मुलुंड केन्द्र में वास्तुवर्ग
💐
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मुलुंड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 16 जून 2026, मंगलवार के दिन अध्यापक श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा "व्यवसायिक / उद्योग वास्तुवर्ग" में अल्पाहार गृह विषयक वास्तुचर्चा प्रस्तुत हुई। "सूर्यवेधी" पश्चिमाभिमुख स्थापत्य रचनाकृति में सरकारी मान्यता प्राप्त "द्वितिय श्रेणी वर्ग" वर्गीकृत खानपान विषयक अल्पाहार गृह की रचनाओं में आवश्यक वास्तुकार्य हेतु रसोईघर - साधन सामग्रियाँ - संचालक मालिक का नगद विभाग एवं खानपान बैठक व्यवस्था इत्यादि सूचि अनुसार महत्तम वास्तु अनुरूप अल्पाहार गृह "रेस्टोरेंट" का प्रयोगात्मक वर्णन प्रस्तुत करतें हुवें सुशोभीकरण दिशाओं अनुसार शास्त्रोक्त चर्चाविचार हुवाँ - अन्य उदाहरणों में "चंद्रवेधी" आकार को लक्ष्यमें रखकर अन्य विकल्पों पर भी विचार किया गया।
प्रत्येक सोमवार (ज्योतिषवर्ग) तथा मंगलवार (वास्तुवर्ग)
7 PM से 9 PM
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
Mulund Vidya Mandir School,
Jawaharlal Nehru Road,
Mulund west,
Mumbai 400080.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र (जनवरी से दिसंबर) एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम (विषय अनुरूप रुचि तथा गंभीरता रखनेवाले) अध्ययनकार्य में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभ्यासकेन्द्र सूचि:
● बान्द्रा ● विलेपार्ले
● मलाड ● मुलुंड
#विश्वज्योतिषसंस्थान
#निरयनज्योतिषशास्त्र
#मुहूर्तवास्तुशास्त्र
#भारतीयपंचांग
#नक्षत्रज्योतिष
#नागचक्र
#संक्रांति
#उद्योगवास्तुवर्ग
#गृहवास्तु
#भूमिवास्तु
Vishva Jyotish Sansthan
Basic course is for one year & research-advanced up to three years. There is no bar of age, s*x or caste to take admission.
विश्व ज्योतिष संस्थान - Vishva Jyotish Sansthan is a non commercial educational Institute, involved in education of Astronomy, Astrology, Palmistry & Vaastu Shastra in all over Mumbai...! Vishva Jyotish Sansthan
The aim of the institute is to spread the knowledge of Vaastu Shastra and Astrology, which have their place in the Vedas. By teaching these subjects in a scientific manner we want to remov
14/06/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मलाड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 14 जून 2026, रविवार
● ज्योतिष "कुंडली मेलापक" विषयमें वक्तव्य श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। वास्तुवर्ग में वास्तुमुहूर्त से जुडे "ताराचक्र - वास्तुशास्त्र आधारित" ग्रहों के अंशात्मक विशिष्ट योग चर्चा तथा ग्रहों के राशिचक्र में प्रथम - द्वितिय एवं तृतीय द्वेष्काण अधारित योगों विषयक बृहद शास्त्रार्थ प्रस्तुत किया गया।
● श्री अनिलभाई लक्ष्मीचंद सावला जी द्वारा बृह्दजातक शाखा अंतर्गत "ग्रह भेदाध्याय" विषय पर तथा "भूमि वास्तुशास्त्र" एवं दिशा निर्धारण विषयों पर वक्तव्य प्रस्तुत हुवाँ।
