02/02/2020
एसएमई बैंकिंग
* अगर आप भी कॉर्पोरेट सेक्टर में अपने करियर को नया आयाम देना चाहते हैं, तो एसएमई बैंकर के रूप में करियर का आगाज कर सकते हैं
* अब सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा जैसे कुछ प्रफेशनल कोर्स भी प्रचलन में आ गए हैं
* यह कोर्स प्राइवेट बैंकों के एसएमई सेक्टर में करियर की राह आसान तो करता ही है और साथ ही रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया का शुरू किया गया ट्रेडएक्स में भी आप आवेदन कर सकते हैं
* एसएमई बैंकिंग यानी स्माल एंड मीडियम इंटरप्रायसेस बैंकिंग
* यह बैंकिंग सेक्टर उन व्यापारियों के लिए काम करता है या उन्हें लोन अथवा फंडिंग देता है जो देश या विदेश में छोटा या मध्यम व्यवसाय चला रहे हैं या शुरू करने की सोच रहे हैं
* एसएमई जनरल बिज़नेस फाइनैंस मार्केट के मुख्य कार्यों का प्रतिनिधितिव भी करता है
* आपको बता दे कि भारत देश में लगभग 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज काम कर रही है जिन्होंने 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्रदान किया है
* एक सर्वे के दौरान यह भी पता चला है कि एसएमई भारत की जीडीपी में 10% का योगदान भी देती है ऐसे में करियर में आगे बढ़ने की संभावना भरपूर है
* इस फील्ड से जुड़े एक्सपर्ट्स कहते हैं कि एक एसएमई बैंकर का मुख्य काम फंडिंग या लोन के लिए आए लोगों की बेहतर तरीके से जांच करना है सबकुछ सही होने पर उन्ही लोगों को फंडिंग कराना होता है
* भारत में चल रहे है सरकारी बैंकों के साथ-साथ ज्यादातर प्राइवेट बैंकों ने भी एसएमई के लिए अलग-अलग तरह का प्लेटफार्म तैयार किया है, ताकि छोटे और मध्यम वर्ग के व्यवसायों को इसका भरपूर लाभ मिल सके जैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया का ट्रेडएक्स, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का एसएमई कनेक्ट, मुद्रा फाइनैंस, एचडीएफसी एसएमई बैंकिंग आदि
* एक़ुईटास बैंक जैसे कई और स्मॉल फाइनैंस बैंक भी देश में खुल गए हैं जो ख़ासा रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं
* बैंकिंग सेक्टर में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स इस फील्ड में एक नए करियर की शुरुआत आसानी से कर सकते हैं
* स्नातक और किसी भी स्ट्रीम से अंतिम वर्ष के छात्र बैंकिंग और फाइनैंस के इस कोर्स में आवेदन कर सकते हैं
* शुरुआत में आपको करीब 20 हजार से 30 हजार रुपये प्रति माह सैलरी मिल सकती है
* अनुभव बढ़ने के साथ-साथ आपकी सैलरी डेढ़ से दो लाख रुपये प्रतिमाह हो सकती है
* प्रमुख संस्थान
> इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
> मनिपाल यूनिवर्सिटी, कर्नाटक
> टीकेडब्ल्यूएस इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनैंस, नई दिल्ली
> सिम्बायोसिस इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी, मुंबई
30/01/2020
आइसक्रीम टेस्टर (करियर)
* आज की पीढ़ी अपने मन का काम करने पर काफी जोर देती है ऐसा काम जिसमें पैसे भी हों और मजा भी आए जैसे कि आइस्क्रीम टेस्टर की जॉब
* आइसक्रीम टेस्टर को टेस्टमास्टर्स या फूड साइंटिस्ट या सेंसरी एनालिस्ट या फिर फ्लेवरोलॉजिस्ट्स के नाम से भी जाना जाता है
* उन्हें रोजाना कुछ सैंपल्स चेक करने होते हैं
* टेक्सचर, कलर, स्मेल एवं अन्य मापदंडों पर हर फ्लेवर की क्वालिटी का मूल्यांकन करना होता है
