20/10/2025
🎬 *दीपावली – भीतर की लाइटिंग, ज़िंदगी का नया शॉट ✨*
हर दीपक एक सीन है —
जहाँ अंधेरा और उजाला एक साथ खड़े होकर
जीवन का अर्थ लिखते हैं।
हर मुस्कान एक फ्रेम है,
जो बताती है कि उम्मीद अब भी जीवित है।
हर रिश्ता एक संवाद है —
कभी अधूरा, कभी परिपूर्ण,
पर हर बार सिखाने वाला।
कभी कहानी रुकती है,
कभी कैमरा हिलता है,
पर डायरेक्टर अगर भीतर जाग्रत हो,
तो हर री-टेक एक नई रौशनी ला देता है।
इस दीपावली,
अपने भीतर की लाइटिंग सेट कीजिए,
संदेह की छाया हटाइए,
और ज़िंदगी को ऐसे डायरेक्ट कीजिए —
कि हर फ्रेम में प्रेम, कृतज्ञता और चेतना चमके।
✨ Lights… Consciousness… Action!
🌺 *शुभ दीपावली!*🌺
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– संजीव शर्मा
लेखक | निर्देशक
Ronkel Media Education & Research Institute