● श्री जितेन्द्रभाई रमणलाल मिस्त्री जी द्वारा ज्योतिषशास्त्रमें नक्षत्र ज्योतिष - अंकशास्त्र में स्वर - व्यंजनों आधारित अंक संख्या एवं उनके फलकथन वक्तव्य प्रस्तुत हुवाँ - वास्तुचर्चा में "तडाग चक्र" आधारित तलाव - कूप रचनाओं का मुहूर्त ज्ञान दिया गया।
● विद्वान खगोल एवं वास्तुविशेषज्ञ श्री दिलीपभाई नटवरलाल जोगी जी द्वारा दिशाओं निर्धारण यंत्र / होकायंत्र / compass 🧭 के विविधतम उपयोगिता व्यक्तिगत रूप से प्रयोगात्मक ज्ञान बांटा गया।
प्रत्येक रविवार
10 AM से 12 PM ज्योतिषवर्ग
12 PM से 02 PM वास्तुवर्ग
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
शेठ एन एल हाइस्कूल,
नगिनदास खांडवाला कॉलेज बिल्डिंग - प्रथम मंजिल,
एस. वी. रोड, मलाड पश्चिम,
मुंबई 400064.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभयास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा (रविवार)
● विलेपार्ले (शनिवार)
● मलाड (रविवार)
● मुलुंड (सोम - मंगलवार)
07/06/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मलाड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 07 जून 2026, रविवार
● ज्योतिष "फलकथन" विषयमें वक्तव्य श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। वास्तुवर्ग में वास्तुमुहूर्त से जुडे "ताराचक्र - वास्तुशास्त्र आधारित" प्रमुख ९ ताराओं "शांता - मनोहरा - क्रूरा - विजया - कुमोदभवा - पद्मिनी - राक्षसी - बाला एवं स्मृता" विषयक बृहद शास्त्रार्थ प्रस्तुत किया गया।
● श्री अनिलभाई लक्ष्मीचंद सावला जी द्वारा बृह्दजातक शाखा अंतर्गत "ग्रह भेदाध्याय" विषय पर तथा "भूमि वास्तुशास्त्र" एवं दिशा निर्धारण विषयों पर वक्तव्य प्रस्तुत हुवाँ।
● श्री जितेन्द्रभाई रमणलाल मिस्त्री जी द्वारा ज्योतिषशास्त्रमें नक्षत्र ज्योतिष - श्री कृष्णमूर्ति पद्धति आधारित स्पष्ट द्वादशभाव साधन पद्धति एवं प्रबल निर्देशक चयन तालिकाओं का विधिवत उपयोग एवं मह्त्ता दर्शाया गया।
● विद्वान खगोल एवं वास्तुविशेषज्ञ श्री दिलीपभाई नटवरलाल जोगी जी द्वारा दिशाओं निर्धारण यंत्र / होकायंत्र / compass 🧭 के विविधतम उपयोगिता व्यक्तिगत रूप से प्रयोगात्मक ज्ञान बांटा गया।
प्रत्येक रविवार
10 AM से 12 PM ज्योतिषवर्ग
12 PM से 02 PM वास्तुवर्ग
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
शेठ एन एल हाइस्कूल,
नगिनदास खांडवाला कॉलेज बिल्डिंग - प्रथम मंजिल,
एस. वी. रोड, मलाड पश्चिम,
मुंबई 400064.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभयास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा (रविवार)
● विलेपार्ले (शनिवार)
● मलाड (रविवार)
● मुलुंड (सोम - मंगलवार)
03/06/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मुलुंड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 02 जून 2026, मंगलवार के दिन अध्यापकश्री तरुणभाई जे. दवे जी
