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कुछ बच्चे क्लास में ऐसे सोते हैंजैसे पढ़ाई नहीं, नींद का Practical चल रहा हो। 😂
15/05/2026

कुछ बच्चे क्लास में ऐसे सोते हैं
जैसे पढ़ाई नहीं, नींद का Practical चल रहा हो। 😂

21/04/2026

🖼अनेक शब्दों के लिए एक शब्द 🖼

1. जिसके आने की तिथि ज्ञात न हो – अतिथि
2. जिसका जन्म बाद/पीछे हुआ हो – अनुज
3. वह हथियार जो फेंककर चलाया जाय – अस्त्र
4. जो अर्थशास्त्र का विद्वान् हो – अर्थशास्त्री
5. जिसकी उपमा न हो – अनुपम
6. जिसका मूल्य न हो। – अमूल्य
7. जिसका कोई अर्थ न हो – अर्थहीन
8. जिस पर आक्रमण न किया गया हो – अनाक्रांत
9. जिसे जीता न जा सके – अजेय
10. जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास न हो – नास्तिक
11. जिसका जन्म पहले हुआ हो (बड़ा भाई) – अग्रज
12. दोपहर के बाद का समय – अपराह्न
13. जो पराजित न किया जा सके – अपराजेय
14. जिस पर विश्वास न हो – अविश्वसनीय
15. जिसका परिहार (त्याग) न हो सके/जिसको छोड़ा न जा सके – अपरिहार्य
16. जो कानून के प्रतिकूल हो/जो विधि के विरुद्ध हो – अवैध, अविधिक
17. जो समय पर न हो – असामयिक
18. जो अवश्य होने वाला हो – अवश्यम्भावी
19. जिसका विवाह न हुआ हो – अविवाहित
20. जो सबके अन्तःकारण की बात जानने वाला हो – अन्तर्यामी
21. जिसका इलाज न हो सके – असाध्य
22. किसी कार्य के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता – अनुदान
23. व्यर्थ/अनुचित खर्च करने वाला – अपव्ययी
24. जिसकी पहले से कोई आशा न हो – अप्रत्याशित
25. पुरुष जो अभिनय करता हो – अभिनेता
26. जो भेदा या तोड़ा न जा सके – अभेद्य
27. जिसका जन्म छोटी जाति (निचले वर्ण) में हुआ हो – अंत्यज
28. जो अभी-अभी उत्पन्न हुआ हो – अद्यःप्रसूत
29. जिसको क्षमा न किया जा सके – अक्षम्य
30. जो न जाना जा सके – अज्ञेय
31. जो कुछ न जानता हो – अज्ञ, अज्ञानी
32. कम बोलने वाला – अल्पभाषी, मितभाषी
33. थोड़ा जानने वाला – अल्पज्ञ
34. जिसका कभी अन्त न हो – अनन्त
35. जिसका माँ-बाप न हो – अनाथ
36. जो दिखायी न पड़े – अदृश्य, अप्रत्यक्ष
37. जो सदा से चला आ रहा है – अनवरत
38. जो कभी नहीं मरता – अमर्त्य, अमर
39. जो आगे (दूर) की न सोचता हो – अदूरदर्शी
40. जो आगे (दूर) की सोंचता हो – अग्रसोची, दूरदर्शी
41. धरती (पृथ्वी) और आकाश के बीच का स्थान – अंतरिक्ष
42. अधिक बढ़ा-चढ़ा कर कहना – अतिशयोक्ति, अतियुक्ति
43. बिना वेतन काम करने वाला – अवैतनिक
44. जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास हो – आस्तिक
45. जिसका शत्रु पैदा नहीं लिया – अजातशत्रु