* इन्हें आइसक्रीम के नए फ्लेवर्स एवं प्रोडक्ट्स भी तैयार करने पड़ सकते हैं इसलिए जिन्हें आइसक्रीम से लगाव व प्रेम है, वे इस काम के लिए बेहद मुफीद साबित हो सकते हैं
* इसे पार्टटाइम करना चाहें, तो वह भी कर सकते हैं
* इस क्षेत्र में सफलता की कुंजी है आपका टेस्ट। इसके अलावा जितने कल्पनाशील होंगे, उतना अच्छा।
* इससे आप नए-नए टेस्ट के फ्लेवर को इंवेंट करने में मदद कर सकेंगे इतना ही नहीं, आपमें धैर्य भी होना चाहिए क्योंकि कई बार एक आइसक्रीम टेस्टर को दिन में कई-कई प्रकार की आइसक्रीम चखनी पड़ती है
* कई बार टेस्ट खराब हो सकता है ऐसे में आपका धैर्यशील होना बेहद जरूरी है
* यह क्षेत्र उतना आसान नहीं है, जितना सुनने में लगता है आइसक्रीम कई बार चखने के कारण आपके वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है या तबियत खराब हो सकती है इसके लिए उचित परहेज एवं एहतियात जरूरी है
* इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए अलग से आइसक्रीम टेस्टर का कोर्स तो फिलहाल उपलब्ध नहीं है लेकिन 12वीं के बाद फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बैचलर डिग्री प्राप्त कर इसमें आ सकते हैं
* किसी फूड टेस्टिंग सर्वे या कॉम्पिटिशन में भाग लेना फायदेमंद हो सकता है
* किसी बड़ी आइसक्रीम निर्माता कंपनी में इंटर्नशिप करके खुद को इस फील्ड के लिए तैयार कर सकते हैं
* एक आइसक्रीम टेस्टर को शुरुआत में 30 से 50 हजार महीने आसानी से मिल जाते हैं अनुभव बढ़ने के साथ आमदनी लाखों में हो सकती है
* संभावनाओं की बात करें, तो आज देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी एक प्रोफेशनल आइसक्रीम टेस्टर की अच्छी डिमांड है
* कई प्रतिष्ठित आइसक्रीम निर्माता कंपनियां इस तरह के मौके दे रही हैं
* कई होटल व फूड चेन भी खुद को स्थापित करने के लिए अपनी खुद की आइसक्रीम बनाती हैं वहां भी काम की संभावनाएं हैं
23/01/2020
आयुर्वेद सेक्टर (करियर)
* ‘आयुर्वेद’ संस्कृत भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘आयुर’ अर्थात ‘जीवन’ और ‘वेद’ अर्थात ‘ज्ञान’
* वास्तव में, जीवन का ज्ञान ही आयुर्वेद है जिसके माध्यम से मानव शरीर की सभी बीमारियों से रक्षा की जाती है ताकि मनुष्य लंबी आयु तक हेल्दी रहे
* आयुर्वेद भारत की प्राचीन उपचार पद्धति है जिसमें मानव शरीर और मन के बीच ट्रीटमेंट के अनेक तरीकों के माध्यम से संतुलन कायम रखा जाता है
* आयुवेद में विभिन्न जड़ी-बूटियों से मेडिसिन्स तैयार की जाती है
* पूरी दुनिया के लोग आजकल पुरानी और असाध्य बीमारियों के इलाज के लिए आयुर्वेद पर भरोसा कर रहे हैं इसलिए इसमें करियर की ज्यादा संभावना है
* हमारे देश में इस फील्ड में अपना करियर शुरू करने के लिए कैंडिडेट्स या जॉब सीकर्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास प्रेफरेबली साइंस स्ट्रीम से पास की हो
* आयुर्वेद की फील्ड में किसी अच्छी जॉब को हासिल करने के लिए आयुर्वेद में डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट कोर्सेज, पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज और डॉक्टोरल डिग्री कोर्सेज जैसे कि, MPhil और/ या PHD की डिग्री हासिल की हो
* आप अपनी रूचि और जरूरत के मुताबिक आयुर्वेद में फुल टाइम/ पार्ट टाइम डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्सेज भी कर सकते हैं