एवं श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा "मुहूर्तवास्तुशास्त्र" आधारित "सर्वतोभद्र चक्र" विषयक विस्तृत जानकारियाँ प्रदान करतें हुवें समजाया गया कि "सप्तशलाका वेध चक्र" के माध्यम से स्थापत्यकला - भवन स्थापत्य की आयु / अवधि एवं कालांतर में होनेवाले शुभाशुभ घटनाक्रमों से प्राप्त होनेवाले लाभ - हानि की समीक्षा / मूल्यांकन करना सरल एवं सहज होता हैं। त्रिगुणात्मक नक्षत्र प्रकृति आधारित "देव - मानव - राक्षस" गण के नक्षत्रों का उपयोग मुहूर्त विभागों में किस प्रकार किया जाता हैं एवं अद्योमुख - तिर्यंगमुख एवं ऊर्ध्वमुख नक्षत्रों की महत्ता समजाया गया।
उदित लग्नों एवं नवमांश के प्रभावों को दर्शाया गया।
प्रत्येक सोमवार (ज्योतिषवर्ग) तथा मंगलवार (वास्तुवर्ग)
7 PM से 9 PM
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
Mulund Vidya Mandir School,
Jawaharlal Nehru Road,
Mulund west,
Mumbai 400080.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र (जनवरी से दिसंबर) एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम (विषय अनुरूप रुचि तथा गंभीरता रखनेवाले) अध्ययनकार्य में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभयास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा (रविवार)
● विलेपार्ले (शनिवार)
● मलाड (रविवार)
● मुलुंड (सोम - मंगलवार)
#विश्वज्योतिषसंस्थान
#निरयनज्योतिषशास्त्र
#मुहूर्तवास्तुशास्त्र
#भारतीयपंचांग
#नक्षत्रज्योतिष
#संक्रांति
03/06/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषवर्ग एवं वास्तुवर्ग - मलाड केन्द्र में दिनांक 31 मई 2026 रविवार के दिन अध्यापक श्री अनिलभाई लक्ष्मीचंद सावला जी द्वारा "अष्टकवर्ग" विषयमें सर्वाष्टक वर्ग बिंदुओं की चर्चाविचार किया गया।
श्री जितेन्द्रभाई रमणलाल मिस्त्री जी द्वारा ज्योतिष एवं वास्तु मुहूर्त गणित में स्पष्ट सूर्योदय - सूर्यास्त विषयक गणित चर्चाविचार सद्रष्टान्त समजाया गया - प्रारंभिक वर्गो में ज्योतिष कुंडली गणित विषयक जानकारियाँ प्रस्तुत हुई।
श्री दिलीपभाई नटवरलाल जोगी जी द्वारा भूमिवास्तु तथा गृहवास्तु के महत्वपूर्ण सूत्रों को समजाया गया।
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
प्रत्येक रविवार
ज्योतिषवर्ग 10 AM से 12 PM
वास्तुवर्ग 12 PM से 02 PM
स्थल:
शेठ एन एल हाइस्कूल,
नगिनदास खांडवाला कॉलेज बिल्डिंग - प्रथम मंजिल, एस. वी. रोड, मलाड पश्चिम,
मुंबई 400064.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
मुंबई महानगर के उपनगरीय विस्तारों में साप्ताहिक वर्ग केन्द्र: (हिंदी भाषामें)
● बान्द्रा ● विलेपार्ले ● मलाड ● मुलुंड
26/05/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मुलुंड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 26 मई 2026, मंगलवार के दिन अध्यापकश्री तरुणभाई जे. दवे जी
एवं श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा "मुहूर्तवास्तुशास्त्र" आधारित "सर्वतोभद्र चक्र" विषयक विस्तृत जानकारियाँ प्रदान करतें हुवें समजाया गया कि "सप्तशलाका वेध चक्र" के माध्यम से स्थापत्यकला - भवन स्थापत्य की आयु / अवधि एवं कालांतर में होनेवाले शुभाशुभ घटनाक्रमों से प्राप्त होनेवाले लाभ - हानि की समीक्षा / मूल्यांकन करना सरल एवं सहज होता हैं। इन्हीं चक्र के माध्यम से जीवंत - जड चेतन / सजीव - निर्जीव / वस्तु - पदार्थ की भूत - वर्तमान - भविष्य