03/11/2020
BRABU : बिहार विवि के विद्यार्थियों को घर बैठे मिल सकता है वाटरप्रूफ डिग्री
October 27, 2020
बिहार विवि के विद्यार्थियों को अब वाटरप्रूफ ओरिजनल डिग्री मिल सकता है। इसमें 7 सुरक्षा फीचर जिसमे क्यूआर कोड, बार कोड, डिजिटल सिग्नेचर, डिजिटल मुहर, सिक्योरिटी फीचर, न फटने वाले नॉन टियरेबल पेपर और A4 साइज में यह डिग्री बनी होगी। यह डिग्री जनवरी से छात्रों को मिल सकती है और दीक्षांत समोराह से इसकी शुरुआत हो सकती है। साथ हीं यह डिग्री स्पीड पोस्ट के माध्यम से घर बैठे भी मिल सकेगी, इस पर भी काम चल रहा है। विवि की ओर से जल्द हीं इस सुविधा को शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा बिहार विवि के विद्यार्थियों को अब घर बैठे स्पीड पोस्ट के माधयम से डिग्री मिल सकती है।ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आधार कार्ड पर दिए गए पते पर डिग्री भेजी जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के समय ही विद्यार्थियों को डिग्री शुल्क के अलावा स्पीडपोस्ट के बदले भी कुछ शुल्क देना होगा और उनकी डिग्री उन्हें घर बैठे ही प्राप्त हो जाएगी। ऑनलाइन आवेदन करते समय ही आधार कार्ड की एक कॉपी भी अपलोड करनी होगी और जब डिग्री बनकर तैयार हो जाएगी तो उसी आधार में दिए हुए पते पर डिग्री भेज दी जाएगी। विवि की ओर से जल्द हीं इस सुविधा को शुरू किया जाएगा।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय और इससे सम्बंधित कॉलेजों में पढ़ाई करने के बाद अब विद्यार्थियों को अपने डिग्रीयों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्योंकि अब डाक विभाग के स्पीड पोस्ट के द्वारा डिग्री उनके घर तक पहुंच जाएगी। बिहार विश्वविद्यालय में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में स्नातक, स्नातकोत्तर और अन्य कोर्सों के विद्यार्थी डिग्री लेने के लिए आते हैं।लेकिन अगर किसी कारण से डिग्री नहीं मिले तो उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने को लेकर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की तरफ से इसकी तैयारी चल रही है।
डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के समय ही विद्यार्थियों को डिग्री शुल्क के अलावा स्पीडपोस्ट के बदले भी कुछ शुल्क अदा करना होगा और उसके बाद डिग्री उन्हें घर बैठे ही प्राप्त हो जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अभी डिग्री बनकर विवि में रखी रहती है लेकिन कॉलेज प्रबंधन उसे नहीं मंगवाते। जिसके कारण विश्वविद्यालय में काफी भीड़ उमड़ती है। ये सुविधा शुरू हो जाने के बाद वैशाली, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और अन्य जिले के दूर-दराज के गांवों से आने वाले छात्रों को इसका विशेष फायदा होगा।