* प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स/ करियर ऑप्शन्स
> आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर
> डायरेक्टर – आयुर्वेद
> प्रोफेसर/ एसोसिएट प्रोफेसर/ असिस्टेंट प्रोफेसर
> साइंटिस्ट
> डिप्टी डायरेक्टर – आयुर्वेद
> असिस्टेंट डायरेक्टर – आयुर्वेद
रिसर्च ऑफिसर/ असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर
> पंचकर्म सेंटर्स में सुपरवाइज़र्स
> आयुर्वेद फिजिशियन
> आयुर्वेद कंसलटेंट
> फार्मासिस्ट
> थेरेपिस्ट/ मसाज थेरेपिस्ट
> नर्स/ मिडवाइफ
> पब्लिकेशन ऑफिसर – आयुर्वेद
* हमारे देश में आयुर्वेद की किसी भी फील्ड में गवर्नमेंट सेक्टर में कंसलटेंट के तौर पर अपनी प्रैक्टिस शुरू करने पर किसी भी व्यक्ति को 25 हजार – 30 हजार रुपये मासिक मिलते हैं
* भारत सरकार आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर्स को भी रिक्रूट करती है जिन्हें पे स्केल 15,600 – 39,100 रुपये के साथ 5400 रुपये ग्रेड पे मिलती है
* प्राइवेट सेक्टर में किसी भी आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर के टैलेंट, वर्क एक्सपीरियंस और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के मुताबिक सैलरी पैकेज दिया जाता है
* प्रमुख संस्थान
> राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान गुजरात
> बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी वाराणसी
> श्री धनवंतरी कॉलेज चंडीगढ़
22/01/2020
फाइनेंसियल एडवाइजर
* वित्तीय मामलों में ज्यादातर आंकड़ों का खेल होता है इसलिए एक अच्छा फाइनेंसियल एडवाइजर बनाने के लिए जरूरी है कि आपको फाइनेंस की भाषा की अच्छी समझ हो
* एक अच्छा फाइनेंसियल एडवाइजर वह होता है जो अपने ग्राहकों को अच्छी सर्विस वित्तीय राय और सही तरह से गाइड कर सके
* ये कई तरह की सर्विस देते हैं जैसे कि इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट इनकम टैक्स प्रिपरेशन और एस्टेट प्लानिंग
* फाइनेंसियल एडवाइजर को फाइनेंशियल प्लानर भी कहा जाता है
* फाइनेंस के सेक्टर में हो रहे विकास के कारण इस क्षेत्र में करियर की काफी बेहतर संभावनाएं है
* अपने ग्राहकों की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए उपयोगी सलाह देने का काम फाइनेंशियल एडवाइजर करते हैं
* ये अपने ग्राहकों को निवेश बीमा बचत योजनाओं कर्ज आदि के बारे में भी सलाह देते है
* इन्हें यह भी सुनिश्चित करना होता है कि ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा और कम से कम नुकसान हो
* अधिकांश कंपनियां बिजनेस व फाइनेंस से संबंधित विषय पर कम से कम स्नातक की डिग्री मांगती है
* इस क्षेत्र में प्रमुख योग्यताएं ये है अच्छी कम्युनिकेशन स्किल जटिल जानकारियों का आसान तथा सरल भाषा में समझाने की कला तथा सेल्स और लेनदेन संबंधी योग्यता
* पहले केवल कॉमर्स के छात्र ही इस क्षेत्र में करियर बनाते थे लेकिन अब बीएससी (मैथ बायो) b.a. बीबीए और बीटेक के छात्र भी एडमिशन ले सकते हैं
* इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आप चाहे तो एमबीए इन फाइनेंस, एमएस इन फाइनेंस, मास्टर डिग्री इन फाइनेंशियल इंजीनियरिंग, पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस, एडवांस डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस, मास्टर्स इन कमोडिटी एक्सचेंज आदि जैसे कोर्स कर सकते हैं
