27/09/2024
तुमने उसे रोकने की कोशिश की, तुमने हर बार उसकी सियासत को एक दायरे में समेटने की कोशिश की, तुमने कहा वो मुसलमानों का लीडर नहीं है। तुमने कहा उसे हैदराबाद और साउथ से बाहर निकलने नहीं देंगे। लेकिन वो नहीं माना वो निकला। वो बिहार गया बिहार में अपनी कामयाबी का झंडा गाड़ा और बिहार की आवाम ने उसे अपना लीडर क़बूल किया। वो हैदराबाद से निकलकर महाराष्ट्र पहुंचा महाराष्ट्र की अवाम ने उसे अपना लीडर क़बूल किया। हैदराबाद से निकलकर वो गुजरात पहुंचा गुजरात में शानदार कामयाबी हासिल की और वहां की अवाम ने उसे अपना लीडर माना। उसने तन्हा ये हिम्मत की मुसलमानों में सियासी बेदारी पैदा किया। सूबा-सूबा, ज़िला-ज़िला घूमकर सियासी हिस्सेदारी की अहमियत बताया। उसकी एक कॉल पर न थमने वाली मुंबई थम गई। वो सड़क से लेकर संसद से तक उन तमाम मुद्दों पर चीख़ा/चिल्लाया जिन मुद्दों पर तुम्हारे सियासी आक़ा ख़ामोश रहते हैं। उसपर इल्ज़ाम लगे, उसपर जानलेवा हमला हुआ। वो नहीं रुका। तन्हा वो अपनी क़ूवत और ताक़त के साथ बढ़ रहा है। तुम मान लो कि वो मुसलमानों के अंदर सियासी बेदारी पैदा करने में अहम किरदार अदा किया है और वो इसमें कामयाब भी है और ये भी मान लो कि मुसलमानों का सबसे बड़ा तब्क़ा उसे अपना लीडर मानता है।