 🙏 (रोहित कुमार मेघवाल (7611969656) 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴

16/08/2015

आज हमारी आज़ादी नहीं हुयी थी ये आप सभी को मालूम है,जानकर बहुत ख़ुशी हुयी।
मुझे लगता है के ये जानना भी आवश्यक है के क्या अंग्रेजी राज्य भारत के मूलनिवासी लोगो के लिए लिए अच्छा था या बुरा।आइये जानते है के अंग्रेजो के राज्य में हमारे लिए क्या क्या हुआ था।

लोग कहते है के आज़ादी की लढ़ाई 1857 को शुरू हुयी थी।लेकिन वो तो ब्राह्मणों की आज़ादी की लढ़ाई थी।लेकिन हमारी लढाई की आज़ादी तो 1848 में शुरू हो गयी थी,जब पहली बार महात्मा ज्योति राव फूले जी ने अछूतों की प्राइमरी शिक्षा की ज़रूरत को समझते हुए पहला स्कूल खोला था।उसके 10 साल बाद माता सावित्री बाई फूले जिनको ज्योति राव फूले ने पढाकर तैयार किया था उन्होंने ने औरतों के लिए 1858 में पहला स्कूल खोला,जिसमें किसी भी जात धर्म की औरतें पढ़ सकती थी,जिनको पैर ।
अब आगे आते हैं।1882 में जब फूले जी ने पहली बार त्रावणकोर में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की बात शुरू की और hunter commision ने इस मांग को जायज ठहिराते हुए आरक्षण की मांग को मंन्ज़ूर किया था।
इसके बाद शाहू जी महाराज ने पहली बार कानूनन तौर पर पहली बार 26 July 1902 को भारत में अपनी रियासत में समाज में दबे कुचले मूल निवासियों को 50% आरक्षण दिया था।
यही वो समय था जब बाबा साहेब डॉ:भीम राव आंबेडकर स्कालर शिप ले जरिये विदेश में पढ़े।
अब बात करते है 1919 के एक्ट की
जिसमें कि पहली बार हमारी पहचान Depressed Classes के रूप में हुई।उसके बाद साइमन कमीशन भारत आया जो यह देखने भारत आया था कि असल में यहाँ पर Depressed Classes हैं या नहीं।
इंग्लैंड में हुयी राउंड टेबल कांफ्रेंस में जहा पे बाबा साहेब के प्रयत्नों से 1932 में Communal Award पास हुआ,जिसमें अछूतों को Seperate Electrorates का हक़ मिला,जिस पर गांधी में मरन वरत रख लिया था,और जो बाद मे Poona Pact के समझौते के रूप में खत्म हुआ।

एक और महत्वपूर्ण बात Land Aquisition Act 1942 जिसके जरिये कुछ और लोगों को ज़मीन रखने का हक़ मिल गए।
ये अंग्रेजो का राज ही था जिसमें बाबा साहेब ने मनुस्मृति को जला डाला था।
आज हम सब बाबा साहेब के संविधान की बदौलत यहाँ तक पहुँच पाएं हैं,ये अंग्रेजी शासन की वजह से संभव हुआ था।
अंत में एक बात कहना चाहूँगा,एक बुरे दोस्त से अच्छा एक सच्चा दुश्मन होता है।ब्राह्मण हमारा दोस्त बनकर हमे गुमराह कर रहा है और अंग्रेज जिनको हम दुश्मन मानते है वो हमारा इतना भला कर गए की हम उनका देना नहीं दे सकते।

साथियो लेख अच्छा लगे तो शेयर जरूर करें बुरा लगे तो प्रतिक्रिया ज़रूर दें।
जय भीम जय मूलनिवासी
रोहित कुमार

आज हमारी आज़ादी नहीं हुयी थी ये आप सभी को मालूम है,जानकर बहुत ख़ुशी हुयी।मुझे लगता है के ये जानना भी आवश्यक है के क्या अ...
16/08/2015

आज हमारी आज़ादी नहीं हुयी थी ये आप सभी को मालूम है,जानकर बहुत ख़ुशी हुयी।
मुझे लगता है के ये जानना भी आवश्यक है के क्या अंग्रेजी राज्य भारत के मूलनिवासी लोगो के लिए लिए अच्छा था या बुरा।आइये जानते है के अंग्रेजो के राज्य में हमारे लिए क्या क्या हुआ था।

लोग कहते है के आज़ादी की लढ़ाई 1857 को शुरू हुयी थी।लेकिन वो तो ब्राह्मणों की आज़ादी की लढ़ाई थी।लेकिन हमारी लढाई की आज़ादी तो 1848 में शुरू हो गयी थी,जब पहली बार महात्मा ज्योति राव फूले जी ने अछूतों की प्राइमरी शिक्षा की ज़रूरत को समझते हुए पहला स्कूल खोला था।उसके 10 साल बाद माता सावित्री बाई फूले जिनको ज्योति राव फूले ने पढाकर तैयार किया था उन्होंने ने औरतों के लिए 1858 में पहला स्कूल खोला,जिसमें किसी भी जात धर्म की औरतें पढ़ सकती थी,जिनको पैर ।
अब आगे आते हैं।1882 में जब फूले जी ने पहली बार त्रावणकोर में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की बात शुरू की और hunter commision ने इस मांग को जायज ठहिराते हुए आरक्षण की मांग को मंन्ज़ूर किया था।
इसके बाद शाहू जी महाराज ने पहली बार कानूनन तौर पर पहली बार 26 July 1902 को भारत में अपनी रियासत में समाज में दबे कुचले मूल निवासियों को 50% आरक्षण दिया था।
यही वो समय था जब बाबा साहेब डॉ:भीम राव आंबेडकर स्कालर शिप ले जरिये विदेश में पढ़े।
अब बात करते है 1919 के एक्ट की
जिसमें कि पहली बार हमारी पहचान Depressed Classes के रूप में हुई।उसके बाद साइमन कमीशन भारत आया जो यह देखने भारत आया था कि असल में यहाँ पर Depressed Classes हैं या नहीं।
इंग्लैंड में हुयी राउंड टेबल कांफ्रेंस में जहा पे बाबा साहेब के प्रयत्नों से 1932 में Communal Award पास हुआ,जिसमें अछूतों को Seperate Electrorates का हक़ मिला,जिस पर गांधी में मरन वरत रख लिया था,और जो बाद मे Poona Pact के समझौते के रूप में खत्म हुआ।

