18/08/2021
अफगानिस्तान का बिहार से रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है!
305 ईसा पूर्व में, सेल्यूसिड साम्राज्य ने भारतीय मौर्य साम्राज्य के साथ गठबंधन किया। मौर्य भारत से बौद्ध धर्म लाए और लगभग 185 ईसा पूर्व तक हिंदू कुश के दक्षिण क्षेत्र को नियंत्रित किया।
सिकंदर ने इन्हें आर्यों से छीन लिया और अपनी बस्तियों की स्थापना की, लेकिन सेल्यूकस निकेटर ने अंतर्विवाह और बदले में 500 हाथियों को प्राप्त करने की शर्तों पर उन्हें वापस सैंड्रोकोटस (चंद्रगुप्त) को दे दिया।
भारत और अफगानिस्तान का रिश्ता हमेशा अमन और प्रेम का रहा है। तालिबान ने बुद्ध की एक मूर्ति भले तोड़ दिया मगर अफ़गान के मिट्टी से बुद्ध के वजूद को नहीं मिटा पाए। जाने - अंजाने में ही सही तालिबानी लड़ाकों को भी सुकून का दो पल बुद्ध के चरणों में ही मिला। आज नही तो कल अफगानिस्तान को अमन का मार्ग बुद्ध के दिखाए रास्तों से ही खोजना होगा।
- अविनाश कुमार ()
15/08/2021
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं! 🇮🇳🇮🇳
07/08/2021
बधाई हो! टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है. जिस गोल्ड की सभी को लंबे समय से दरकार थी, वो आस आज नीरज चोपड़ा ने जेवलिन में पूरी कर दी है. शानदार प्रदर्शन करते हुए नीरज ने सभी खिलाड़ियों को पछाड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
ओलंपिक खेलों में ये भारत का 13 साल बाद पहला गोल्ड मेडल है. नीरज चोपड़ा से पहले बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था. ये ओलंपिक में भारत का कुल दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड है. इससे पहले भारत ने हॉकी में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं.
05/08/2021
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। ओलंपिक में भारत की हॉकी टीम को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था, जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड जीता था। टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया।
02/08/2021
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के लिए टीम को हार्दिक शुभकामनाएं।
49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय पुरुष हॉकी टीम, टोक्यो में पदक से बस एक जीत दूर; 1980 में स्वर्ण जीतने के 41 साल बाद पदक जीतने से एक जीत दूर टीम इंडिया |
02/08/2021
बहुत ही खूबसूरत पल सभी भारतीयों के लिए 🇮🇳
भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। ऐसा लग रहा है जैसे चक दे इंडिया फ़िल्म हकीकत में चल रही हो। 🇮🇳
25/07/2021
मीराबाईचानु के भारोत्तोलन के ओलंपिक रजत पदक जीतने पर बहुत बहुत बधाई
#भारत
#महिलाशक्ति
Saikhom Mirabai Chanu
कुंदन कुमार राॅय के द्वारा मीराबाईचानु के भारोत्तोलन के ओलंपिक रजत पदक जीतने पर बनी मिथिला पेंटिंग से प्रभावित पेंटिंग।
Saikhom Mirabai Chanu
23/07/2021
गुरुपूर्णिमा की बहुत बहुत शुभकामनाए !! 🙏
सब धरती कागज़ करु,
लेखनी सब वनराज ।
सात समुद्र की मसि करूँ,
गुरु गुण लिखा न जाए ।।
#गुरुपूर्णिमा_!! 🙏
17/07/2021
"बाढ़ की विभीषिका की हद
डेढ़ साल के भाई को बाढ़ से बचाने की जददोजहद"
Via: Kundan kumar Roy
