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Javed Siddiqui
9319413577 Work Harder than others.

15/02/2023
02/02/2023

जब एक शख्स लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट मेरे पास हैं, इसी के साथ पूरी जिन्दगी अच्छे से कट जाएगी।

पुत्र जब वयस्क हुआ तो पूरा कारोबार पुत्र के हवाले कर दिया। स्वयं कभी अपने तो कभी दोस्तों के ऑफिस में बैठकर समय व्यतीत करने लगे।

पुत्र की शादी के बाद वह ओर अधिक निश्चित हो गये। पूरा घर बहू को सुपुर्द कर दिया।

पुत्र की शादी के लगभग एक वर्ष बाद दोहपर में खाना खा रहे थे, पुत्र भी लंच करने ऑफिस से आ गया था और हाथ–मुँह धोकर खाना खाने की तैयारी कर रहा था।

उसने सुना कि पिता जी ने बहू से खाने के साथ दही माँगा और बहू ने जवाब दिया कि आज घर में दही उपलब्ध नहीं है। खाना खाकर पिताजी ऑफिस चले गये।

थोडी देर बाद पुत्र अपनी पत्नी के साथ खाना खाने बैठा। खाने में प्याला भरा हुआ दही भी था। पुत्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और खाना खाकर स्वयं भी ऑफिस चला गया।

कुछ दिन बाद पुत्र ने अपने पिताजी से कहा- ‘‘पापा आज आपको कोर्ट चलना है, आज आपका विवाह होने जा रहा है।’’

पिता ने आश्चर्य से पुत्र की तरफ देखा और कहा-‘‘बेटा मुझे पत्नी की आवश्यकता नही है और मैं तुझे इतना स्नेह देता हूँ कि शायद तुझे भी माँ की जरूरत नहीं है, फिर दूसरा विवाह क्यों?’’

पुत्र ने कहा ‘‘ पिता जी, न तो मै अपने लिए माँ ला रहा हूँ न आपके लिए पत्नी,
*मैं तो केवल आपके लिये दही का इन्तजाम कर रहा हूँ।*

कल से मै किराए के मकान मे आपकी बहू के साथ रहूँगा तथा आपके ऑफिस मे एक कर्मचारी की तरह वेतन लूँगा ताकि *आपकी बहू को दही की कीमत का पता चले।’’*
*👌अद्भुत👌*

*-माँ-बाप हमारे लिये*
*ATM कार्ड बन सकते है,*

*तो ,हम उनके लिए*
*Aadhar Card तो बन ही सकते है.
💕💕💕

31/01/2023
14/01/2023

आपेक्षा अक्सर इंसान के मानसिक क्षमता को क्षीण करता है। उदाहरणार्थ....

एक ठंडी रात में, एक अरबपति बाहर एक बूढ़े गरीब आदमी से मिला। उसने उससे पूछा, "क्या तुम्हें बाहर ठंड महसूस नहीं हो रही है, और तुमने कोई कोट भी नहीं पहना है?"

बूढ़े ने जवाब दिया, "मेरे पास कोट नहीं है लेकिन मुझे इसकी आदत है।" अरबपति ने जवाब दिया, "मेरे लिए रुको। मैं अभी अपने घर में प्रवेश करूंगा और तुम्हारे लिए एक कोट ले लाऊंगा।"

वह बेचारा बहुत खुश हुआ और कहा कि वह उसका इंतजार करेगा। अरबपति अपने घर में घुस गया और वहां व्यस्त हो गया और गरीब आदमी को भूल गया।

सुबह उसे उस गरीब बूढ़े व्यक्ति की याद आई और वह उसे खोजने निकला लेकिन ठंड के कारण उसे मृत पाया, लेकिन उसने एक चिट्ठी छोड़ी थी, जिसमे लिखा था कि, "जब मेरे पास कोई गर्म कपड़े नहीं थे, तो मेरे पास ठंड से लड़ने की मानसिक शक्ति थी। लेकिन जब आपने मुझे मेरी मदद करने का वादा किया, तो मैं आपके वादे से जुड़ गया और इसने मेरी मानसिक शक्ति को खत्म कर दिया। "

अगर आप अपना वादा नहीं निभा सकते तो कुछ भी वादा न करें। यह आप के लिये जरूरी नहीं भी हो सकता है, लेकिन यह किसी और के लिए सब कुछ हो सकता है। 🙏🙏

12/01/2023

असली हीरो ये होते हैं

ये है हॉलीवुड के सुपरस्टार हैं- "कियानू रीव्ज़" जो मेट्रिक्स सीरिज के हीरो है...

जब ये 3 साल के थे तभी उनके सगे बाप ने उन्हें छोड़ दिया।
19 साल तक ये तीन अलग-अलग सौतेले पिता के साथ रहते हुए बड़े हुए।
बचपन में वे डिसलेक्सिया नामक बीमारी पीड़ित थे।
ये हॉकी खिलाड़ी थे मगर एक गंभीर दुर्घटना में चोटिल होने के बाद उनका हॉकी की नेशनल टीम का सपना चकनाचूर हो गया।
उनकी एक ने बेटी जन्म लेते ही मर गई और उनकी पत्नी का कार एक्सीडेंट में निधन हो गया।

उनके बचपन के बेस्ट फ्रेंड रिवर फ़ीनिक्स ड्रग ओवरडोज के कारण नहीं रहे और उनकी सगी बहन को ल्यूकेमिया हो गया।

उनके साथ कोई बॉडीगार्ड नहीं रहता क्योकि वो किसी को परेशान नही करना चाहते उनका कोई लग्जरी घर नहीं।
वे एक साधारण से अपार्टमेंट में रहते हैं और अक्सर न्यूयॉर्क में उन्हें सबवे में यात्रा करते हुए देखा जा सकता है।
जब वह फिल्म लेक हाउस की शूटिंग कर रहे थे तो उन्होंने देखा कि उनका कॉस्टयूम असिस्टेंट किसी को रोते हुए बता रहा था कि अगर उसने पैसे नहीं चुकाए तो उसका घर हाथ से निकल जाएगातो रीव्ज़ ने चुपचाप 20000 डॉलर उसके अकाउंट में ट्रांसफर करा दिए...

1997 में कुछ पत्रकारों ने देखा कि सुबह-सुबह रीव्ज़ लॉस एंजिलस में किसी बेघर इंसान के साथ मॉर्निंग वॉक कर रहे थे, और कई घंटे तक वह उसकी बात सुनते रहे बाद मे पता चला की उस इंसान के बेटे की किडनी फेल हो चुकी थी और रीव्ज़ ने उस आदमी के बेटे को अपनी एक किडनी देने का वादा कर दिया है।

अपने करियर में उन्होंने मेट्रिक्स सीरीज़ से कमाए हुए लगभग 75 मिलियन डॉलर की राशि इन्होंने चैरिटी में दान कर दी है।

दूसरों की सबसे ज़्यादा मदद की चाह रखने वाला ये इंसान, देखने मे नही लगता की ये अंदर से बहुत टूटा और बिखरा हुआ है।

यह व्यक्ति जो सब कुछ खरीद सकता है, सब कुछ अरेंज कर सकता है; लेकिन हर सुबह उठने के बाद ये आदमी घुमने के लिए वो जगह चुनता है जिस जगह को लोग आत्महत्या के लिये चुनते है....ये वैसी जगह पर जाता है!
और वहां रोज कोई ना कोई इसे मिल ही जाता है जो तकलीफ मे है जीवन को नष्ट करना देना चाहते है...!
कियानू रीव्ज़ उनके लिये जी रहा है....!

सैल्यूट है इस महानायक को!!!!

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