A. R. Foundation

A. R. Foundation

Share

a step towards success...
An Educational Institute Where Classes for All Levels , All Subjects are a

12/04/2022

NGOs must apply for 12A & 80G Certificate to provide income tax exemption to the donors! It also helps NGOs in availing government funding.

NGOs must apply for 12A & 80G Certificate to provide income tax exemption to the donors! It also helps NGOs in availing government funding.
Use https://wa.me/9997216667

04/06/2019

सभी देशवासियों को ईद के त्यौहार की दिली मुबारकबाद। ईद का ये त्यौहार आपके जीवन मे ढेर सारी खुशियाँ लाये।

Photos 20/03/2017

मुझे अगर कोई समझ पाया है तो..

वो मै ख़ुद हूँ...बाकी तो सब अंदाजे लगा रहे है..

Photos 04/03/2017





Photos 19/07/2016

आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ........

03/07/2016

1. 7 Colours in a Rainbow
2. 5 Letters from Alphabets are Vowels
3. 9 Planets in Solar System
4. 24 Spokes in an Indian Flag
5. 3 Wheels in a Tricycle
7. 19 Coins in a Carrom Board
8. 12 Numbers in a Clock
9. 29 Days in February in Leap Year
10. 90 Degrees in a Right Angle
Lo Sir apki problem ka solution.....