विषयक रुपरेखा जानना एवं स्थापत्य भवन से सुख दुःख / सन्ताप अथवा जातक अपने जीवनकालमें स्वामित्व बनाएँ रखेगा व खोने / नष्टप्रायः के योग रखेगा जैसी निर्णयकारी स्थितियों से अवगत करता हैं। चारों दिशाओं तथा कोणों से प्राप्त होनेवाले परिणामों से अवगत करतें हुवें पूर्वकाल में युद्ध / आक्रमणकारियों द्वारा दुर्ग / प्रसादालय / देव मंदिर इत्यादि वास्तुरचनाओं के फलकथन / मुहूर्तमें उपयोगी हैं। चारों दिशाओं की सप्तशलाका माध्यम से जब गोचर सूर्य कृतिकादि सप्त नक्षत्र में भ्रमण करें तब पूर्व दिशा अस्त की बनती हैं, मघादी सप्त नक्षत्र के सूर्य भ्रमणकारी मार्ग समये दक्षिण दिशा - अनुराधादि सप्त नक्षत्र भ्रमणकाले पश्चिम दिशा एवं धनिष्ठादि सप्त नक्षत्र में सूर्य के गोचर भ्रमण समये उत्तर दिशा "अस्त / combust" बनती हैं। जो दिशा अस्त की हो वह दिशाओँ में अंश विस्तार नहीं बढाना चाहिए, नवीन बांधकाम उस दिशामें आरंभ ना करें, दिशा अस्त समये वह दिशाओँ में "द्वार शाख" नहीं रखनी हैं। जो दिशा अस्त बनती हो वह दिशाओँ से भय - संकट अथवा संघर्षशील स्थितियाँ रची जाती हैं इसलिए मुहूर्त समये अस्त दिशाओँ में स्थापत्यकला विषयक नवीन कार्य वर्जित माना गया हैं। प्रत्येक दिशा लगभग तीन मास तक "अस्त" बनने के कारण वह दिशा छोडकर अन्य तीनों दिशामें वास्तुकार्य करने की अनुमति आचार्यो द्वारा निर्देशीत हुई हैं।
भारतीय ज्योतिषसूत्रों में "ब्रह्मयामल एवं रुद्रयामल" ग्रंथ में ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुस्थापत्य विषयक महत्वपूर्ण जनाकरियाँ सुलभ हैं। पारंपरिक सूत्रों अनुसार यह प्रथम शास्त्र संदर्भों की जानकारियाँ भगवान शिव - पार्वती के संवाद - "प्रश्नोत्तरी" के रूपमें मिली हैं। वास्तुग्रन्थ में उल्लेखनीय वर्णनात्मक ढंग से सूचित किया गया हैं की यह चक्र "त्रैलोक्य दीपक" समान हैं एवं प्रत्येक शास्त्र निपुणता रखनेवाले दैवज्ञों को "सर्वतोभद्र चक्र" में पारंगतता रखनी आवश्यक हैं। यहाँ ग्रहों के द्रष्टि प्रभावों को "ग्रह वेध" से संबोधित किया जाता हैं। ग्रहों के परस्पर वेधों से शुभाशुभ स्थितियां जातक के पतन अथवा उन्नतिशील समय का सूचन करती हैं।
विश्व ज्योतिष संस्थान के वार्षिक एवं उच्चस्तरीय अभ्यासक्रम में वास्तुवर्ग तथा ज्योतिषवर्ग - दोनों में सर्वतोभद्र चक्र अर्थात "त्रैलोक्य दीपक" विषयमें शिक्षण प्रदान किया जाता हैं।
प्रत्येक सोमवार (ज्योतिषवर्ग) तथा मंगलवार (वास्तुवर्ग)
7 PM से 9 PM
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
Mulund Vidya Mandir School,
Jawaharlal Nehru Road,
Mulund west,
Mumbai 400080.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र (जनवरी से दिसंबर) एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम (विषय अनुरूप रुचि तथा गंभीरता रखनेवाले) अध्ययनकार्य में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभयास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा
● विलेपार्ले
● मलाड
● मुलुंड
#विश्वज्योतिषसंस्थान
#निरयनज्योतिषशास्त्र
#मुहूर्तवास्तुशास्त्र
#भारतीयपंचांग
#नक्षत्रज्योतिष
#संक्रांति