* फाइनेंसियल एडवाइजर किसी कंपनी में अकाउंटेंट, ऑडिटर, इकोनॉमिस्ट, इंश्योरेंस सेल्स एजेंट, इंश्योरेंस अंडरराइटर, लोन ऑफिसर, पर्सनल फाइनेंशियल एडवाइजर, टैक्स इंस्पेक्टर, रेवेन्यु एजेंट आदि के तौर पर काम कर सकते हैं
* फाइनेंस में ग्रेजुएशन करने के बाद आप किसी बिजनेस अखबार पत्रिका आदि में संवाददाता और वित्तीय विश्लेषक के रूप में काम कर सकते हैं
* बैंक इंश्योरेंस और ट्रेडिंग कंपनियां अपने वित्तीय उत्पादों लिए फाइनेंसियल एडवाइजर नियुक्ति करती है
* विदेशों में भी फाइनेंशियल एडवाइजर्स की मांग काफी ज्यादा है
* फाइनेंसियल एडवाइजर के तौर पर करियर की शुरुआत करने पर ज्यादातर कंपनियां सैलरी के साथ-साथ कमीशन भी देती है
* शुरुआती दौर में सैलरी 20000 से ₹30000 प्रति माह तथा अनुभवी प्रोफेशनल्स की सैलरी 100000 से ₹200000 प्रति माह तक हो सकती है
* प्रमुख संस्थान
> डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंसियल स्टडीज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
> टीकेडब्ल्यूएस इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग एंड फाइनेंस नई दिल्ली
> द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट ऑफ इंडिया, हैदराबाद
> इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंसियल मैनेजमेंट एंड रिसर्च, चेन्नई
17/01/2020
फैशन कम्युनिकेशन
* फैशन इंडस्ट्री में आज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के बीच जिस तरह की प्रतिस्पर्धा है उसमें हर कोई अपना यूनिक ब्रांड क्रिएट करना और मार्केट में ज्यादा से ज्यादा दिखाई देना चाहता है
* एक ब्रांड कितना यूनिक है उसी से उसकी पहचान बनती है और वह कामयाबी होता है
* फैशन पब्लिकेशन के एक्सपोर्ट एक प्रतिनिधि के तौर पर किसी भी ब्रांड कंपनी या व्यक्ति को दुनिया के सामने पेश करते हैं
* जिन लोगों के अंदर फैशन सेंस और डिजाइन का एटीट्यूड है और वे जानते हो कि प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल वेब और ऑडियो विजुअल मीडिया में कैसे फैशन के ट्रेड्स को प्रमोट किया जाए उनके लिए फैशन कम्युनिकेशन क्षेत्र को एक्सप्लोर करना अच्छा रहेगा
* फैशन इंडस्ट्री में अब तक विजुअल मर्चेंडाइजिंग, स्टाइलिंग एंड ग्राफिक डिजाइनिंग, डिस्प्ले, एग्जीबिट डिजाइनिंग, एडवर्टाइजिंग, पब्लिक रिलेशन स्ट्रेटजी और फैशन संबंधित क्रिएटिव राइटिंग जैसे माध्यम से प्रवेश लिया जाता है अब इसमें फैशन कम्युनिकेशन भी शामिल हो गया है
* इसमें करियर ओरिएंटेड युवाओं के लिए काफी संभावनाएं हैं खासकर जब भारत में फैशन और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री बूम कर रही हो तो फैशन जर्नलिस्ट्स की मांग होना लाजमी है
* अखबार मैगजीन ब्लॉक के अलावा लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट चैनल में अच्छे मौके हैं
* युवा प्रोफेशनल्स चाहे तो पब्लिक रिलेशन, फैशन एडवर्टाइजिंग, स्टाइल कंसल्टेंसी, इवेंट मैनेजमेंट, कैटवॉक शोज, गैलरीज के अलावा विजुअल इमेजरी, टेक्स्ट, इंफॉर्मेशन और एक्सपेरिमेंटल डिजाइन के सेक्टर में भी आगे बढ़ सकते हैं
* किसी स्टूडेंट को फैशन कम्युनिकेशन में स्नातक करना है तो उसे 50% अंकों के साथ हायर सेकेंडरी उत्तर करना जरूरी है
* अगर कोई पांच विषयों के साथ नेशनल ओपन स्कूल से सीनियर सेकेंडरी स्कूल एग्जामिनेशन पास करता है तो वह भी ग्रेजुएशन में नामांकन करा सकता है