03/07/2016

बैंकिंग इंटरव्यू में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
*****************************
• भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना कब हुई ?
- भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल, 1935 को हुई। रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में स्थपित किया गया था जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित किया गया। केंद्रीय कार्यालय वह कार्यालय है जहां गवर्नर बैठते हैं और जहां नीतियाँ निर्धारित की जाती हैं। यद्यपि प्रारंभ में यह निजी स्वमित्व वाला था, 1949 में राष्ट्रीयकरण के बाद से इस पर भारत सरकार का पूर्ण स्वमित्व है।
• RBI(भारतीय रिजर्व बैंक) के प्रमुख कार्य क्या हैं ?
- मौद्रिक प्रधिकारी
(1) मौद्रिक नीति तैयार करता है,उसका कार्यान्वयन करता है और उसकी निगरानी करता है।
(2) उद्देश्य: मूल्य स्थिरता बनाए रखना और उत्पादक क्षेत्रों को पर्याप्त ऋण उपलब्धता को सुनिश्चित करना।
- वित्तीय प्रणाली का विनियामक और पर्यवेक्षक
(1) बैंकिंग परिचालन के लिए विस्तृत मानदंड निर्धारित करता है जिसके अंतर्गत देश की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली काम करती है।
(2) उद्देश्यः प्रणाली में लोगों का विश्वास बनाए रखना, जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना और आम जनता को किफायती बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना।
- विदेशी मुद्रा प्रबंधक
(1) विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 का प्रबंध करता है।
(2) उद्देश्यः विदेश व्यापार और भुगतान को सुविधाजनक बनाना और भारत में विदेशी मुद्रा बाजार का क्रमिक विकास करना और उसे बनाए रखना।
-मुद्रा जारीकर्ता
(1) करेंसी जारी करता है और उसका विनिमय करता है अथवा परिचालन के योग्य नहीं रहने पर करेंसी और सिक्कों को नष्ट करता है।
(2) उद्देश्य : आम जनता को अच्छी गुणवत्ता वाले करेंसी नोटों और सिक्कों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराना।
-विकासात्मक भूमिका
(1) राष्ट्रीय उद्देश्यों की सहायता के लिए व्यापक स्तर पर प्रोत्साहनात्मक कार्य करना।
-संबंधित कार्य
(1) सरकार का बैंकर : केंद्र और राज्य सरकारों के लिए व्यापारी बैंक की भूमिका अदा करता है; उनके बैंकर का कार्य भी करता है।
(2) बैंकों के लिए बैंकर : सभी अनुसूचित बैंकों के बैंक खाते रखता है।
• रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कितने कार्यालय हैं ?
19 क्षेत्रीय कार्यालय और 9 उप-कार्यालय हैं, जिनमें अधिकांश राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं।
• बैंकिंग परिचालन को नियंत्रित करने वाले अधिनियम कौन से हैं ?
(1) कंपनी अधिनियम, 1956: कंपनी के रूप में बैंकों पर नियंत्रण
(2) बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और अंतरण) अधिनियम 1970/1080: बैंकों के राष्ट्रीयकरण से संबंधित
(3) बैंकर बही साक्ष्य अधिनियम, 1891
(4) बैंकिंग गोपनीयता अधिनियम
(5) परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
• अलग-अलग संस्थाओं को नियंत्रित करने वाले अधिनियम क्या हैं ?
(1) भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1954
(2) औद्योगिक विकास बैंक (उपक्रम का अंतरण और निरसन) अधिनियम, 2003
(3) औद्योगिक वित्त निगम (उपक्रम का अंतरण और निरसन) अधिनियम, 1993
(4) राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम
(5) राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम
(6) निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम अधिनियम
• हमारे देश में करेंसी को क्या कहते हैं ?
-हमारे देश में करेंसी को भारतीय(INR) रुपया और सिक्कों को पैसा कहा जाता है। एक रुपया 100 पैसे का होता है ।
• भारत में वर्तमान समय में किन-किन मूल्यवर्गों के नोट हैं ?
-भारत में वर्तमान समय में 5,10, 20, 50,100, 500,1000 रुपए मूल्यवर्ग के जारी किए जाते हैं । इन्हें बैंक नोट कहा जाता है । क्योंकि ये भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाते हैं। 1, 2, 5 रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दिए गए हैं क्योंकि इनका सिक्काकरण हो चुका है। वैसे पहले से जारी नोट अभी भी प्रचलन में हैं जो कि वैद्य बने रहेंगे।
• विधि मान्य मुद्रा किसे कहते हैं ?
-भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्रत्येक बैंक नोट भुगतान के लिए अथवा उस पर अंकित मूल्य के लिए पूरे भारत वर्ष में कहीं भी विधि मान्य मुद्रा होगा और इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम-1934 की धारा 26 की उप-धरा (2) में निहित प्रावधानों के अनुसार भारत सरकार की गारंटी है ।
• एक रुपए के सिक्के भारत सरकार की देयताओं में क्यों आते हैं ?
-भारत सरकार सिक्का अधिनियम के अंतर्गत रुपया सिक्के जारी करती है, सरकार द्वारा जारी यह रुपया सिक्के उसकी देयताओं में आते हैं ।
• भारतीय रिजर्व बैंक जनता तक करेंसी को कैसे पहुंचाती है ?
-वर्तमान समय में रिजर्व बैंक, अहमदाबाद, बंगलूरू, भोपाल, भुवनेश्वर, बेलापुर(नवी मुंबई), कोलकाता, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, मुंबई (फोर्ट), नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवंतपुरम् में स्थित निर्गम कार्यालयों और लखनऊ में एक उप-कार्यालय और कोच्ची की एक मुद्रा तिजोरी के साथ मुद्रा तिजोरियों के फैले व्यापक माध्यम से मुद्रा प्रंबधन का कार्य कर रहा है ।
• मुद्रा तिजोरी क्या है ?
-यह एक प्रकार का गोदाम है जिसमें रिजर्व बैंक की तरफ से नोटों और सिक्कों का भंडार रखा जाता है। 30 जून 2006 की स्थिति के अनुसार मुद्रा तिजोरियों और लघु सिक्कों की डिपें की संख्या क्रमश: 4428 और 4102 हैं ।
