01/02/2026
जामिया फ़ारूक़िया अज़ीज़ुल ऊलूम में सालाना अज़ीमुश्शान जलसा-ए दस्तारबंदी संपन्न।
दिनांक 31/ जनवरी 2026, शनिवार की रात को जामिया फ़ारूक़िया अज़ीज़ुल ऊलूम भोजपुर, मुरादाबाद, यू०पी० में सालाना जलसा एवं दस्तारबंदी का अज़ीमुश्शान और रूहानी प्रोग्राम बड़े ही शानदार अंदाज़ में संपन्न हुआ। इस 62 वें सालाना ऐतिहासिक समारोह में कुल 58 छात्रों की दस्तारबंदी की गई, जिन छात्रों में आलमियत, मौलवियत, क़िरात और हिफ्ज़े क़ुरआन की तालीम मुकम्मल करने वाले छात्र थे।
इस मौक़े पर इल्म-ए-दीन की फ़ज़ीलत और तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए बरेली शरीफ़ से तशरीफ़ लाए हज़रत मुफ़्ती शकील अहमद साहब मिस्बाही ने इल्म और इस्लाम की अहमियत पर बेहद असरदार और इल्मी बयान फ़रमाया, जिसे हाज़िरीन ने बहुत पसंद किया।
प्रोग्राम के दौरान जामिया के सालाना इम्तिहान में अव्वल, दोयम और सोयम पोज़ीशन हासिल करने वाले लगभग 26 छात्रों को इनामात और शील्ड देकर हौसला-अफ़ज़ाई की गई
। इनमें जामिया के अंदर टॉप करने वाले छात्र मौहम्मद सनाउल मुस्तफा पुत्र श्री मुफ्ती मौहम्मद अशफ़ाक़ साहब मिस्बाही भोजपुर को सबसे बड़ा इनाम दिया गया और पूरा साल 100% परसेंट हाज़िरी देने वाले मौहम्मद कैफ पुत्र लियाकत हुसैन भोजपुर को भी इनाम दिया गया।
जामिया के प्रिंसिपल मौलाना ग़यासुद्दीन मिस्बाही साहब ने अपने सदरे ख़िताब में तमाम मेहमानों का दिली शुक्रिया अदा किया और छात्रों को नसीहत करते हुए फरमाया कि इल्म के साथ अमल ज़रूरी है, क्योंकि इल्म बग़ैर अमल के अधूरा है।
इस जलसे में जामिया के तमाम स्टाफ मुफ्ती मोहम्मद हनीफ साहब ,मुफ्ती अशफाक साहब, मुफ्ती इश्तियाक साहब,मुफ्ती जलीस साहब, मुफ्ती अय्यूब साहब अजहरी, मुफ्ती महमूद साहब अजहरी, मुफ्ती मोहसिन साहब, कारी जलीस साहब कादरी, मास्टर नसीम साहब, मास्टर हनीफ साहब,मास्टर ख्वाजा अहमद साहब,मास्टर शमशाद साहब, मास्टर वासिद साहब,मास्टर अब्दुल हक साहब,मैनेजर मोहम्मद ताहिर साहब और खज़ानची रफीक़ अहमद साहब के अलावा तमाम अराकीने कमेटी और बड़ी तादाद में उलेमा-ए-इकराम ने शिरकत फरमाई, जिनमें खास तौर पर
हज़रत मौलाना मोहम्मद रज़ा साहब, मुफ़्ती नाज़िरुल क़ादरी साहब, मुफ़्ती यामीन साहब मिस्बाही, हज़रत आदिल हमज़ा अजहरी, मुफ़्ती दानिश साहब, मुफ़्ती सरफ़राज़ मंजरी, मुफ़्ती तय्यब, मुफ़्ती अफ़सर अली, मुफ़्ती गुल हसन, क़ारी ग़ुलाम मुस्तफ़ा, मुफ्ती नईम साहब, मौलाना हारून साहब,कारी वकील अहमद साहब, मौलाना आशिक़ साहब सहित दीगर बेशुमार उलेमा मौजूद रहे और निज़ामत मौलाना राहत नईमी ने की।
अंत में हजरत मुफ्ती मौहम्मद अशफाक मिस्बाही साहब की दुआ के साथ यह इल्मी और रूहानी जलसा अपने इख़्तिताम को पहुँचा।
15/08/2025
15/08/2025