08/11/2022
दुनियाँ की लाचार कहानी क्या कहना,
ढूँढ़ रहे सब पत्थर में पानी क्या कहना।
पढ़ते लिखते बाल पक रहे किसे ख़बर,
बुढापे में आ रही जवानी क्या कहना ।।
ये पँक्तियाँ हमारे क्षेत्र के प्रमुख साहित्यक व्यक्तित्व श्री राजवीर सिंह विशनोई जी के ऊपर बिल्कुल सही प्रतीत होती है,
एक लंबी नौकरी के बाद जब लोग आराम करने के रास्ते ढूँढते है तब आप अपनी लेखनी के स्तर से लोगों को मोहित कर रहे है तथा युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहे है।
कक्षा केंद्र परिवार आपकी प्रतिभा की कायल है एवं आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता है।
23/07/2022
“आज़ाद था, आज़ाद हूँ और आज़ाद रहूँगा”
का गर्व उद्घोष करने वाले ,भारत की अंग्रेजो से मुक्ति के क्रान्तिकारी संघर्ष के अग्रदूत ,भारत माँ के सच्चे सपूत , माँ भारती के चरणो में अपने सर्वश्व का न्योछावर करने वाले,भारत की स्वायत्तता के लिए शहीद ,अमर बलिदानी सपूत"चन्द्रशेखर आज़ाद”
🌹💐
21/07/2022
"प्रशंसा से पिघलना मत,
और आलोचना से उबलना मत"
#सुप्रभात 🙏
20/07/2022
ना दुआ से बढ़कर, कोई अल्फ़ाज़ है,
ना मुस्कुराहट से बेहतर,कोई इलाज है।
19/07/2022
जहाँ तक रास्ता दिख रहा है, वहाँ तक चलिए। आगे का रास्ता वहाँ पहुँचने के बाद दिखने लगेगा।
18/07/2022
कभी टूटते हैं, तो कभी बिखरते हैं,
विपत्तियों में इन्सान, ज्यादा निखरते हैं....!!
#सुप्रभात 🙏
16/07/2022
जब तुम्हारा हौसला आसमान तक जायेगा, तब याद रखना कोई पंख काटने ज़रूर आयेगा॥
13/07/2022
आगे बढ़ने वाला व्यक्ति कभी भी,
किसी को बाधा नहीं पहुंचाता।
और दूसरे को बाधा पहुंचाने,
वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ता।