*अनेक शब्दों के एक शब्द🫶* 🌟

- *जिसमें विवेक का अभाव हो* - अविवेकी 🤔
- *हिसाब-किताब की जांच करने वाला* - अंकेक्षक 📊
- *जो रुका हुआ न हो* - अनिरुद्ध 🚀
- *जिस पर अनुग्रह किया गया हो* - अनुगृहीत 🙏
- *जो नया न हो* - अनूतन 🕰️
- *किसी पुरुष से प्रेम करने वाली अविवाहित स्त्री* - अनूढा 💖
- *प्रत्येक पदार्थ को क्षणिक और नश्वर मानने वाला* - अनित्यवादी 🌈
- *जो व्यवहार में न लाया गया हो* - अव्यवहृत 🚫
- *जो प्रशंसा के योग्य न हो* - अप्रशस्त 👎
- *जो प्रमाण से सिद्ध न हो सके* - अप्रमेय 🤷‍♂️
- *जो पान करने योग्य न हो* - अपेय 🚫
- *जो प्रतीत न हो सके* - अप्रतीयमान 🌫️
- *जो प्रमाण देने के योग्य न हो* - अप्रामाण्य 📝
- *जो चिन्तन करने योग्य न हो* - अचिन्त्य 🤯
- *जो जाना न जा सके* - अज्ञेय 🕵️‍♂️
- *सम्पूर्ण लक्ष्य पर लक्षण का न घटित होना* - अव्याप्ति 📉
- *सबसे पहले गिना जाने वाला* - अग्रगण्य 🏆
- *जो कुछ नहीं जानता* - अज्ञ 🙅‍♂️
- *जिसका अनुभव इन्द्रियों द्वारा न हो* - अतीन्द्रिय ✨
- *जो किसी अन्य के भरोसे अथवा संरक्षण में हो* - अन्याश्रित 🤝
- *बिना पलक गिराये* - अनिमेष 👀
- *एक-एक अक्षर तक* - अक्षरशः 📚

*विपरीतार्थक शब्द संग्रह* ✓ 🌟

- *खिलना* — *मुरझाना*
- *पवित्र* — *अपवित्र* 🛕🚫
- *प्रशंसा* — *निंदा* 👏🙅‍♂️
- *पारदर्शक* — *अपारदर्शक* 🪟🧱
- *आरंभ* — *अंत* 🟢🔴
- *प्रसिद्ध* — *अप्रसिद्ध* 🏆❌
- *मूल्यवान* — *निर्गुण* 💎🪨
- *कटु* — *मधुर* 🍋🍭
- *मूर्ख* — *ज्ञानी* 🤪🧑‍🏫
- *उज्ज्वल* — *मलिन* ✨🪣
- *सुनना* — *कहना* 👂🗣
- *सदैव* — *कदापि*
- *सुंदर* — *कुरूप* 🌷👹
- *सक्षमता* — *अक्षम्यता* 💪❌
- *सारगर्भित* — *निरर्थक* 📑🗑
- *शिष्ट* — *अशिष्ट* 👔😒
- *ताजगी* — *बासी* 🥬🍞
- *व्यापार* — *निष्क्रियता* 🏪🚷
- *लेना* — *देना* 🛒🎁
- *मौन* — *वाचाल* 🤐🗣
- *स्थानिक* — *परदेशी* 🏠✈️
- *धृत* — *अदृष्ट* 👁️🚫
- *संगति* — *असंगति* 👫🚶‍♂️
- *स्वागत* — *विदाई* 🙏👋
- *अनुमोदन* — *अस्वीकार* ✔️❌
- *अक्षय* — *नश्वर* ♾️💀
- *कर्मठ* — *आलसी* 💪🦥
- *वीरता* — *डरपोक* 🦸‍♂️😨
- *विस्तार* — *संकुचन* 🌏🔽
- *प्रकाश* — *अंधकार* 💡🌑

