20/12/2025
**Atal Bihari Vajpayee: Remembering a Statesman at 100**
As India marks the birth centenary of Atal Bihari Vajpayee (1924–2018), the nation remembers a leader whose politics were guided by dialogue, dignity, and democratic values. A gifted orator and poet, Vajpayee brought grace to public life and believed that disagreement need not mean disrespect. Serving three terms as Prime Minister, he emphasized national security alongside reconciliation, famously reaching out for peace with Pakistan while strengthening India’s strategic capabilities. His leadership saw key infrastructure initiatives, including the Golden Quadrilateral, and a steady push for economic reforms. Beyond policies, Vajpayee is remembered for his humanity—his ability to listen, to build consensus, and to place the nation above party lines. A century after his birth, his legacy continues to inspire a politics rooted in wisdom, compassion, and constitutional faith.
*रिपोर्ट*
*अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर काव्य पाठ एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
*दिनांक:*20 दिसंबर 2025
**स्थान: दयानंद आर्य कन्या डिग्री कॉलेज
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में दयानंद आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में *अटल बिहारी वाजपेयी काव्य पाठ प्रतियोगिता* एवं *“सुशासन के महत्व”* विषय पर भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की *एनएसएस इकाइयों* तथा *क्रीड़ा एवं शारीरिक शिक्षा विभाग* के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या *प्रोफेसर सीमा रानी* द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात अटल बिहारी वाजपेयी जी के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी *डॉ. विदुषी यादव* एवं *डॉ. नीतू सिंह*की सक्रिय भूमिका रही, वहीं क्रीड़ा एवं शारीरिक शिक्षा विभाग से *श्रीमती अनीता फर्सवान*का विशेष सहयोग रहा।
काव्य पाठ प्रतियोगिता में छात्राओं ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं का भावपूर्ण एवं ओजस्वी पाठ कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं “सुशासन के महत्व” विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा लोकतंत्र में इसकी भूमिका पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिताओं में *आकृति राठौर* *आयुषी बहुखंडी* *खुशी पांडे* *काशी, नंदिनी, इल्मा, गरिमा, करीना, पूजा, सोनिया एवं नीलम** ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विशेष पहचान बनाई। कार्यक्रम में महाविद्यालय का **समस्त शिक्षण स्टाफ** भी उपस्थित रहा और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
निर्णायक गण में *प्रो रीना मित्तल, प्रो सुजाता कुमारी एवं प्रो अर्चना राठौर जी* की उत्कृष्ट भूमिका रही।
अपने संबोधन में प्राचार्या प्रोफेसर सीमा रानी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी एक महान राजनेता के साथ-साथ संवेदनशील कवि और दूरदर्शी विचारक थे, जिनके आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
13/12/2025
We are grateful to the media for their generous and professional coverage of our college Annual Function. Your efforts played a vital role in highlighting the enthusiasm, creativity, and unity of our campus.
The 12th of December marks the birth anniversary of our revered founder, Late Dayanand Gupt ji—a true visionary whose ideals continue to guide our institution. This Annual Function is a humble tribute to his enduring legacy and lifelong commitment to education and values.
12/12/2025
आज दिनांक 12.12.2025 को महाविद्यालय के संस्थापक श्रृद्धेय स्व• दयानंद गुप्त जी की स्मृति में 113 वीं जयंती को हर्षोंल्लास के साथ संस्थापक दिवस समारोह को वार्षिकोत्सव के रूप् में मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति व परंपरा की अद्भुत छटा देखने को मिली। सर्वप्रथम प्रो मनी बंसल के निर्देशन एनसीसी की छात्राओं पायलट सार्जेट लवी शर्मा एवं लकी शर्मा, हर्षिता धीमान परेड कमांडर के नेतृत्व में इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ‘प्रो सचिन महेश्वरी’ को ‘गार्ड आफ आनर’ दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात कवि महेश दिवाकर द्वारा रचित देशभक्तिमय सरस्वती वंदना की मनोहर प्रस्तुति काशी, मुस्कान, आयुषी, साक्षी तथा गौरी द्वारा दी गई। इसके बाद संस्थापक श्रद्धेय स्व. दयानंद गुप्त जी के तैलचित्र पर मुख्य अतिथि, महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष, प्रबंध समिति की आजीवन सदस्या, प्रबंध समिति के सचिव एवं महाविद्यालय की प्राचार्या द्वारा सम्मिलित रूप से माल्यार्पण कर उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित किया गया। तत्पश्चात इस समारोह में आए समस्त अतिथिगणों का अभिनंदन व स्वागत किया गया। कार्यक्रम की इस श्रृंखला को बढ़ाते हुए छात्राएँ करीना एवं शिवि त्यागी द्वारा स्वागत नृत्य ‘शुभ दिन आयों रे’ की भावमय प्रस्तुति दी गई। इस स्वागत नृत्य से वातावरण एकदम जीवंत हो गया। इसके बाद अपने स्वागत उद्बोधन में प्रबंध समिति के