* कई कॉलेज बीएससी प्रोग्राम के लिए एक निश्चित पैटर्न अडॉप्ट करते हैं यह एक तरह का स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम है जिसमें स्टूडेंट को कम्युनिकेशन स्किल डेवलप करने की ट्रेनिंग दी जाती है
* स्टूडेंट चाहे तो ग्राफिक डिजाइन स्टाइलिंग एवं फोटोग्राफी फैशन जनरलिज्म आदि में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं
* फैशन कम्युनिकेशन प्रोग्राम के तहत स्टूडेंट को फैशन बिजनेस डिजाइन के बेसिक्स फैशन स्टाइलिंग और पोर्टफोलियो डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है
* जिन प्रोफेशनल्स को इंडस्ट्री के सामने आने वाली चुनौतियों का ठोस समाधान पता है जिन्हें डिजाइन स्ट्रेटजी बनाने आती है वे फैशन कम्युनिकेशन का कोर्स कर नाम और पहचान दोनों कमा सकते हैं
* फैशन कम्युनिकेशन कोर्स करने और फैशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम शुरू करने से सलाह ढाई से तीन रुपए का पैकेज आसानी से मिल सकता है
* प्रमुख संस्थान
> नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी दिल्ली
> नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद
> सिंबायोसिस स्कूल ऑफ डिजाइन पुणे
> पर्ल एकेडमी दिल्ली
11/01/2020
तैयारी परीक्षा की
* “परीक्षा”…. यह शब्द सुनते ही कई विद्यार्थियों में एक सनसनी फैल जाती है लेकिन यहां हम कुछ ऐसी जानकारियां प्रस्तुत कर रहे हैं जो विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में मददगार हो सकते हैं
* कैसे अपने परीक्षा प्रस्तुति में बेहतर परिणाम करें
> अपने किताब की हर विषयों को अच्छी तरह समझें पढ़ने के वक़्त और यदि समझ में न आये तो अपनी doubt उसी समय जरूर क्लियर करें
> अपने विषयों का लगातार अभ्यास करें
> हर दिन, प्रत्येक 7 दिनों, 15 दिनों, 30 दिनों में अभ्यास परीक्षा दो
> कम से कम 2 पूर्ण परीक्षा Course की समाप्ति में देनी चाहिए
> जब भी कोई महत्वपूर्ण जानकारी दिख जाये तो उसे underline करना न भूलें और उसे अपने Note Book में लिख रखें
> अपनी Note Book को समय समय पर Update करना न भूलें ऐसा करने से आप को आखिर में Revision करने में आसानी होगी
* पढ़ाई के लिए घंटों जबरदस्ती बैठने की बजाय एक बार में उतनी ही देर पढ़ने बैठे जितनी देर आप मन लगाकर पढ़ सकते हो
* सुबह के समय कुछ देर औसतन 30 मिनट व्यायाम योगा प्राणायाम करने से आप पूरे दिन तनावमुक्त और प्रसन्न रहेंगे इससे पढ़ाई पर ध्यान एकाग्र कर सकेंगे
* बीच-बीच में ब्रेक लेकर घूमे टहले, पसंद का आउटडोर खेल खेले, कुछ देर टीवी भी देख सकते हैं, घर वालों दोस्तों से बातचीत करके भी खुद को अच्छा महसूस करा सकते हैं
* अंको की परवाह करने की बजाय स्वाभाविक रूप से पढ़ाई का लुफ्त उठाएंगे तो आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे
* परीक्षा का यह मतलब नहीं कि आप नींद और भूख प्यास भूलकर पढ़ाई में ही लगे रहे इस दौरान तो आपको और ज्यादा तरोताजा रहने की जरूरत होती है
* बेहतर होगा कि देर रात तक जाग कर पढ़ने की बजाय सुबह जल्दी उठकर पढ़े इसके लिए रात को जल्दी सो जाएं
* एक बार में 2 घंटे से ज्यादा ना बैठे आधे आधे घंटे का ब्रेक आपको फिर से तरोताजा बना सकता है पानी खूब पिए
* तैयारी के दौरान टीचर्स और दोस्तों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप पर पढ़ाई संबंधित अपनी मुश्किलें साझा करें उनसे सहयोग ले और जहां दोस्तों को मदद की जरूरत हो आगे बढ़ कर उनकी सहायता भी करें
