Thank you, Siddharth, for sharing your heartfelt experience with Sir R.S. Vikal. Your journey is a true reflection of the impact and inspiration he brings to aspiring actors at Virat Acting Lab.
Virat Acting Lab
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26/01/2025
"कहां खो गई आज़ादी की इबारत" _ काव्य कोलाज
कल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, निर्मिक कल्चरल सेंटर, कांदिवली पूर्व, के सहयोग से विराट कलोद्भव के कलाकारों ने काव्य-कोलाज का मंचन किया। प्रदर्शन बेहद सफल और उत्साह वर्धक रहा। इस कोलाज में निम्न कविताएं थीं।
कहां खो गई आज़ादी की इबारत___ डॉ. विनय
दो भी क़दम चल न सके हम ___ हृदयेश मयंक
प्रजातंत्र के विरुद्ध ___ धूमिल
सड़क पर मोर्चा ___ विनोद दास
खुदाई ___ विहाग वैभव
वो सुबह कभी तो आयेगी___ रामकुमार कृषक
कविताओं के मंचन को जितना प्रभावशाली ढंग से मनोशारीरिक शैली में व्यक्त किया जा सकता है, उतना यथार्थवादी मैथड से नहीं। मनोशारीरिक रंग-मंच का अभिनेता अपनी वाणी और शरीर से जो प्रभाव पैदा करता है वैसा यथार्थवादी रंगमंच का अभिनेता नहीं कर पाता। अभिनेता का संपूर्ण शरीर अभिनय कला के नए-नए रूप गढ़ने में पूर्ण सक्षम है, बशर्ते अभिनेता इसके लिए सचेत हो और अपनी इस क्षमता पर अनवरत अनुसंधान करे।
04/07/2024
Peep...Deep and deep
30/06/2024
अभिनय और कार्यशाला
1 जुलाई से एक विशेष एक्टिंग वर्कशॉप दिल्ली में शुरू हो रही है। जिसमें बॉम्बे से भी लोग ऑन लाइन class लेंगे। कुछ कंपीटेंट teacher दिल्ली से भी होंगे। मेरी भी उपस्थिति दिल्ली में अधिकांश रहेगी। आपके परिचित अगर ज्वाइन करना चाहें तो अवश्य बताएं।
Virat Acting Lab ABOUT US Virat Acting lab was founded in 2002 by R.S Vikal. About R.S. Vikal R.S. Vikal has an experience of more than 45 years in Theatre and 30 Years in Films, has got few feathers in his hat. He was facilitated by Shri.PC.Sethi, former home Minister, Govt. of India in 1980-1981 for his
जैसे आंखों के सौंदर्य के मुख्य रंग तीन
लाल, पीला, नीला
साथ में काला और सफेद
मान लो पांच
इन्हीं के सम्मिश्रण बनाते अनेक भेद
वैसे ही भावनाओं के रंग नौ
शृंगार, हास्य, रौद्र, करुण और वीर
अद्भुत, बीभत्स तथा भयानक
साथ में भक्ति और वात्सल्य
मान लो ग्यारह
इन्हीं के सम्मिश्रण से उभरतीं अनेक अनुभूतियां
जैसे चित्रकार छापता यथार्थ को
विशिष्ठ बोध के साथ
असमान संभाविता गढ़ता
धवल कैनवास पर
वैसे ही
अभिनेता
रिक्त पटल पर
रचता
रस रंगों से
जीवन का
विशिष्ठ बोध
देह की तूलिका से
देह की गतियां
छप जातीं हैं पटल पर
जैसे चित्रकार की
तूलिका की गतियां
कैनवास पर
11/04/2024
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