24/05/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मलाड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 24 मई 2026, रविवार
● "कुंडली मेलापक" विषयमें वक्तव्य श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। ज्योतिषशास्त्र के इस कठिन विषयमें समजाया गया कि वर - वधु के मेलापक प्रकरणमें जातक संबंधी महत्तम शास्त्रोक्त जानकारियाँ रखने की क्षमता रखनेवाले दैवज्ञों द्वारा मेलापक विषय को न्यायपूर्वक समाधान कर सकतें हैं। वर - वधु के पत्रिकाओं अनुसार उनके स्वभावादी गुणधर्म पुरुष समान / स्त्रैण अथवा त्रुतियपंथी में से कौन से प्रकृति के लक्षणों देखे गयें / प्राप्त हो रहें हैं, उन स्थितियों अनुसार वैवाहिक जीवन काल का विचार करना जरूरी हैं। यदि परस्पर गुणधर्मो के समानता या विरोधी लक्षणों अनुसार वैवाहिक कृत्यों का परामर्श दे वह अधिक उचित हैं - वर्तमान में यह सारें लक्षणों का समाधान मिलना दिनप्रतिदिन कठिन होते जा रहा हैं क्योंकि अधिकांश स्थितियों में वर - वधु के अनुपस्थिति में परिवारजनों द्वारा देवज्ञ से विमर्शों / निष्कर्ष रूप निर्णय अधिक होते हैं जो विषय गंभीरता की चेतावनी समझना चाहिए।
● श्री अनिलभाई लक्ष्मीचंद सावला जी द्वारा बृह्दजातक शाखा अंतर्गत "ग्रह भेदाध्याय" विषय पर तथा "भूमि वास्तुशास्त्र" पर वक्तव्य प्रस्तुत हुवाँ।
● श्री जितेन्द्रभाई रमणलाल मिस्त्री जी द्वारा ज्योतिषशास्त्रमें सर्वतोभद्र चक्र आधारित "चन्द्रात नक्षत्र बिंदु" विषयमें विभिन्न बिंदु फल परिणामों चर्चा विचार हुवाँ एवं उच्चस्तरीय वास्तुवर्ग में "ऋग्णालय /अस्पताल / सुश्रुषालय - आधुनिक सुविधाओं युक्त रचनाकृति" वास्तुरचना की बृहद चर्चाओं द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत हुवाँ।
● श्री दिलीपभाई नटवरलाल जोगी जी द्वारा आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में "शल्य क्रिया - चिकित्सा कक्ष / कृत्रिम यांत्रिकी चिकित्सा विभागों" वास्तुस्थापत्य रचनाओं में दिशाओँ / कोणों एवं प्राकृतिक प्रकाश - हवा तथा चुंबीकय क्षेत्रों के प्रभावों की बृहद चर्चाओं द्वारा ऋग्णालय वास्तुस्थापत्य महिमाओं को समजाया गया।
प्रत्येक रविवार
10 AM से 12 PM ज्योतिषवर्ग
12 PM से 02 PM वास्तुवर्ग
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
शेठ एन एल हाइस्कूल,
नगिनदास खांडवाला कॉलेज बिल्डिंग - प्रथम मंजिल,
एस. वी. रोड, मलाड पश्चिम,
मुंबई 400064.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभयास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा (रविवार)
● विलेपार्ले (शनिवार)
● मलाड (रविवार)
● मुलुंड (सोम - मंगलवार)
#विश्वज्योतिषसंस्थान
#निरयनज्योतिषशास्त्र
#मुहूर्तवास्तुशास्त्र
#नक्षत्रज्योतिष
#भारतीयपंचांग
#सर्वतोभद्रचक्र
#कुंडलीमेलापक
#ऋग्णालयवास्तुविचार
19/05/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मुलुंड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 19 मई 2026, मंगलवार के दिन श्री तरुणभाई जे. दवे जी एवं श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा सँयुक्त रूप से वास्तुवर्ग में "खनन / खात वास्तुमुहूर्त" तथा "नागचक्र" विषय में बृह्दता से शास्त्रार्थ प्रस्तुत हुवाँ।
