19/07/2026
एक पिता अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के लिए तेज बहते पानी को पार कर उसे स्कूल छोड़ने जा रहा है। यह दृश्य बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के दोन क्षेत्र का है।
दुर्भाग्य की बात है कि आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी इस क्षेत्र में न पक्की सड़क है, न बिजली, और न ही कई बुनियादी सुविधाएँ, जो हर नागरिक का अधिकार हैं।
जब देश डिजिटल इंडिया की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, तब भी इस क्षेत्र के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि विकास की वास्तविक तस्वीर है।
केंद्र सरकार और बिहार सरकार से विनम्र आग्रह है कि इस क्षेत्र की स्थिति पर गंभीरता से विचार करें और यहाँ के लोगों को भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ।
एक पिता का संघर्ष और एक बेटे का सपना—दोनों हमसे यही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या विकास की रोशनी यहाँ तक कब पहुँचेगी?