🔖🔖
*हिन्दी व्याकरण प्रश्न उत्तर अगला भाग*

प्रश्न: कर्ता किसे कहते हैं?
➡️ *जिस व्यक्ति, वस्तु या जीव की क्रिया होती है, उसे कर्ता कहते हैं।*
प्रश्न: क्रिया के कौन-कौन से प्रकार होते हैं?
➡️ *सकर्मक और अकर्मक क्रिया।*
प्रश्न: संधि के कितने प्रकार होते हैं?
➡️ *तीन प्रकार: स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।*
प्रश्न: भेद बोधक अव्यय क्या होते हैं?
➡️ *वे अव्यय जो शब्दों के बीच संबंध स्पष्ट करते हैं, भेद बोधक अव्यय कहलाते हैं।*
प्रश्न: वचन परिवर्तन के नियम क्या होते हैं?
➡️ *शब्दों में एकवचन से बहुवचन या बहुवचन से एकवचन बनने के नियम वचन परिवर्तन कहलाते हैं।*
प्रश्न: विशेष्य क्या होता है?
➡️ *वह शब्द जिससे किसी विशेषण या सर्वनाम की जानकारी मिलती है, विशेष्य कहलाता है।*
प्रश्न: कर्म कारक किसे कहते हैं?
➡️ *जिस पर क्रिया हो रही हो, उसे कर्म कारक कहते हैं।*
प्रश्न: समास का अर्थ सरल शब्दों में समझाइए।
➡️ *दो या अधिक शब्दों का संयोजन जिससे एक नया शब्द बनता है।*
प्रश्न: क्रिया के काल कैसे बदलते हैं?
➡️ *क्रिया के अंत में लकार लगाकर काल परिवर्तित करते हैं।*
प्रश्न: संज्ञा के कितने प्रकार होते हैं?
➡️ *व्यक्ति, जाति, वर्ग, भाव, स्थान और वस्तु।*
प्रश्न: वाक्य किसे कहते हैं?
➡️ *शब्दों के समूह को जो पूर्ण अर्थ बताता है, वाक्य कहते हैं।*
प्रश्न: 'यह मेरा घर है' वाक्य किस प्रकार का है?
➡️ *वक्तव्यात्मक वाक्य।*
प्रश्न: क्रिया पद किसे कहते हैं?
➡️ *वह शब्द जो कर्ता की क्रिया दर्शाता है।*
प्रश्न: अलंकार किसे कहते हैं?
➡️ *भाषा की शोभा बढ़ाने वाले शब्दों या समूह को अलंकार कहते हैं।*
प्रश्न: पर्यायवाची शब्द क्या होता है?
➡️ *जिन शब्दों के अर्थ समान हों, उन्हें पर्यायवाची कहते हैं।*
प्रश्न: विलोम शब्द क्या होते हैं?
➡️ *जिन शब्दों के अर्थ विपरीत हों, उन्हें विलोम शब्द कहते हैं।*
प्रश्न: उपसर्ग क्या होता है?
➡️ *जो शब्द के पहले लगाकर उसके अर्थ को बदल देता है, उपसर्ग कहलाता है।*
प्रश्न: प्रत्यय क्या होता है?
➡️ *शब्द के अंत में लगने वाला भाग जो शब्द का अर्थ या रूप बदलता है, प्रत्यय कहलाता है।*
प्रश्न: मुहावरे क्या होते हैं?
➡️ *ऐसे पद या शब्द समूह जो पूरे अर्थ में प्रयोग होते हैं, मुहावरे कहलाते हैं।*
प्रश्न: 'खाना खा लिया' वाक्य में कौन-सी क्रिया है?
➡️ *'खा लिया'।*

📘 पर्यायवाची शब्द )
(एक ही अर्थ वाले अनेक शब्द - Synonyms in Hindi)

1️⃣ *जल* – पानी, नीर, वारि, तोय, सलिल
2️⃣ *मनुष्य* – मानव, आदमी, नर, प्राणी, इंसान
3️⃣ *जीवन* – जिंदगी, आयु, प्राण, जीविका, आत्मा
4️⃣ *राजा* – नरेश, भूप, भूपति, नरपति, सम्राट
5️⃣ *चंद्रमा* – शशि, शशांक, सोम, इंदु, राकेश
6️⃣ *धन* – संपत्ति, संपदा, पूंजी, दौलत, लक्ष्मी
7️⃣ *अग्नि* – आग, ज्वाला, अनल, पावक, वह्नि
8️⃣ *शत्रु* – दुश्मन, विरोधी, बैरी, रिपु, अरि
9️⃣ *विद्या* – ज्ञान, शिक्षा, बुद्धि, अध्ययन, शास्त्र
🔟 *नेत्र* – आँख, लोचन, नयन, दृष्टि, चक्षु