विद्यार्थीगणो को समजाया गया कि यदि वास्तुरचनाओं द्वारा खनन / खात मुहूर्त अन्तर्गत वास्तुभूमि में नाग का वास होता हैं। यदि मुहूर्त नाग के मस्तिष्क पर किया जाएँ तो गृहस्वामी के मातापिता को हानि होती हैं। यदि नाग के पूछ पर खात मुहूर्त करते हैं तो घर परिवार के सदस्यों में रोगों की उत्पत्ति होती हैं। यदि नाग के पीठ पर खात मुहूर्त करतें हैं तो धनहानि एवं भय की प्राप्ति होती हैं। परंतु यदि नाग के कुक्षी पर खात मुहूर्त करने पर धनधान्य वृद्धि, संतान प्राप्ति एवं सुख प्राप्ति होती हैं।
रेखाचित्र में निर्देशित संक्रांतियों में नाग का मुख जो दिशाओं में हो तब नाग के मुख सन्मुख द्वार रचना नहीं करनी चाहिए।
नाग मुख एवं मस्तिष्क तालिका:
🌞 निरयन राशि / Sidereal sign
(सूर्य संक्रांति आधारित)
■ ♓♈♉
नाग मुख: पश्चिम दिशामें
नाग मस्तिष्क: उत्तर दिशामें
■ ♊♋♌
नाग मुख: उत्तर दिशामें
नाग मस्तिष्क: पूर्व दिशामें
■ ♍♎♏
नाग मुख: पूर्व दिशामें
नाग मस्तिष्क: दक्षिण दिशामें
■ ♐♑♒
नाग मुख: दक्षिण दिशामें
नाग मस्तिष्क: पश्चिम दिशामें
प्रत्येक सोमवार (ज्योतिषवर्ग)
तथा
मंगलवार (वास्तुवर्ग)
7 PM से 9 PM
Mulund Vidya Mandir School,
Jawaharlal Nehru Road,
Mulund west,
Mumbai 400080.
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभयास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा (रविवार)
● विलेपार्ले (शनिवार)
● मलाड (रविवार)
● मुलुंड (सोमवार - मंगलवार)
#विश्वज्योतिषसंस्थान
#निरयनज्योतिषशास्त्र
#भारतीयपंचांग
#नक्षत्रज्योतिष
#संक्रांति
#नागचक्र
#मुहूर्तवास्तुशास्त्र
17/05/2026
विश्व ज्योतिष संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट संचालित ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गोमें - मलाड केन्द्र - मुंबई में दिनांक 17 मई 2026, रविवार
● "दैनिक द्वादश लग्नोदय आधारित गणित तथा फलकथन में "योगकारक" ग्रहों के प्रभावों पर एवं वास्तुवर्ग में "वास्तुस्थापत्य में वेध दोष प्रकरण" विषयमें वक्तव्य श्री केतन रमेशचंद्र वागडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रमुख वेध दोष प्रकरणमें - द्वार वेध दोष, मार्ग वेध दोष, छाया वेध दोष एवं कोणीय वेध दोष पर विस्तार से समजाया गया।
● श्री अनिलभाई लक्ष्मीचंद सावला जी द्वारा अष्टकवर्ग शाखा अंतर्गत "त्रिकोण" शोधन एवं भूमिवास्तु विषय पर वक्तव्य प्रस्तुत हुवाँ।
● श्री जितेन्द्रभाई रमणलाल मिस्त्री जी द्वारा ज्योतिषशास्त्रमें वर्ग कुंडली आधारित "द्वेष्काण कुंडली" विषयमें विभिन्न शरीर के अवयवों पर प्रभावी द्वेष्काण राशिक्षेत्र आधारित शास्रार्थ एवं उच्चस्तरीय वास्तुवर्ग में "१०० पद आधारित वास्तुस्थापत्य रचनाकृति" विभिन्न पद वास्तुरचना की बृहद चर्चाओं द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत हुवाँ।
प्रत्येक रविवार
10 AM से 12 PM ज्योतिषवर्ग
12 PM से 02 PM वास्तुवर्ग
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
शेठ एन एल हाइस्कूल,
नगिनदास खांडवाला कॉलेज बिल्डिंग - प्रथम मंजिल,
एस. वी. रोड,
मलाड पश्चिम,
मुंबई 400064.
