05/04/2024
आज दिनांक 5 अप्रैल 2024 को सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिण्डा प्राईमरी के प्रमुख दीदी श्रीमती कुलदीप कौर बैंस जी द्वारा संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 100% के साथ संस्कृति ज्ञान परीक्षा भाग उत्तमा की परीक्षा पास करने वाले अन्य विद्यालय के आचार्य भैया गुरिन्दर सिंह मुंडे जी को प्रमाण पत्र एवं ट्राफी के साथ सम्मानित किया गया। भैया गुरिन्दर सिंह मुंडे जी को संस्कृति बोध परियोजना के साथ जोड़ने हेतु विद्यालय संस्कृति बोध परियोजना के प्रमुख दीदी श्रीमती जसविन्दर कौर जी ने भैया गुरिन्दर सिंह के साथ सम्पर्क किया। भैया गुरिन्दर सिंह जी आर्य समाज द्वारा संचालित विद्यालय आर्य मॉडल हाई स्कूल मोरिण्डा में बतौर अकाउंटैंट कार्य करते है। दीदी जसविन्दर कौर जी ने उनको विद्या भारती के लक्ष्य तथा अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा उन्हें संस्कृति ज्ञान परीक्षा देने हेतु अपने विद्यालय संग जोड़ा। भैया गुरिन्दर सिंह जी ने अपने अनुभव को सांझा करते हुए बताया कि उनको उनके अपने विद्यालय ने इस परीक्षा के लिए पूर्ण सहमति दी तथा साथ ही सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिण्डा प्राईमरी के विद्यालय प्रमुख दीदी श्रीमती कुलदीप कौर जी ने बहुत सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि उन्होने इस परीक्षा की तैयारी रात के समय विद्यालय द्वारा दी गई पुस्तकों को पढ़ कर की तथा पहले उन्हें संस्कृत भाषा के श्लोकों को देख कर डर लगा कि इन श्लोकों को तैयार नहीं कर सकते, लेकिन जब उन्होंने विद्यालय प्रमुख दीदी श्रीमती कुलदीप कौर जी को अपनी शंका बताई तो उन्होंने बेहतर ढंग से श्लोक उचारण एवं इन्हें तैयार करने का ढंग बता दुविधा दूर की। स. गुरिन्दर सिंह ने बताया कि जब उनकों रिजल्ट पता चला तो उनकों बहुत खुशी हुई। जब विद्यालय द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया तो उनके अपने खुद के विद्यालय अार्य मॉडल ने भी उनको गौरवमई पलों के लिए बधाई दी ।उन्होंने बताया कि इन पुस्तकों को पढ़ कर वे अपनी भारतीय संस्कृति तथा भारत के महान इतिहास को जान पाए। उन्होंने संस्कृति ज्ञान परीक्षा के अंतर्गत अागे वाले भाग की परीक्षा देने के लिए भी अपनी सहमति दी।
25/08/2023
चंद्रयान - 3 की टीम में विद्या भारती के पूर्व छात्रों की धमक
श्री पारस गुप्ता सर्वहितकारी विद्या मंदिर मोरिंडा के पूर्व छात्र रहे हैं। वे चंद्रयान-3 टीम में रहे हैं।
सभी को इस गौरवमई पल की हार्दिक शुभकामनाएँ।
05/05/2023
आज दिनांक 5 मई 2023 दिन शुक्रवार को सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिंडा(प्राईमरी) में बुद्ध पूर्णिमा पर आधारित प्रश्न मंच का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन विद्यालय प्रमुख दीदी कुलदीप कौर बैंस जी ने किया। बच्चों ने बहुत उत्साह के साथ इस प्रश्न मंच में भाग लिया। इस प्रश्न मंच की विजेता टीम A के सदस्य भैया दुरदम, बहन कीर्ति तथा बहन हरमनजीत कौर को विद्यालय प्रमुख दीदी कुलदीप कौर जी ने बधाई देते हुए आगे भी ऐसे ही मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। आज के इस पावन पर्व पर विद्यालय दीदी गुरदीप कौर जी ने बच्चों को वंदना सभा में महात्मा बुद्ध जी के जीवन के बारे में बताया।
17/02/2023
आज दिनांक 17.02.2023 (शुक्रवार) को सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिंडा में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया गया | विद्या मंदिर के बच्चों को इस उपलक्ष्य में मंदिर ले जाया गया | मंदिर में आचार्य दीदी कोमल ने महाशिवरात्रि के पर्व के बारे में बताया, साथ ही बच्चों ने आचार्य दीदियों के साथ मिलकर शिवलिंग पर जल अर्पित किया | बच्चों ने मंदिर में भगवान शिव के भजन गाए और माथा टेक कर भगवान का आशीष प्राप्त किया। बच्चों ने महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में कार्ड भी बनाए |
10/06/2022
सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिंडा(प्राईमरी) में 1 जून 2022 से 10 जून 2022 तक "समर कैंप" का आयोजन किया गया। इस समर कैंप में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को शामिल किया गया जैसे कि योग, इनडोर गेम्स, आर्ट क्राफ्ट, कूकिंग क्लास, डांस एवं संगीत, एक्टिंग, मेंहदी, कविता उचारण, छोट्टे - छोट्टे इंगलिश शब्द तथा वाक्य सिखाना, सिलाई टिप्स, टेबल मैनर, संस्कारों की शिक्षा तथा अच्छे तथा बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी इत्यादि। कैंप के प्रथम दिन विद्यालय प्रमुख दीदी कुलदीप कौर जी ने बच्चों को समर कैंप में पूरी मस्ती करते हुए अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने बहुत उत्साह के साथ इस कैंप में भाग लिया। रोजाना इस कैंप का आरंभ माँ सरस्वती की वंदना के साथ होता रहा। बच्चों को जानवरों तथा पक्षियों के प्रति प्रेमभाव तथा सेवाभाव सिखाने कि लिए बच्चों के हाथों जानवरों को पानी पिलाया गया। इस कैंप में आचार्य दीदियों को भी अपनी प्रतिभा बच्चों के माध्यम से दिखाने का अवसर मिला।अंतिम दिन बच्चों ने कैंप के बारे में अपने-अपने विचार प्रकट किए। सभी बच्चों ने इस कैंप में बहुत आनंद लिया।
05/06/2022
आज दिनांक 5 जून 2022 को सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिंडा (प्राईमरी) विद्यालय परिवार ने "अंर्तराष्ट्रीय वातावरण दिवस" मनाया। बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से पृथ्वी को हरा-भरा रखने का संदेश दिया। बच्चों ने नए पौधे उगाकर तथा पौधों को पानी देकर समाज को नए पौधे लगाने तथा पेड़-पौधों की देखभाल कर अपने वातावरण को हरियाली प्रदान कर, पृथ्वी को तपश से बचाने के लिए बहुत सुन्दर संदेश देते हुए सर्वहित के लिए समाज से सहयोग की माँग की।
समस्त विद्यालय परिवार समाज से निवेदन करता है कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण हेतु आप सभी अपने वातावरण की संभाल करें ताकि पृथ्वी पर जीवन बना रहे।
धन्यवाद
22/04/2022
अपने खाली समय में सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिंडा (प्राईमरी) की दीदियाँ विद्यालय की दीवारों पर अपनी कलाकृति का आनंद लेते हुए।
27/11/2021
सर्वहितकारी शिशु वाटिका मोरिण्डा (प्राईमरी) में आज दिनांक :- 27.11.2021 (शनिवार) को आचार्य दीदियों का दक्षता वर्ग लगाया गया।जिसका प्रारंभ आचार्य दीदियों द्वारा माँ सरस्वती वंदना से किया गया | वंदना उपरांत आचार्य दीदी श्री मती जसविंद्र कौर जी ने सभी आचार्य दीदियों को योग एवं समता करवाई गई| इस उपरांत आचार्य दीदी श्री मती अनीता वर्माजी द्वारा दिशा बोध का सत्र लिया गया। जिसमें उन्होंने श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन के बारे में बता कर आचार्य दीदियों का मार्ग दर्शन किया | इस सत्र उपरांत आचार्य दीदियों ने जलपान किया तथा फिर आचार्य दीदी श्री मती अनीता वर्मा जी द्वारा वर्ग गीत की शुरुआत की गई ।आचार्य दीदी कोमल द्वारा बौद्धिक सत्र लिया गया जिसमें उन्होंने भाषा का शुद्ध उच्चारण कैसे किया जाता है और उनके अशुद्ध उचारण के निवारण के बारे में अपने विचार आचार्य दीदियों के साथ साझें किए | श्री मती गुरदीप कौर जी ने प्रेरक प्रसंग का सत्र लिया गया | इस उपरांत आचार्य दीदी श्री मती किरण शुक्ला जी द्वारा आचार्य दीदियों को खेल करवाये गए,जिस में खो-खो तथा स्टेचु खेल करवाया गया। जिसका सभी आचार्य दीदियों ने खूब आनंद लिया । फिर श्री मती संतोष कुमारी जी द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया,सभी आचार्य दीदियों ने भजन का आनंद लिया। भजन उपरांत सभी आचार्य दीदियों ने सहभोज किया। अंत में स्कूल प्रमुख श्री मती कुलदीप कौर जी द्वारा अंतिम सत्र में सभी आचार्य दीदियों का मार्ग दर्शन किया गया | उन्होंने सभी आचार्या दीदीयों को विद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ाने का यथासंभव प्रयास करने को गति प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई तथा संस्कारों पर विशेष ध्यान देने के लिए भी प्रेरित किया।