* अभिभावकों को चाहिए कि घर का माहौल सहज रखे बच्चे पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहिए बल्कि उसे प्रेरित प्रोत्साहित करते रहे
02/01/2020
फॉरेन लैंग्वेज
* आज के समय में विदेशी भाषाओं के जानकारों की मांग तेजी से बढ़ी है वैश्वीकरण के दौर में पर्यटन अनुवाद और संपादन कार्य लोगों को काम का अवसर दे रहा है
* कॉल सेंटर हो या विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया या फिर टूर गाइड विदेशी भाषा के जानकारों के लिए अब काम की कमी नहीं है
* कोई भी फॉरेन लैंग्वेज करने के लिए 12वीं उत्तरीर्ण करना जरूरी है इसके बाद युवा सर्टिफिकेट से लेकर डिप्लोमा कोर्सेज से विदेशी भाषाएं सीख सकते हैं
* फ्रेंच जर्मन स्पेनिश और चाइनीज इन सभी विदेशी भाषाओं में करियर के बहुत से अवसर हैं
* किसी भी भाषा का पुख्ता ज्ञान आपकी सफलता में सहायक होता है विदेशी भाषा में करियर बनाने के लिए वह लोग ही आगे आते हैं जो भाषा पर अच्छी पकड़ रखते हैं
* इसके कैंडिडेट में बेहतर संवाद क्षमता होनी जरूरी है
* अगर आप अनुवादक बनना चाहते हैं तो विदेशी भाषा के साथ साथ अंग्रेजी या हिंदी पर भी पकड़ होनी चाहिए
* जिस विदेशी भाषा को सीख रहे हैं उसका व्याकरण वाक्य संरचना और उससे जुड़ी संस्कृति व इतिहास की जानकारी होना फायदा होगा
* टूर एंड ट्रैवल कंपनियों टूरिज्म डिपार्टमेंट होटल्स रिजॉर्ट्स के अलावा सूचना तकनीक के केंद्र बेंगलुरु हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में विदेशी भाषा के जानकार युवाओं की काफी मांग है
* आप विदेशी सैलानियों के गाइड बन सकते हैं या दूतावासों में विदेशी भाषा के विशेषज्ञ के तौर पर जुड़ सकते हैं
* आज स्कूल कॉलेजों में अध्यापन के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी भाषा के शिक्षकों की मांग है
* बीपीओ या कॉल सेंटर में भी विदेशी भाषाओं के जानकार रखे जा रहे हैं
* विदेशी पत्र-पत्रिकाओं या चैनलों से संबंधित भाषाओं के जानकार को विदेश संवाददाता के रूप में नियुक्त किया जा रहा है
* अनुवादक बनने पर शुरुआती वेतन 30 से ₹40000 होता है आगे चलकर वरिष्ठता और अनुभव के क्रम में यह बढ़ता जाता है
* विदेशी कंपनियों के साथ काम करने पर लोगों को प्रतिमाह लाखों रुपए मिलते हैं
* निजी व्यवसाय के रूप में साहित्य या अन्य सामग्रियां अनुवाद करने पर प्रति माह एक लाख से ₹200000 तक कमा सकते हैं
* प्रमुख शिक्षा संस्थान
> जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली
> रविंद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय कोलकाता
> हैदराबाद विश्वविद्यालय हैदराबाद
> लैग्मा स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज दिल्ली
> बेंगलोर विश्वविद्यालय बेंगलुरु
23/12/2019
डिजाइनिंग (करियर)
* फैशन पसंद ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्किल्ड डिजाइनर्स की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है
* क्वालिटी के साथ-साथ प्रोडक्ट की सुंदरता पर खास ध्यान दिया जाने से हाल के वर्षों में यह फील्ड चमकीले करियर विकल्प के रूप में भी उभरकर सामने आया है, जहां डिजाइनर्स के लिए आकर्षक संभावनाएं हैं
* अगर तकनीक में आपका रुझान है और क्रिएटिव भी हैं, तो डिजाइनिंग में अपना करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं...