1️⃣1️⃣ *भूमि* – धरती, पृथ्वी, भूमि, वसुंधरा, धरणी
1️⃣2️⃣ *गुरु* – आचार्य, शिक्षक, अध्यापक, उपाध्याय, गुरुजन
1️⃣3️⃣ *वन* – जंगल, अरण्य, विपिन, कानन, वनराजि
1️⃣4️⃣ *शरीर* – देह, काया, तन, शरीर, गात
1️⃣5️⃣ *वायु* – हवा, समीर, पवन, अनिल, वात
1️⃣6️⃣ *प्रेम* – प्यार, मोह, अनुराग, स्नेह, ममता
1️⃣7️⃣ *बुद्धिमान* – चतुर, विवेकी, ज्ञानी, समझदार, सुज्ञ
1️⃣8️⃣ *दुख* – पीड़ा, संताप, क्लेश, शोक, वेदना
1️⃣9️⃣ *सूर्य* – रवि, भानु, दिनकर, आदित्य, अर्क
2️⃣0️⃣ *कथा* – कहानी, प्रसंग, वृत्तांत, आख्यान, संवाद

◾हिंदी विलोम शब्द
(अति महत्वपूर्ण )

1.अग्र – पश्च

2. अज्ञ – विज्ञ

3. अमृत -विष

4. अथ – इति

5. अघोष – सघोष

6. अधम – उत्तम

7. अपकार – उपकार

8. अपेक्षा – उपेक्षा

9. अस्त – उदय

10. अनुरक्त – विरक्त

11. अनुराग – विराग

12. अन्तरंग – बहिरंग

13. अवतल – उत्तल

14. अवर – प्रवर

15. अमर – मर्त्य

16. अर्पण – ग्रहण

17. अवनि – अम्बर

18. अपमान – सम्मान

19. अतिवृष्टि – अनावृष्टि

20. अनुकूल – प्रतिकूल

21. अन्तर्द्वन्द्व – बहिर्द्वन्द्व

22. अग्रज – अनुज

23. अकाल – सुकाल

24. अर्थ – अनर्थ

25. अँधेरा – उजाला

26. अपेक्षित – अनपेक्षित

27. आदि – अन्त

28. आस्तिक – नास्तिक

29. आरम्भ – समापन

30. आहूत – अनाहूत

31. आयात – निर्यात

32. आभ्यन्तर – बाह्य

33. आवृत – अनावृत

34. आशा – निराशा

35. आरोहण – अवरोहण

36. आस्था – अनास्था

37. आर्द्र – शुष्क

38. आकाश – पाताल

39. आवाहन – विसर्जन

40. आविर्भाव – तिरोभाव

41. आरोह – अवरोह

42. आदान – प्रदान

43. आगामी – विगत

44. आदर -अनादर

45. आकर्षण – विकर्षण

46. आर्य – अनार्य

47. आश्रित – अनाश्रित

48. इष्ट – अनिष्ट

49. इहलोक – परलोक

50. उग्र – सौम्य

51. उदात्त – अनुदात्त

52. उत्कृष्ट – निकृष्ट

53. उपसर्ग – परसर्ग

54. उन्मुख – विमुख

55. उन्नत – अवनत

56. उद्दत – विनीत

57. उपमान – उपमेय

58. उपत्यका – अधित्यका

59. उत्तरायण – दक्षिणायन

60. उन्मूलन – रोपण

61. उष्ण – शीत

62. उदयाचल – अस्ताचल

63. उपयुक्त – अनुपयुक्त

64. उच्च – निम्न

65. एड़ी – चोटी

66. ऐहिक – पारलौकिक

67. औचित्य – अनौचित्य

68. एक – अनेक

69. एकत्र – विकीर्ण

70. एकता – अनेकता

71. एकाग्र – चंचल

72. ऐतिहासिक – अनैतिहासिक

73. औपचारिक – अनौपचारिक

74. ऋजु – वक्र

75. ऋत – अनृत

76. कटु – सरल

77. कनिष्ट – जयेष्ट

78. कृष्ण – शुक्ल

79. कुटिल – सरल

80. कृत्रिम – अकृत्रिम

81. करुण – निष्ठुर

82. कायर – वीर

83. कुलीन – अकुलीन

84. क्रय – विक्रय

85. कल्पित – यथार्थ

86. कृतज्ञ – कृतघ्न

87. कोप -कृपा

88. क्रोध – क्षमा

89. कृश – स्थूल

90. क्रिया – प्रतिक्रिया

91. खण्डन – मण्डन

92. खरा – खोटा

93. खाद्य – अखाद्य

94. गुप्त – प्रकट

95. गरल – सुधा

96. गम्भीर – वाचाल

97. गुरु – लघु

98. गौरव – लाघव

