11/06/2023
तुम अपनी शादी में बुलाना,मैं आऊँगा ज़रूर
एक निवाला ही सही मैं खाऊँगा ज़रूर
उस दिन सबके सर पर सहरे देखूँगा
सारी रात रुक कर सातों फेरे देखूँगा
मुझे तुम्हारी आँखों में शर्म देखनी है
वो आग जितनी गर्म है वो आग देखनी है
उस रात मैं आख़िरी रात नाचूँगा
जिस रात मैं तुम्हारी बारात में नाचूँगा
कोई कहेगा रूखसती के वक़्त आँखों में आँसू क्यों नहीं
मैं कहूँगा मेरे महबूब की शादी है नाचूँ क्यों नहीं