* भौतिक और डिजिटल दुनिया के बीच डिजाइन का क्षेत्र एक नए ट्रेंड के रूप में उभरकर सामने आया है
* यह उनके लिए महत्वपूर्ण है, जो नया और हटकर सोचने और करने के इच्छुक होते हैं
* दरअसल, हमारे जीवन के लगभग सभी महत्वपूर्ण पहलुओं जिसमें हमारे कपड़ों से लेकर कारें एवं उत्पाद जिनका हम इस्तेमाल करते हैं, एप्स और वेबसाइट जिनसे हम रूबरू होते हैं, मकान और जगहें जहां हम समय बिताते हैं और कंटेंट जिन्हें हम देखते और पढ़ते हैं, ये सभी डिजाइन से प्रभावित हो रहे हैं
* साथ ही, इनोवेशन आधारित डिजाइन लोगों में समस्या हल करने की क्षमता विकसित करता है, उन्हें आधुनिक दुनिया के परिदृश्य में जवाब तलाशने में मदद करता है
* आज के इस प्रतिस्पर्धी बाजार में जहां उत्पाद, प्रणाली और सेवाएं लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में लगी हैं, ऐसे में डिजाइन लोगों का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रभावी तरीका है
* डिजाइन यह निर्धारित करता है कि कैसे अंतिम यूजर्स एक कंपनी के अनूठे विचारों को समझता और उसे ग्रहण करता है इसलिए आज भारत और विदेश में डिजाइन से संबंधित पाठ्यक्रम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं
* यह फील्ड जबर्दस्त संभावनाओं के साथ युवा पीढ़ी को असीम अवसर भी देता है जिससे वे अपने सौंदर्य बोध और कुशलता के बल पर आकाश छू सकते हैं
* भारत में डिजाइन को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है एक आंकड़े के अनुसार, वर्ष 2021 तक भारत का डिजाइन उद्योग 200 अरब डॉलर के पार पहुंच जाने की संभावना है, जिसमें डिजाइन के विभिन्न क्षेत्र में प्रतिवर्ष 60 हजार से अधिक योग्य डिजाइनर्स की जरूरत पड़ेगी, जबकि इसके उलट अपने देश में वर्तमान समय में 7 हजार के लगभग ही प्रशिक्षित डिजाइनर हैं और करीब 5 हजार विद्यार्थी डिजाइन की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं
* डिजाइनर्स के लिए विभिन्न उद्योगों में कई तरह के प्रोफेशन हैं, जहां चीफ डिजाइन ऑफिसर, चीफ क्रिएटिव ऑफिसर, मल्टीमीडिया आर्ट एवं एनिमेटर्स, ऑगमेंटेड रियल्टी डिजाइनर, ट्रांसपोर्ट डिजाइनर, वीडियो गेम डिजाइनर या फैशन डिजाइनर के रूप में जॉब पा सकते हैं
* आजकल टिकाऊ कारोबारी वृद्धि के लिए डिजाइन का महत्व पहले से कहीं अधिक महसूस किया जा रहा है यही वजह है कि विभिन्न क्षेत्रों में करियर के दिलचस्प विकल्प भी उभरकर सामने आए हैं जैसे कि परिवहन डिजाइन, उत्पाद डिजाइन, एनिमेशन, एआर-वीआर-एमआर डिजाइन, एप डिजाइन, रिटेल डिजाइन, म्यूजियम डिजाइन, समकालीन कला, फैशन मार्केटिंग और फैशन डिजाइन इत्यादि
21/12/2019
कूल (Cool)
* होठों पर सदा मुस्कान भावनाओं पर कमाल की पकड़ और सबके फेवरेट यही होती है कूल शख्सियत की छवि
* क्रिकेट की दुनिया के बादशाह पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कैप्टन कूल के नाम से मशहूर है
* बेशक महेंद्र सिंह धोनी चैंपियन है पर सभी लोगों में यह गुण होता है थोड़े प्रयास थोड़ी इच्छाशक्ति से आप भी सुपरकूल बन सकते हैं और कामयाबी के शिखर की ओर बढ़ सकते हैं
* आप बातचीत के क्रम में कूल टर्म का प्रयोग जरूर करते होंगे जैसे मेरी बहन काफी कूल है मेरा भाई मस्त रहता है एकदम कूल
* दोस्तों में कोई न कोई एक कूल दोस्त जरूर होता है जिसका हर कोई मुरीद होता है
* कूल रहने वालों को खुद पर भरोसा होता है पहले वे खुद समस्या को सुलझाने का प्रयास करते हैं फिर मदद मांगते हैं
* कूल लोग सबकी इज्जत करते हैं उन्हें पता होता है कि ऐसे ही मिल सकता है उन्हें भी सम्मान
* ये लोग जो है वही रहते हैं दूसरों की नकल नहीं करते इसके अलावा फिजूल की बात से बचते हैं
* कैसे बने कूल
> अपने कौशल को निखारने का हर संभव प्रयास करें
> नई नई चीजों को सीखें
> खुद को बेहतर ढंग से व्यक्त करने का अभ्यास करें
> अपने विचार भावनाओं पसंद नापसंद के साथ-साथ लक्ष्य असफलताओं सफलताओं को डायरी में लिखे और उन पर मनन करें
> आतुरता अधीरता आपकी छवि को हल्का बनाती है इन्हें दूर करने का अभ्यास करना चाहिए
> अपने विचार दूसरों पर थोपने की कोशिश ना करें पहले दूसरों को अच्छी तरह से सुने और फिर अपना जवाब रखें
> चाहे सोशल मीडिया हो या समूह जब जहां आवश्यक हो तभी टिप्पणी करें त्वरित प्रतिक्रिया से बचें
