06/04/2023
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के मुताबिक, शिक्षा के व्यापक लक्ष्य हैं, बच्चों के भीतर विचार और कर्म की स्वतंत्रता विकसित करना, दूसरों के कल्याण और उनकी भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना, और बच्चों को नई परिस्थितियों के प्रति लचीले और मौलिक ढंग से पेश आने में मदद करना।
14/11/2022
शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को चरित्रवान बनाना है। शिक्षा से ही रोजगार मिलेगा। शिक्षा ही मनुष्य को संपूर्ण व्यक्तित्व का धनी बनाता है। ज्ञान हासिल कर लोग समाज को सही मार्ग दिखाते हैं।
14/11/2022
शिक्षा किसी समाज में सदैव चलने वाली वह सोद्देश्य सामाजिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य की जन्मजात शक्तियों का विकास, उसके ज्ञान, एवं कला - कौशल में वृद्धि तथा व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है और इस प्रकार उसे सभ्य, सुसंस्कृत एवं योग्य नागरिक बनाया जाता है। इसके द्वारा व्यक्ति एवं समाज दोनों निरन्तर विकास करते है।
14/11/2022
विचार कीजिये ....
जब हमारा जन्म हमारी मर्जी से नहीं होता और.....
मरण भी हमारी मर्जी से नहीं होता ....
तो इस जन्म - मरण के बीच में...
होने वाली सारी व्यवस्थाएं हमारी मर्जी से कैसे हो सकती हैं ???
हमारा हाथ में केवल कर्म करना है .... बाकि ...
रिजल्ट यानि फल प्रभु के हाथ मे है ....
हमारे सारे सुख और दुख हमारे कर्मो के फल यानि रिजल्ट के बारे में चिंतन करने से पैदा होते है ... मतलब हमे अपने कर्मो के फल को लेकर फोकस्ड रहना है ... फल के बारे में सोच सोच कर हमारे कर्मो में भी विकार उत्पन्न हो जाता है ....
ईश्वरीय कृपा से प्राप्त सफलता के लिए हमे अपने कर्मो पर फोकस करना चाहिए ना की कर्म जनित तथाकथित फल .. रिजल्ट पर...
जो ईश्वर हमारे लिए सही समझेंगे हमें वही देंगे....
विश्वास और आस्था के साथ अपना कर्म करो बाकि उसपर छोड़ दो....
23/10/2022
Education is the most powerful tool to change the world.
26/01/2020
प्यारे दोस्तों आज हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस मना रहे है भारत विविध धर्मों, आस्थाओं और संस्कृतियों का देश है और यहां हर दिन कोई न कोई त्यौहार मनाया जाता है। हर धर्म को मानने वाले लोग पूरे उल्लास के साथ अपने पर्व मनाते हैं, लेकिन कुछ त्यौहार ऐसे भी हैं, जो प्रत्येक देशवासी के लिए महत्वपूर्ण हैं और पूरे देश में सम्मान और स्नेह के साथ मनाए जाते हैं। 26 जनवरी भी एक ऐसा ही दिन है, जो देश का राष्ट्रीय पर्व है। देश का हर नागरिक चाहे वह किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से ताल्लुक रखता हो, इस दिन को राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत होकर मनाता है।
इतिहास की बात करें तो इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ। भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी तो मिल गई थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ। इस दिन राजधानी में राजपथ पर होने वाले मुख्य आयोजन में भारत की सांस्कृतिक झलक के साथ ही सैन्य शक्ति और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की जाती है।
देश दुनिया के इतिहास में 26 जनवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-
1556 : मुगल बादशाह हुमायूं की सीढ़ियों से गिरने से मौत हो गई थी।
1930 : ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया।
1931 : 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' के दौरान ब्रिटिश सरकार से बातचीत के लिए महात्मा गांधी को रिहा किया गया।
1950 : स्वतंत्र भारत का संविधान लागू हुआ और भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। इसके बाद से इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
1950 : सी. गोपालाचारी ने भारत के अंतिम गवर्नर जनरल का पद छोड़ा और डा. राजेन्द्र प्रसाद ने देश के प्रथम राष्ट्रपति का पद संभाला।
1950 : अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के रूप में अपनाया गया।
1950 : फेडरल कोर्ट ऑफ इंडिया, जिसकी स्थापना
1937 में हुई थी, को भारत का उच्चतम न्यायालय बनाया गया।
1957 : जम्मू कश्मीर के भारत की तरफ के हिस्से को औपचारिक रूप से भारत का हिस्सा बनाया गया।
1963 : मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया।
1972 : दिल्ली के इंडिया गेट पर राष्ट्रीय स्मारक अमर जवान ज्योति का अनावरण।
1981 : वायुदूत विमान सेवा की शुरूआत।
1982 : पर्यटकों को रेल के सफर के दौरान शाही और विलासितापूर्ण अनुभव का आनंद दिलाने के लिए भारतीय रेल ने पैलेस ऑन व्हील्स सेवा शुरू की।
2001 : गुजरात के भुज में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप, हजारों लोग मारे गए।
2008 : गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने परेड की सलामी ली