08/12/2024
I. D.M public school gandhinagar Bhartiya yog sansthan yog class
yog prasikshan kendra
08/12/2024
*स्थिर सुखमासनम*
जिस अवस्था में शरीर स्थिर और सुखयुक्त हो व दीर्घकाल तक रुके, वह आसन है।
स्थिरता और सुख का सम्बन्ध केवल योगासन की अंतिम स्थिति से ही नहीं है, अपितु मन की स्थिरता से भी है। यदि हर छोटी बड़ी बात में मन डिग जाता है या चिंता में डूब जाता है या क्रोधअग्नि में जलने लगता है या मोह ग्रस्त हो जाता है या लोभ के शिकंजे में जकड़ा जाता है या घबरा जाता है तो योगासन में स्थिरता आना कठिन है, क्योंकि हमारी मानसिक स्थिति का प्रभाव हमारे शरीर पर भी आता है और यदि मन कमजोर होगा तो शरीर भी स्वस्थ महसूस नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में आसन में स्थिरता पाना और सुख की अनुभूति करना दोनों ही मुश्किल हैं। इसलिए जरुरी है कि आसन कि अवस्था तक पहुंचने से पहले यम और नियम का यथासंभव साजगता से पालन और अनुपालन किया जाए। तभी मानसिक स्थिति स्थिर और सुखपूर्ण होंगी और जितनी मानसिक स्थिति स्थिर और सुखपूर्ण होगी, उतनी ही आसन कि अवस्था भी स्थिर और सुखपूर्ण होगी। यह पक्का नियम है।
---------------योग मंजरी अंक 46 से उद्धरत
19/07/2023
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the school
Telephone
Website
Address
Muzaffarnagar
251001