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
📱 88280 09001 / 9820387599
(साप्ताहिक रूप से हिंदी भाषामें अध्ययन)
प्राथमिक अध्ययन सत्र एक वर्षीय तथा उच्चस्तरीय संशोधनात्मक अध्ययन अभ्यासक्रम तीन वर्षों तक रहेंगा।
प्राथमिक भाषा एवं गणित की जानकारी रखनेवाले भाई बहन अभ्यासक्रम में जुड सकतें हैं।
मुंबई महानगर के उपनगरीय अभ्यास केन्द्र सूचि:
● बान्द्रा (रविवार)
● विलेपार्ले (शनिवार)
● मलाड (रविवार)
● मुलुंड (सोम - मंगलवार)
15/05/2026
सनातन भारतीय कालगणना क्रम:
१०० त्रुटि = १ लव
३० लव = १ निमेष
१० गुरु अक्षर = १ प्राण
४५ निमेष = १ प्राण
६ प्राण = १ पल
१० विपल = १ प्राण
६० विपल = १ पल
६० पल = १ घटी (२४ मिनिट)
६० घटी = १ दिवस - रात्रि (अहोरात्र)
७.५ घटी = १ प्रहर
८ प्रहर = १ दिवस - रात्रि
२ घटी = १ मुहूर्त
३० मुहूर्त = १ दिवस - रात्रि
७ दिवस = १ सप्ताह
३० दिवस = १ मास
२ मास = १ ऋतु
१२ मास = १ वर्ष
३० अहोरात्र = १ सावन मास
३० चंद्र तिथि = १ चान्द्र मास
सूर्य के एक संक्रांति काल दूसरे संक्रांति तक = १ सौर मास
१२ मास = १ वर्ष
६ ऋतु = १ वर्ष
२ अयन (उत्तर एवं दक्षिण) = १ वर्ष
१ मास = पितृओं का १ अहोरात्र
१ वर्ष = देवों का १ अहोरात्र
३६० वर्ष = १ दिव्य वर्ष
Vishva Jyotish Sansthan - मुंबई।
(शैक्षणिक विद्या संस्थान - मुंबई।)
____________________________
६० तत्प्रति विकला = १ प्रति विकला
६० प्रति विकला = १ विकला
६० विकला = १ कला
६० कला = १ अंश
३०° अंश = १ राशि
१२ राशि = १ राशिचक्र / भचक्र (भगण)
Vishva Jyotish Sansthan - An Educational Institute at Mumbai, INDIA.
मुंबई महानगर के उपनगरीय विस्तारों में ज्योतिषशास्त्र एवं वास्तुशास्त्र अध्ययन वर्गो का संचालन: बान्द्रा - विलेपार्ले - मलाड तथा मुलुंड में साप्ताहिक वर्ग - हिंदी भाषामें संचालित होते हैं।
📱 88280 09001 / 9820387599
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the school
Telephone
Address
Mumbai
Opening Hours
| Monday | 12pm - 4:30pm |
| Tuesday | 12pm - 4:30pm |
| Wednesday | 12pm - 4:30pm |
| Thursday | 12pm - 4:30pm |
| Friday | 12pm - 4:30pm |
| Saturday | 12pm - 4:30pm |
| Sunday | 12pm - 4:30pm |