17/12/2022
For our new school project in Hapur, Ghaziabad District UP.
We are looking for Young & dedicated staff for teaching positions.
1. Founder Principal
2. Vice Principal
3. Subject Experts
4. Class teachers
Interested candidate can send their resume at following email address
[email protected]
Visit www.ignitedmindsschool.com to know more about us.
Ignited Minds International School
Inspired by the philosophy of Late Dr A.P.J. Abdul Kalam, IGNITED MINDS school is created with a view to providing the best education to young minds.
13/04/2021
या देवी सर्व भूतेषु, शक्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
आदिशक्ति जगत जननी जगदम्बा महागौरी माँ भगवती के चैतन्य पर्व नवरात्र की आपको और संपूर्ण आस्तित्व को अशेष शुभमंगलकामनाये...
माँ भगवती हम सभी पर सदैव अपना स्नेह रखें तथा सात्विक तन, मन, धन से पौषित करे और सभी को अपने अपने क्षेत्रों में सफलता प्रदान करें......
12/10/2020
संस्कृति संवर्धन प्रतिष्ठान की वार्षिक स्मरणिका के विमोचन समारोह मे संस्था के ट्रस्टी की हैसियत से शामिल होने का सौभाग्य मिला।
समारोह मे विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन मुख्य अतिथि के रूप मे शामिल हुए।
संस्कृति संवर्धन प्रतिष्ठान, एक स्वयंसेवी संस्था जो चार राज्यो के करीब एक लाख पचीस हजार विधार्थियो को नैतिक शिक्षा की चार भाषाओं ( हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, एवं गुजराती) मे पुस्तके निशुल्क प्रदान करती है एवं सभी विधार्थियो की परीक्षा कराके उनके नैतिक शिक्षा के ज्ञान के स्तर को भी परखती है, ऐसी संस्था मे अपना सहयोग विश्वस्त (trustee) के रूप मे देना एक आत्म संतोष प्रदान करता है।
06/06/2020
School is a building that has four walls with tomorrow inside. Help your kids have the best start of their lives by sending them to the best school of Nashik i.e. IGNITED MINDS International School
So what are you waiting for??
The admission has started already for playgroup, nursery, Jr. KG and Sr. KG. and the form is given below!!
Refer:- https://rebrand.ly/ignited-minds-international
Fill it, and do your part of making your child's future bright.
For more info Call:- +91 84597 24102 / 7303929402
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04/04/2020
********महामारी*******
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एक बार एक राजा के राज्य में महामारी फैल गयी। चारो ओर लोग मरने लगे। राजा ने इसे रोकने के लिये बहुत सारे उपाय करवाये मगर कुछ असर न हुआ और लोग मरते रहे। दुखी राजा ईश्वर से प्रार्थना करने लगा। तभी अचानक आकाशवाणी हुई। आसमान से आवाज़ आयी कि हे राजा तुम्हारी राजधानी के बीचो-बीच जो पुराना सूखा कुंआ है अगर अमावस्या की रात को राज्य के प्रत्येक घर से एक – एक बाल्टी दूध उस कुएं में डाला जाये तो अगली ही सुबह ये महामारी समाप्त हो जायेगी और लोगों का मरना बन्द हो जायेगा।
राजा ने तुरन्त ही पूरे राज्य में यह घोषणा करवा दी कि महामारी से बचने के लिए अमावस्या की रात को हर घर से कुएं में एक-एक बाल्टी दूध डाला जाना अनिवार्य है!
अमावस्या की रात जब लोगों को कुएं में दूध डालना था उसी रात राज्य में रहने वाली एक चालाक एवं कंजूस बुढ़िया ने सोंचा कि सारे लोग तो कुंए में दूध डालेंगे अगर मै अकेली एक बाल्टी "पानी" डाल दूं तो किसी को क्या पता चलेगा। इसी विचार से उस कंजूस बुढ़िया ने रात में चुपचाप एक बाल्टी पानी कुंए में डाल दिया। अगले दिन जब सुबह हुई तो लोग वैसे ही मर रहे थे।
कुछ भी नहीं बदला था क्योंकि महामारी समाप्त नहीं हुयी थी।
राजा ने जब कुंए के पास जाकर इसका कारण जानना चाहा तो उसने देखा कि सारा कुंआ पानी से भरा हुआ है।
दूध की एक बूंद भी वहां नहीं थी।
राजा समझ गया कि इसी कारण से महामारी दूर नहीं हुई और लोग अभी भी मर रहे हैं।
दरअसल ऐसा इसलिये हुआ कि जो विचार उस बुढ़िया के मन में आया था वही विचार पूरे राज्य के लोगों के मन में आ गया और किसी ने भी कुंए में दूध नहीं डाला।
मित्रों , जैसा इस कहानी में हुआ वैसा ही हमारे जीवन में भी होता है।
जब भी कोई ऐसा काम आता है जिसे बहुत सारे लोगों को मिल कर करना होता है तो अक्सर हम अपनी जिम्मेदारियों से यह सोच कर पीछे हट जाते हैं कि कोई न कोई तो कर ही देगा और हमारी इसी सोच की वजह से स्थितियां वैसी की वैसी बनी रहती हैं।
अगर हम दूसरों की परवाह किये बिना अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने लग जायें तो पूरे देश में भी ऐसा बदलाव ला सकते हैं जिसकी आज ज़रूरत है।.........✍️
19/03/2020
Social media, business development, marketing,sales