• लघु सिक्का डिपो क्या है ?
-लघु सिक्कों का भंडार रखने हेतु कुछ बैंक शाखाओं को भी लघु सिक्का डिपो खोलने के लिए अधिकृत किया गया है । लघु सिक्का डिपो भी अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले अन्य बैंक शाखाओं को छोटे सिक्के उपलब्ध कराते हैं ।
• गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी किसे कहते हैं ?
-गैर बैंकिंग कंपनी एक ऐसी कंपनी है जो कंपनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत पंजीकृत है एवं जो ऋण और अग्रिम देने शेयरों/स्टाक/बांडो/डिबेंचरों/सरकार या स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा जारी प्रतिभूतियों या उसी प्रकार की बिक्री योग्य अन्य प्रतिभूतियों के अधिग्रहण, पट्टे पर देने, किराया खरीद, बीमा कारोबार, चिट कारोबार में लगी हों, किंतु उनमें कोई ऐसी संस्था शामिल नहीं है जिसका मूल कारोबार कृषि कार्य, औद्योगिक गतिविधि, अचल संपत्ति खरीद/बिक्री/
निर्माण है ।
• बेसल-II मानक क्या है ?
-बेसल-II मानक बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देने से संबंधित है। इसका निर्धारण स्विट्जरलैंड के शहर बेसल मे होने के कारण इन्हें इस नाम से जाना जाता है। वर्ष 1980 में बेसल-I मानक तय किेए गए थे। जून 2004 में आए बेसल-II मानकों के तहत अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय जोखिमों से निपटने के लिए बैंकों व वित्तीय संस्थाओं को एक निश्चित मात्रा में धनराशि को अपने पास सुरक्षित रखने के मानक तय किए गए हैं।
• कार्यशील पूंजी (working capital) क्या है ?
-वस्तुओं के उत्पादन में स्थायी परिसंपत्तियों के अतिरिक्त कच्चे माल, ऊर्जा, मजदूरी का भुगतान तथा अन्य व्यय करने होते हैं। इन मदों में प्रयोग की जाने वाली पूंजी कार्यशील पूंजी कहलाती है।
• 'जीरो नेट-एड' (Zero Net Aid) क्या है ?
-जब किसी देश की अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भरता के ऐसे स्तर पर पहुंच जाती है कि उसे विदेशी सहायता की आवश्यकता नहीं रह जाती है, तो इसे जीरे नेट-एड कहते हैं।
• सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की परिभाषा क्या है ?
-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की परिभाषा के लिए इन्हें दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है-
1. निर्मता उद्योग और 2. सेवा उद्योग
1. निर्माता उद्योग- इसमें एक सूक्ष्म उद्योग उद्योग वह है जिसमें प्लांट और मशीनरी में निवेश 25 लाख रुपए से अधिक नहीं होता है। एक लघु उद्योग वह है जिसमें प्लांट एवं मशीनरी में निवेश 25 लाख से अधिक लेकिन 5 करोड़ रुपए से कम होता है। एक मध्यम उद्योग वह है जहां प्लांट एवं मशीनरी में निवेश 5 करोड़ रुपए से अधिक, किन्तु 10 करोड़ रुपए से कम होता है।
2. सेवा उद्योग- इसमें एक सुक्ष्म उद्योग वह है जहां उपकरणों में निवेश 10 लाख से अधिक नहीं होता। एक लघु उद्योग में निवेश 2 करोड़ रुपए तक होता है। एक मध्यम उद्योग में निवेश 2 करोड़ रुपए से अधिक होता है, परन्तु 5 करोड़ रुपए से कम होता है।
• एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (MCX-SX) क्या है ?
-एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (MCX-SX), भारत के नए शेयर बाजार, प्रतिभूति की धारा 4 के तहत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह भारत का एक नया स्टॉक एक्सचेंज है। भारत के कंपनी मामलों के मंत्रालय ने एमसीएक्स-एसएक्स को एक स्टॉक एक्सचेंज के रूप में अधिनियम की धारा 2 (39), 19 के तहत मान्यता 21 दिसम्बर 2013 को दी थी।
• 'बुनियादी बचत बैंक जमा खाता' (BSBDA) की परिभाषा क्या है?
-दिसंबर 2005 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंकों को सूचित किया गया था कि वे ‘शून्य’ अथवा अत्यंत न्यूनतम शेष और प्रभार वाला एक बुनियादी बैंकिंग ‘नो फ्रिल्स’ खाता उपलब्ध कराएं, जिससे ऐसे खाते आबादी के बृहद् भाग के लिए सुलभ हो सकें। ‘नो फ्रिल्स’ खातों के नाम से जुड़ी गलत अवधारणा को दूर करने के लिए एवं संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली में अधिक समरूप रीति से बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुनियादी ‘नो फ्रिल्स’ खाता खोलने से सम्बन्धित दिशानिर्देशों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। तदनुसार, वित्तीय समावेशन पर दिनांक 27 दिसंबर 2005 के परिपत्र ग्राआऋवि. केका. सं. आरआरबी. बीसी. 58/
03.05.33(एफ)/ 2005-06 और 13 दिसंबर 2005 के ग्राआऋवि. आरएफ. बीसी. 54/07.38.01/2005-06 में निहित अनुदेशों के अधिक्रमण में बैंकों को सूचित किया जाता है कि बैंक एक "बुनियादी बचत बैंक जमा खाता" खोलने का प्रस्ताव दें जिसमें उनके सभी ग्राहकों के लिए निम्नलिखित न्यूनतम सामान्य सुविधाएं दी जाएंगी:
(1) ‘BSBDA’ को सभी के लिए उपलब्ध एक सामान्य बैंकिंग सेवा माना जाना चाहिए।
(2) इस खाते के लिए किसी न्यूनतम शेष की अपेक्षा नहीं रहेगी।
(3) इस खाते में उपलब्ध सेवाओं में बैंक की शाखा तथा एटीएमों में नकद जमा व आहरण; इलेक्ट्रॉनिक भुगतान चैनलों अथवा केंद्र/राज्य सरकार की एजेंसियों और विभागों द्वारा आहरित चेकों के जमा/संग्रहण के माध्यम से धन प्राप्ति /जमा, शामिल होंगे;
(4) यद्यपि ग्राहक द्वारा एक माह के दौरान कितनी बार राशि जमा की जाए इस पर कोई पाबंदी नहीं होगी, तथापि खाताधारकों को एक माह के अंदर एटीएम आहरणों सहित अधिकतम चार आहरणों की ही अनुमति होगी; और
Share with your friends.........

Want your school to be the top-listed School/college in Muzaffarnagar?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Telephone

Website

Address


Shop 11-12 TC Square Complex, Arya Samaj Road Near Mahaweer Chowk
Muzaffarnagar
251001