24/12/2024
*हीरक जयंती:* जनता इंटर कॉलेज भोपा की स्थापना के *75 वर्षों* का *स्वर्णिम इतिहास*-पुरातन से नवीनता का संगम
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जनता इंटर कॉलेज भोपा की *स्थापना वर्ष 1949* में तीन सदी के युग दृष्टा शिक्षा ऋषि परम पूज्य पद्म विभूषण श्री श्री 1008 वीतराग *स्वामी कल्याण देव जी महाराज* के कर कमलों द्वारा निर्जन जंगल क्षेत्र में लाल रेत के ऊंचे ऊंचे टीलों को समतलीकरण करके की गई थी।उस समय लगभग आधा दर्जन सूदूरवर्ती गांवों से लगी लगभग 2 किलोमीटर दूर लाल रेत व घने जंगलों से आच्छादित भूमि पर ग्रामीणों के अथक प्रयासों व दान दक्षिणा के रूप में एक- एक पैसे को एकत्रित कर *जनता हायर सेकेण्डरी स्कूल* के नाम से आम के पांच वृक्षों की घनी छाया के नीचे बैठकर शिक्षा के पवित्र मंदिर का श्री गणेश हुआ। ग्रामीणों के सहयोग और स्वामी कल्याण देव जी महाराज के सदप्रयास से लगभग आधा दर्जन कक्षा कक्षों का निर्माण हुआ।उत्तर प्रदेश के *तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री सम्पूर्णानंद जी* के द्वारा जनता हायर सेकेण्डरी स्कूल भोपा का *उद्घाटन 20 नवम्बर 1950* में किया गया था। इसके पश्चात शिक्षा का प्रचार- प्रसार और क्षेत्र में शिक्षा की ज्योति प्रज्ज्वलित होने लगी। उत्तरोत्तर प्रगति के गतिमान होते-होते समय चक्र की परिवर्तनशीलता के सान्निध्य परिपेक्ष्य में *साइंस प्रयोगशाला का शिलान्यास तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष एवं बिहार के राज्यपाल रहे श्री अनन्त शयनम आयंगर* के द्वारा 21 अप्रैल 1962 में किया गया।तदानुक्रम में कृषि एवं विज्ञान प्रयोगशाला का शिलान्यास *शिक्षा निदेशक श्री बलवंत सिंह स्याल* के करकमलों द्वारा 21 दिसम्बर 1965 को हुआ। धीरे-धीरे शिक्षा का प्रसार हुआ और संस्था के प्रधानाचार्य श्री श्याम सिंह रघुवंशी जी ने ग्रामीण अंचल के छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने के प्रति जागरूक किया। संस्था की तरक्की के अनुक्रम में कला भवन का शिलान्यास उत्तर प्रदेश के *तत्कालीन गृह मंत्री श्री ठाकुर हरगोविंद सिंह द्वारा 27 नवंबर 1963* में किया गया।1967 में श्री महावीर सिंह राठी जी प्रधानाचार्य के रूप में नियुक्त हुए। उसके पश्चात उत्तर प्रदेश के *पूर्व गृहमंत्री मंत्री एवं पूर्व राज्यपाल श्री वीरेन्द्र वर्मा जी* द्वारा कला भवन का उद्घाटन 18 जनवरी 1971 में किया गया । *पूर्व प्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा भारत रत्न चौ चरण सिंह जी* द्वारा साइंस ब्लॉक का उद्घाटन उस समय उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में 11 दिसंबर 1967 में किया गया । वहीं रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन *कृषि राज्य मंत्री श्री शेर सिंह द्वारा 19 अक्टूबर 1973* में किया गया । चारों ओर दूरदराज क्षेत्रों में विद्यालय न होने के कारण संस्था की ख्याति चारों ओर फैलने लगी और छात्रों की संख्या में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि हुई। धीरे-धीरे विद्यालय स्थापना के 25 वर्ष पूरे हुए। प्रबंध समिति, विद्यालय परिवार और क्षेत्रीय जनमानस के सहयोग से विद्यालय की *सिल्वर जुबली वर्ष 1974* में बड़े हर्षोल्लास व बैंड-बाजे के साथ मनाई गई। आस-पास के गांवों में विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई और मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। चारों ओर का वातावरण देशभक्ति के तरानों से गुंजायमान हो उठा।शिक्षा का उजियारा चारों ओर फैलने लगा। *किसान मसीहा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौ चरण सिंह जी* के द्वारा विद्यालय के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास वर्ष 1981 में तथा उद्घाटन उत्तर प्रदेश के तत्कालीन *राज्यपाल श्री गणपति देव तपासे जी* के द्वारा किया गया।वर्ष 1999 में विद्यालय के *प्रधानाचार्य श्री प्रहलाद सिंह जी* के कार्यकाल में विद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर *वर्ष 1999 में गोल्डन जुबली* मनाई गई और विद्यालय के विशाल मुख्य द्वार का निर्माण हुआ।जिसका उद्घाटन तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तरसपाल मलिक के द्वारा किया गया। विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रतिमान स्थापित किए और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों ने विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर छात्रों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय चिकित्सा सेवा भारतीय न्यायिक सेवा, भारतीय सेना सहित विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं देकर विद्यालय का नाम धरा पटल पर रोशन किया।वर्तमान में विद्यालय की स्थापना के *75 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती समारोह* विशाल स्तर पर मनाया जा रहा है जिसमें *24, 25 दिसंबर को ऑल इंडिया बॉलीवाल टूर्नामेंट व 26,27,28 दिसंबर को जनपदीय भारत स्काउट और गाइड रैली* का भव्य आयोजन किया जाएगा। विद्यालय के *प्रबंधक श्री देवेन्द्र कुमार शिवाच एडवोकेट जी व प्रधानाचार्य श्री राकेश कुमार जी* सहित विद्यालय परिवार व सभी छात्र तैयारियों में जुटे हुए हैं।