99. गोचर – अगोचर

100. गुण – दोष

101. ग्राम्य – नागर

102. घृणा – प्रेम

103. चिरंतन – नश्वर

104. चल – अचल

105. चंचल – अचंचल

106. चिर – अचिर

107. जीवन – मरण

108. जाग्रत – सुप्त

109. जंगम – स्थावर

110. जागरण – सुषुप्ति

111. ज्योति – तम

112. तरुण – वृद्ध

113. तृप्त – अतृप्त

114. तृष्णा – तृप्ति

115. तीक्ष्ण – कुंठित

116. दण्ड – पुरस्कार

117. दानी – कृपण

118. दुरात्मा – महात्मा

119. देव – दानव

120. दिन – रात

121. धृष्ट – विनीत

122. निरर्थक – सार्थक

123. निर्दय – सदय

124. निषिद्ध – विहित

125. नैसर्गिक – कृत्रिम

126. निष्काम – सकाम

127. परतन्त्र – स्वतन्त्र

128. प्राचीन – नवीन

129. प्राची – प्रतीची

130. प्रभु – भृत्य

131. प्रसाद – अवसाद

132. पूर्ववर्ती – परवर्ती

133. पाश्चात्य – पौवार्त्य

134. बंजर – उर्वर

135. भला – बुरा

136. भूत – भविष्य

137. मुख्य – गौण

138. मनुज – दनुज

139. मूक – वाचाल

140. मन्द – तीव्र

141. मौखिक – लिखित

142. योगी -भोगी

143. युद्ध – शान्ति

144. यश – अपयश

145. योग्य – अयोग्य

146. राजा – रंक

147. रक्षक -भक्षक

148. रुग्ण – स्वस्थ

149. रुदन – हास्य

150. रिक्त – पूर्ण

151. लौकिक – अलौकिक

152. लम्बा – चौड़ा

153. व्यास – समास

154. विख्यात – कुख्यात

155. विधि – निषेध

156. विपन्न – सम्पन्न

157. विपदा – सम्पदा

158. वृष्टि – अनावृष्टि

159. शासक – शासित

160. शिष्ट – अशिष्ट

161. शिख- नख

162. श्याम – श्वेत

163. शोक – हर्ष

164. शोषक – पोषक

165. सत्कार – तिरस्कार

166. संक्षेप – विस्तार

167. सूक्ष्म – स्थूल

168. संगठन – विघटन

169. संयोग – वियोग

170. सुमति – कुमति

171. सत्कर्म – दुष्कर्म

172. सामिष – निरामिष

173. स्मरण – विस्मरण

174. संसदीय – असंसदीय

175. सृजन – संहार

176. क्षय – अक्षय

177. क्षुद्र – विराट

178. ज्ञेय – अज्ञेय

179. स्वीकृति – अस्वीकृति

180. भौतिक – आध्यात्मिक

31/03/2026

*“तू रुकना मत”*

अभी थका है, हारा नहीं,
अभी झुका है, टूटा नहीं,
ये वक्त तेरा इम्तिहान ले रहा—
तू बस खुद से रूठा नहीं।

रातों की नींद गिरवी रख दे,
सपनों का कर्ज़ चुकाना है,
जो आज पसीना बहा रहा,
उसे कल इतिहास बनाना है।

लोग हँसेंगे, ताने देंगे,
रास्ता तेरा रोकेंगे,
पर जो खुद पर अड़ा रहेगा—
वही एक दिन सबको चौंकाएगा।

अंधेरा जितना गहरा होगा,
उतना ही उजाला आएगा,
जो आज तुझसे दूर दिखे,
वो कल तेरे पास आएगा।

तू आग है—ये याद रख,
तू भाग्य नहीं, हालात लिख,
हर मुश्किल को तू मात दे,
अपनी किस्मत खुद ही गढ़ लिख।

जो गिरकर फिर से उठता है,
वही असली सिकंदर होता है,
जिसमें जज़्बा जिंदा रहता—
वही इतिहास के अंदर होता है।

अब रुकना नहीं, बस चलना है,
हर दर्द को ताकत बनाना है,
एक दिन ऐसा भी आएगा—
जब तुझे देखकर जमाना कहेगा…
*“ये ही वो था… जिसने खुद को बनाया है!”*
_ Anand kumar

