09/12/2023
बुद्ध ने कहा है कि क्रोध करने से बड़ा और कोई मुढ़ता (मूर्खता) नहीं
दूसरे के कसूर को अपने को दंड देना इससे बड़ी और क्या मुढ़ता होगी
किसी ने गाली दी तुम क्रोधित हो गए गाली तो उसने दी और क्रोधित तुम हो गए अंगारे तुमने अपनी छाती में भभका लिए लपटें तुमने लगा ली, कसूर उसका दंड अपने को दे रहे हो, इससे बड़ी मुढ़ता और क्या होगी...
इसलिए कोई क्या बोल रहा है हमारे बारे में इसपर ध्यान मत दीजिए आगे बढ़िए बाकी...
जय श्री राम🙏🙏🙏
शुभम् पाण्डेय