08/06/2018
Be Shaq
plz written your question and answer
08/06/2018
Be Shaq
┄─═✧═✧═✧═✧═─┄
*Bismillahirrahmanirrahim*
┄─═✧═✧═✧═✧═─┄
*✦ Geebat Aur bohtan ✦*
✾••••••••••••••••✾✽✾••••••••••••••••✾
*📚Hadees :* Hazrat Abu hurairah Raziy Allahu anhu se rivayat hai Rasoolullah ﷺ ne farmaya Tum jaante ho geebat kya hai? logo ne kaha ki Allah aur uske Rasool ﷺ hi khub jante hain, Aap ﷺ ne farmaya Geebat ye hai ki tum apne bhai ka zikr is tarah karo ki (agar wo samne hota to) usko bura lagta, logo ne kaha ki Ya Rasoolallah ﷺ agar hamare bhai mein wo aib mojud ho to, Aap ﷺ ne farmaya wo hi to geebat hai Agar usmein wo mojud na ho to wo bohtan hai.
- 📗 (Sahih Muslim, 6593, 6265)
*Read Must*
✨ मैंने बड़ी कोशिश की के क़ुरआन पढ़ कर ख़ुद को सुन्नी साबित करूँ मगर नाकाम रहा।
✨ मैंने तमाम क़ुरानी सूरतें पढ़ीं मगर मुझे न कोई शिया मिला, न बरेलवी, न देवबंदी, और न ही अहले -ए-हदीस ।
✨बल्कि जो मिला वो तो ...
🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸
*अल्लाह ने पहले भी तुम्हारा नाम मुस्लिम रखा था और इस (क़ुरआन) में भी (तुम्हारा यही नाम है) ताकि रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तुम पर गवाह हों...।*
(सुर: हज 22/78)
🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸
✨ मैंने कोशिश की, के मुहम्मद ﷺ की सीरत (जीवनी) को पढ़कर अपने आपको किसी फ़िरके से जोडूं, मगर यहाँ भी मुझे नाकामी हुई।
✨ हर जगह सिवाय एक मुसलमान (मुस्लिम) के अपनी दूसरी पहचान न मिली।
✨
अगर *फ़िरके का कहीं ज़िक्र आया भी तो रद करने के अंदाज़ में,*एक गुनाह, एक तम्बीह की हैसियत से।
🔸 *सब मिल कर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से थाम लो और फिर्क़ों में मत बटो...।"*
(सुर: आले इमरान 3/103)
🔸
*"तुम उन लोगो की तरह न हो जाना जो फिरकों में बंट गए और खुली-खुली वाज़ेह हिदायात पाने के बाद इख़्तेलाफ़ में पड़ गए, इन्ही लोगों के लिए बड़ा अज़ाब है"*
(सुर:आले इमरान 3/105)
🔸
*"जिन लोगों ने अपने दीन को टुकड़े टुकड़े कर लिया और गिरोह-गिरोह बन गए, आपका (यानि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का) इनसे कोई ताल्लुक नहीं, इनका मामला अल्लाह के हवाले है, वही इन्हें बताएगा की इन्होंने क्या कुछ किया है...।"*
(सुर: अनआम 6/159)
✨ इन सब वाज़ेअ अहकामात के बावजूद *आज हम एक मुसलमान के अलावा सब कुछ हैं,*
✨ हम फ़िरक़ों में इतने बुरी तरह से फंस गए हैं के *हमारी शनाख़्त ही गुम हो गयी*
*"फिर इन्होंने खुद ही अपने दीन के टुकड़े-टुकड़े कर लिए, हर गिरोह जो कुछ इसके पास है इसी में मगन है...।"*
(सुर: मोमिनून 23/53)
✨हम हमारे आपसी इख़्तेलाफ़ को अल्लाह के हवाले क्यूँ नहीं करते ।क्यों खुद ही फैसला करने बैठ जाते हैं ..
*"तुम्हारे दरमियान जिस मामले में भी इख़्तेलाफ़ हो उसका फैसला करना अल्लाह का काम है..."*
(सुर: शूरा 42/10)
✨बल्कि हमें तो ये हुक्म दिया गया है कि-
🔸
*"बेशक सारे मुसलमान भाई भाई हैं, अपने भाइयों में सुलह व मिलाप करा दिया करो और अल्लाह से डरते रहो ताकि तुम पर रहम किया जाये...।"*
(सुर: हुजरात 49/10)
✨
अल्लाह हमे हक़ बात समझने की तोफीक अता फरमाये अमीन...
आपकी दुआओं का तालिब
Shamsher
NABI E KAREEM Sallallahu alaihi wasallam ne irshaad farmaya:
Apne musalman bhai ki musibat par khushi ka izhaar na karo, warna ALLAH TAALA us par Reham farmayega aur tumhe usme mubtala kardega.
(Jame Tirmizi,hadith no:402)
19/03/2016
Kisi ki burai ko Ujagar na kare.
05/03/2016
ALLAH PAAK hm sabhi ko NEQ rah pr chalne ki TAUFEEQ ata farmaye
26/10/2015
Insha Allah
11/03/2015
Share kriye
25/11/2014
Agar kisi se koi gunah ho jaye to wo foran neki ka kam kar liya kare. sabse badi neki Allah ke bando ko Allah ki taraf bulana hai. So please do it.
Hamre Nabi NE FARMAYA KI AHSAN YE HAI KI ALLAH KI IBADAT OR BANDGI TM IS TARHA KARO KI TUM ALLAH KO DEKH RAHE HO. OR AGAR TUM USKO NAHIN DEKHTE HO LEKIN WO TO TUM KO DEKH RAHA HAI