सचिव ‘मो• जुनेद एजाज’ ने स्व. दयानंद गुप्त जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला, जिससे छात्राएँ व उपस्थित जनों को उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का बोध हो और वे अपने विकास के लिए प्रेरित हो सकें। विदित है कि महाविद्यालय के संस्थापक श्रृद्धेय दयानंद गुप्त जी बहुमुखी प्रतिमा के धनी होने के साथ-साथ प्रतिभावान कवि भी थे। इसलिए उन्हीं के द्वारा रचित शीर्षक ‘जग का क्रम’ का सुमधुर गायन महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा किया गया। इस गीत के हदयस्पर्शी शब्दों ने उपस्थित गणमान्य को अभिभूत कर दिया। तत्पश्चात् कार्यक्रम की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय की प्रवक्ता डा नीतू सिंह के द्वारा मुख्य अतिथि का संक्षिप्त परिचय दिया गया। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं करिश्मा, सृष्टि, शालिनी, भूमि, दानिया, लकी, खुशी, गरिमा, निदा, के द्वारा राधा-कृष्ण नृत्य व महाभारत के गायन की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि महाविद्यालय का यह प्रागंण ब्रजधाम में परिणत हो गया। इस नृत्य के बाद कार्यक्रम की इस श्रृंखला को बढ़ाते हुए महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष उमाकांत गुप्त जी द्वारा रचित काव्य गीत का गायन छात्राओं काशी, मुस्कान, साक्षी, गौरी, सपना के द्वारा अद्भूत प्रस्तुति की गई। इस काव्य गीत में जीवन के दर्शन का मर्म का बहुत सुंदर पुट हैं। मार्मिक गायन की प्रस्तुति ने समा बांध दिया। तत्पश्चात् कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय की वार्षिक प्रगति आख्या महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो• सीमा रानी के द्वारा पढ़ा गया। तत्पश्चाात् महाविद्यालय की छात्राएँ वर्ष व खुशी गुप्ता द्वारा शिव स्तुति पर भावमय नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की इस श्रृंखला को बढ़ाते हुए छात्राओं के द्वारा पंजाबी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। जिसमें भारतीय संस्कृति, सौदर्य की सुन्दर छटा देखने को मिली। तत्पश्चात् प्रबंधक महोदय उमाकांत गुप्त जी के द्वारा इस वर्ष सेवानिवृत होने वाली प्रवक्ता प्रो. संतोष सिंह (समाजशास्त्र) को शाॅल व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यालय के आधार स्तम्भ श्री मनोज अग्रवाल को शाॅल व स्मृति चिह्न भेंट किया गया। चतुर्थ कर्मचारी गण मे ंक्रमशः श्रीमती संतोष, श्रीमती सुशीला व श्री हरस्वरूप सागर को भी शाॅल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्राओं को पुरस्कार, मेडल देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात् इस समारोह की मुख्य अतिथि प्रो. सचिन महेश्वरी का उद्बोधन हुआ। अपने उद्बोधन में सर्वप्रथम महाविद्यालय के संस्थापक को याद किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि महोदय को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। अब कार्यक्रम की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए हमारी भारतीय संस्कृति के बहुरंगी चित्रों, धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देते हुए अमीर खुसरों द्वारा रचित ‘छाप तिलक’ पर सुंदर कव्वाली नृत्य कर आयोजन किया गया। जिसमें बी.एड. की छात्राओं ने मनोहर प्रस्तुति दी। इसके बाद अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रबंधक महोदय उमाकांत गुप्त जी ने सभी कार्यक्रम की भूरि-भूरि सराहना करते हुए सांस्कृतिक समिति के आयोजन के लिए समस्त समिति की प्रशंसा की। साथ ही रहा कि मेरे पिता एकद दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। उन्होने कई स्कूल, काॅलेज की स्थापना की। इस महिला महाविद्यालय की स्थापना के पीछे उनका उद्देश्य स्त्री सशक्तिकरण का था। सभी छात्राओं को शुभकामनाएँ देने के साथ-साथ समस्त अतिथियों को धन्यवाद दिया।
इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य, अतिथिगण, प्रबंध समिति के अन्य सम्मानित सदस्यगण, समस्त प्रवक्ता वर्ग, शिक्षणेत्तर, कर्मचारीगण, विभिन्न संस्थाओं से आए प्रमुख अतिथिगण, विभिन्न समाचार पत्रों के प्रेस व मीडिया के प्रतिनिधि भारी संख्या में महाविद्यालय की छात्राएँ उपस्थित रहीं।
प्राचार्या प्रो. सीमा रानी ने महाविद्यालय परिवार की ओंर से कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यों व इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वालों का आभार अभिव्यक्त किया। उन्होने कहा कि हमारे महाविद्यालय का उत्तरोत्तर विकास हो रहा और भविष्य में भी राष्ट्र के उन्नति में अपना योगदान देता रहेगा।
इस कार्यक्रम का संयोजन संयोजिका प्रो. मनि बंसल व संचालन प्रो. अर्चना राठौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम
समिति की मेंटोर प्रो. सुजाता कुमारी, प्रो. अर्चना राठौर, प्रो.ऋतु दीक्षित के निर्देशन में किया गया। जिसमे
सांस्कृतिक समिति की सदस्याओं प्रो. संतोष सिंह, डा नीतू सिंह, डा श्रुति जायसवाल, डा नेमिका,
श्रीमती स्नेहा कुमारी, डा अनुराधा सिंह, डा अभिलाषा वाजपेयी, डा कंचन सिंह का सक्रिय सहयोग रहा।
श्रीमती रूचि व श्रीमती सरिता जी के निर्देशन में मंच के सम्मुख सुंदर सी रंगोली का चित्रण किया गया। एनसीसी, एनएसएस, रेंजर्स की छात्राओं ने सक्रिय सहयोग किया संगीत संयोजन में श्री आदर्श भटनागर व नृत्य निर्देशन सुरप्रीत सिंह द्वारा किया गया।