एक और महत्वपूर्ण बात Land Aquisition Act 1942 जिसके जरिये कुछ और लोगों को ज़मीन रखने का हक़ मिल गए।
ये अंग्रेजो का राज ही था जिसमें बाबा साहेब ने मनुस्मृति को जला डाला था।
आज हम सब बाबा साहेब के संविधान की बदौलत यहाँ तक पहुँच पाएं हैं,ये अंग्रेजी शासन की वजह से संभव हुआ था।
अंत में एक बात कहना चाहूँगा,एक बुरे दोस्त से अच्छा एक सच्चा दुश्मन होता है।ब्राह्मण हमारा दोस्त बनकर हमे गुमराह कर रहा है और अंग्रेज जिनको हम दुश्मन मानते है वो हमारा इतना भला कर गए की हम उनका देना नहीं दे सकते।

साथियो लेख अच्छा लगे तो शेयर जरूर करें बुरा लगे तो प्रतिक्रिया ज़रूर दें।
जय भीम जय मूलनिवासी
रोहित कुमार

मेघवाल के साथ एसे काण्ड हो रहे है डागावास काण्ड बसवाणी काण्ड आज दिल ढाणी मे काण्ड हो गया है तो मेघवाल जागरूक हो जाओ
09/06/2015

मेघवाल के साथ एसे काण्ड हो रहे है डागावास काण्ड बसवाणी काण्ड आज दिल ढाणी मे काण्ड हो गया है तो मेघवाल जागरूक हो जाओ

04/06/2015

“The relationship between husband and wife should be one of closest friends.”

“Equality may be a fiction but nonetheless one must accept it as a governing principle.”

An ideal society should be mobile, should be full of channels for conveying a change taking place in one part to other parts. In an ideal society there should be many interests consciously communicated and shared.

“Cultivation of mind should be the ultimate aim of human existence.”

Sincerity is the sum of all moral qualities.

“In India, ‘Bhakti’ or what may be called the path of devotion or hero-worship plays a part in politics unequalled in magnitude by the part it plays in the politics of any other of the world. ‘Bhakti’ in religion may be a road to salvation of the soul. But in politics, ‘Bhakti’ or hero-worship is a sure road to degradation and to eventual dictatorship.”

19/05/2015

विधान सभा अध्यक्ष मेघवाल दो सांसद मेघवाल 17विधायक मेघवाल 5जिला प्रमुख मेघवाल फिर भी मेघवालो पर अत्याचार कम नही हुए इससे बड़ी शर्मनाक बात क्या होगी।

विधान सभा अध्यक्ष मेघवाल दो सांसद मेघवाल 17विधायक मेघवाल 5जिला प्रमुख मेघवाल फिर भी मेघवालो पर अत्याचार कम नही हुए इससे ...
19/05/2015

विधान सभा अध्यक्ष मेघवाल दो सांसद मेघवाल 17विधायक मेघवाल 5जिला प्रमुख मेघवाल फिर भी मेघवालो पर अत्याचार कम नही हुए इससे बड़ी शर्मनाक बात क्या होगी।

डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर (अंग्रेज़ी: Bhimrao Ramji Ambedkar, जन्म: 14 अप्रैल, 1891 - मृत्यु: 6 दिसंबर, 1956) एक बहुजन र...
12/05/2015

डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर (अंग्रेज़ी: Bhimrao Ramji Ambedkar, जन्म: 14 अप्रैल, 1891 - मृत्यु: 6 दिसंबर, 1956) एक बहुजन राजनीतिक नेता, और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी भी थे। उन्हें बाबासाहेब के नाम से भी जाना जाता है। आम्बेडकर ने अपना सारा जीवन हिन्दू धर्म की चतुवर्ण प्रणाली, और भारतीय समाज में सर्वत्र व्याप्त जाति व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष में बिता दिया। हिन्दू धर्म में मानव समाज को चार वर्णों में वर्गीकृत किया है। उन्हें बौद्ध महाशक्तियों के दलित आंदोलन को प्रारंभ करने का श्रेय भी जाता है। आम्बेडकर को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है जो भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। अपनी महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों तथा देश की अमूल्य सेवा के फलस्वरूप डॉ. अम्बेडकर को 'आधुनिक युग का मनु' कहकर सम्मानित किया गया।

10/05/2015

Din maa se pocha k
maa k marnay k baad,
dua kon karay ga?

Tu maa boli!
Samandar sookhnay k baad bhi
rait mein nami reh jati hay

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MAKRANA
Nagaur Marwar
341505

Telephone

7611969656

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