14/03/2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसनारी शक्ति: समाज और राष्ट्र की असली ताकतहर वर्ष 8 मार्च को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय महिला दि...
08/03/2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
नारी शक्ति: समाज और राष्ट्र की असली ताकत
हर वर्ष 8 मार्च को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और उनके अद्वितीय योगदान को याद करने का विशेष अवसर है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक ऐसा दिन है जो समाज को यह याद दिलाता है कि महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र की प्रगति अधूरी है।
नारी को सृष्टि की आधारशिला कहा जाता है। एक महिला अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाती है—वह एक माँ है, जो अपने बच्चों को संस्कार और शिक्षा देती है; वह एक बेटी है, जो परिवार की खुशियों का कारण बनती है; वह एक बहन है, जो हर कठिन परिस्थिति में साथ खड़ी रहती है। इन सभी भूमिकाओं के माध्यम से महिला समाज को मजबूती प्रदान करती है।
आज के आधुनिक युग में महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, राजनीति, खेल और व्यापार—हर जगह महिलाएँ अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रही हैं। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले, तो वे किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार शिक्षा है। एक शिक्षित महिला न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी नई दिशा देती है। इसलिए समाज का कर्तव्य है कि हर बेटी को पढ़ने और आगे बढ़ने का समान अवसर दिया जाए।
महिला दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना को अपने जीवन में अपनाएँ। एक सशक्त महिला ही एक सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।
प्रेरणादायक संदेश
“नारी शक्ति ही सृजन की शक्ति है, और सृजन ही प्रगति का आधार है।”

“नारी शक्ति ही समाज की असली प्रगति की पहचान है।”

“नारी का सम्मान करें, क्योंकि वही जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।”

शुभकामनाएँ
Dynamic Tutorial Coaching Centre
Jhingaha Chowk, Near Urdu School
By: Anand Kumar

जिसके पास ज्ञान है,वही सच में ताकतवर है.• जब कोई शासन या नियम नहीं होता, तब हर इंसान दूसरे से लड़ने को तैयार रहता है।• स...
28/02/2026

जिसके पास ज्ञान है,वही सच में ताकतवर है.
• जब कोई शासन या नियम नहीं होता, तब हर इंसान दूसरे से लड़ने को तैयार रहता है।
• समझदार लोग शब्दों का सही मतलब समझते हैं, लेकिन मूर्ख लोग शब्दों को ही सब कुछ मान लेते हैं।
• जब इंसान को फुर्सत मिलती है, तभी वह पूरी गहराई के साथ सोच-विचार कर पाता है।
• प्रकृति का सबसे बड़ा नियम यही है कि शांति की तलाश करें और उसी रास्ते पर चलें।
• मुझे जिंदगी के तेज होने से दिक्कत नहीं है, डर तो बस इसके अचानक खत्म हो जाने से है।
• सच और झूठ चीजों में नहीं होते, हमारी बोली और बातों में होते हैं।
• कभी-कभी चुप रहना भी “हाँ” कहने जैसा होता है।
• जो बुरा हो चुका है उस पर मत अटकें, आगे जो अच्छा आने वाला है उस पर ध्यान दें।
• अगर भावनाओं को समझ और दिशा न मिले, तो वे इंसान को पागलपन की ओर ले जाती हैं।
थाॅमस हाॅब्स

26/02/2026

यह छवि प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद के बारे में जानकारी और उनके कुछ अनमोल विचार प्रस्तुत करती है।
परिचय: मुंशी प्रेमचंद (31 जुलाई 1880 - 8 अक्टूबर 1936) हिंदी और उर्दू के लोकप्रिय उपन्यासकार और कहानीकार थे, जो शुरुआत में नवाब राय के नाम से लिखते थे।
मुख्य विचार: अहंकार को मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन बताया गया है।
जीवन दर्शन: जीवन का सच्चा सुख दूसरों को सुख देने में निहित है, और विपत्ति को सबसे बड़ा शिक्षक माना गया है।
सफलता और व्यवहार: निराशा सफलता को असंभव बनाती है, जबकि मौन क्रोध को नियंत्रित कर सकता है।

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