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02/06/2021
केन्या द्वारा भेजे गए 12 टन सामान पर बहुत से लोग मज़ाक उड़ा रहे है।
सोशल मीडिया पर केन्या को "भिखारी, भिखमंगा, गरीब" आदि आदि कहा जा रहा है। अब एक छोटा सा वाक़या सुनिए।
आपने अमरीका का नाम सुना होगा, मैनहैटन का भी, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का भी और ओसामा बिन लादेन का भी।
जो ज़्यादातर लोगों ने नहीं सुना होगा वो है 'इनोसाईन गाँव' जो पड़ता है केन्या और तंजानिया के बॉर्डर पर और यहाँ की लोकल जनजाति है 'मसाई'।
अमेरिका पर हुए 9/11 के हमले की ख़बर मसाई लोगों तक पहुचने में कई महीने लग गए।
ये ख़बर उन तक तब पहुँची जब उनके गाँव के पास के ही कस्बे में रहने वाली, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की मेडिकल स्टूडेंट किमेली नाओमा छुट्टियों में वापस केन्या आयी और वहाँ की लोकल जनजाति मसाई को 9/11 का आंखों देखा हाल सुनाया।
सब दुख से रो पड़े।।।।
कोई बिल्डिंग इतनी ऊंची हो सकती है कि वहाँ से गिरने पर जान चली जाए, झोपड़ी में रहने वाले मसाई लोगों के लिए ये बात अविश्वसनीय थी मगर फिर भी उन लोगों ने अमरीकियों के दुःख को महसूस किया और उसी मेडिकल स्टूडेंट के माध्यम से केन्या की राजधानी नैरोबी में अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ़ विलियम ब्रांगिक को एक पत्र भिजवाया जिसे पढ़ने के बाद विलियम ब्रांगिक ने पहले हवाई जहाज का सफर किया,
उसके बाद कई मील तक टूटी फूटी सड़क पर कठिनाई का रास्ता पर करते हुए मसाई जनजाति के गाँव पहुँचे।
गाँव पहुँचने पर मसाई जनजाति के लोग इक्कट्ठा हुए और एक कतार में 14 गायें ले कर अमरीकी दूतावास के डिप्टी चीफ़ के पास पहुँचे।
मसाईयों के एक बुज़ुर्ग ने गायों से बंधी रस्सी डिप्टी चीफ़ के हांथों पे पकड़ाते हुए एक तख़्ती की तरफ इशारा कर दिया। जानते हैं उस तख़्ती पर क्या लिखा था?
लिखा था- "इस दुःख की घड़ी में अमरीका के लोगों की मदद के लिए हम ये गायें उन्हें दान कर रहे हैं"।
जी हाँ, उस पत्र को पढ़ कर दुनियाँ के सबसे ताकतवर और समृद्धि देश का राजदूत सैकड़ो मील चल कर चौदह गायों का दान लेने आया था।
गायों के ट्रांसपोर्ट की कठिनाई और कानूनी बाध्यता के कारण गायें तो नहीं जा पायीं मगर उनको बेंचकर एक मसाई आभूषण ख़रीद कर 9/11 मेमोरियल म्यूजियम में रखने की पेशकश की गई।
जब ये बात अमरीका के आम नागरिकों तक पहुँची तो पता है क्या हुआ?
उन्होंने आभूषण की जगह गाय लेने की ज़िद्द कर दी। ऑनलाइन पिटीशन साइन किये गए की उन्हें आभूषण नहीं गाय ही चाहिए,
अधिकारियों को ईमेल लिखे गए,
नेताओं से बात की गई और करोड़ों अमरीका वासियों ने मसाई जनजाति और केन्या के लोगों को इस अभूतपूर्व प्रेम के लिए कृतज्ञ भाव से धन्यवाद दिया, उनका अभिनंदन किया।
12 टन अनाज को सहर्ष स्वीकार करिये।
दान नहीं, दानी का हृदय देखिये, कंकड़ नहीं, कंकड़ उठा कर सेतु में लगाने वाली गिलहरी की श्रद्धा देखिये।
साभार 🙏 Please share your Thank-you message to
Thank-you The Government and The people of Kenya 🇰🇪 for you help during we Indians fighting with Covid19_Corona Virus Pandemic.
India 🇮🇳 and Indian people never forget your help 🙏