> मजाकिया स्वभाव होना अच्छा है पर आपको अपनी सीमाएं पता हो। जिन्हें मजाक पसंद नहीं उनसे न करें
> छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ाना या नाराज होना कूल होने की निशानी नहीं है
> अपनी फिटनेस का खास ध्यान रखें नियमित व्यायाम करें हेल्दी खाएं
> सक्रिय रहे। घर में रहने की बजाय जितना बाहर निकलेंगे आप उतना ही ज्यादा लोगों से मिलजुल सकेंगे
20/12/2019
ग्रामीण हेल्थ केयर वर्कर
* ग्रामीण हेल्थ केयर वर्कर एक मध्यस्तरीय स्वास्थ्य कर्मचारी होते हैं जो सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का निदान और इलाज करने के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं
* यह लोग किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रारंभिक प्रबंधन यानी शुरुआती इलाज उपलब्ध कराते हैं और गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाते हैं
* ग्रामीण हेल्थ केयर वर्कर की प्राथमिक जिम्मेदारियों में मामूली बीमारियों का इलाज बुजुर्ग लोगों की देखभाल गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल शामिल होते हैं
* वह परिवार नियोजन सेवाओं स्वच्छता के लिए जागरूकता फैलाना और स्वच्छता को बढ़ावा देना संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग स्वास्थ्य शिक्षा गतिविधियों का प्रदर्शन आंकड़े इकट्ठा करना रिकॉर्ड रखना इनका काम होता है
* वे ग्रामीण समुदाय के सदस्यों के साथ काम में हाथ बंटाते हैं और मेडिकल प्रोफेशनल्स व शिक्षकों के लिए डाटा एकत्र करने से लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पूरा करने में भी मदद करते हैं
* ये लोग ग्रामीण समुदाय के साथ मिलकर गांव में स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता पर चर्चाएं करते हैं अथवा उन्हें आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग देते हैं और डेंगू मलेरिया जैसे रोगों से बचने के लिए उपाय बताते हैं
* इसमें करियर वही बना सकते हैं जिसमें सेवा भाव का जज्बा हो जिसके मन में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालने का सपना हो और शहरों से दूर ग्रामीण इलाकों में रहने में कोई परेशानी ना हो
* इसमें करियर बनाने के लिए अभ्यर्थी को किसी भी संकाय से व मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है
* रूरल हेल्थ केयर में 1 वर्ष या 2 वर्ष का डिप्लोमा लेकर इस फील्ड में एक्सपर्ट बन सकते हैं और इस फील्ड से जुड़े हर कार्य को प्रैक्टिकली जान व समझ सकते हैं
* कोर्स के दौरान उन्हें ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन स्थिति या किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में किस तरह समुचित मेडिकल सुविधाओं का प्रबंधन कराया जाए इस बारे में बताया जाता है
* इन्हें मरीजों की सेवा के बारे में भी समुचित सीख दी जाती है इसमें यह भी बताया जाता है कि किन अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करके जागरूकता के संदेश लोगों तक पहुंचाया जाए
* किसी परेशानी के समय गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल कैसे की जाए इसकी भी ट्रेनिंग इन्हें दी जाती है
* डिप्लोमा इन रूरल हेल्थ केयर कोर्स करने के बाद बतौर कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन मंत्रालय परिवार विभाग के अलावा सरकारी व गैर सरकारी एनजीओ में नौकरी कर सकते हैं
* डिप्लोमा इन रूरल हेल्थ केयर का कोर्स करने के बाद आप को शुरुआती वेतन के तौर पर 15 से ₹20000 मिल सकता है
* प्रमुख संस्थान
> दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट नई दिल्ली
> महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी अंबाला हरियाणा
> इंडियन मेडिकल इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग जालंधर पंजाब
> इंस्टीट्यूट आफ एलाइड हेल्थ साइंसेज कोलकाता
19/12/2019
वेडिंग प्लानर (Wedding Planner)
* विश्व के सभी देशों में विवाह करने की विधि अलग- अलग है, जिसके अनुसार वहां पर विवाह समारोह का आयोजन किया जाता है
* विवाह समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी किसी विशेष व्यक्ति को दी जाती है, जिससे उत्सव के समय किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े और विवाह की सभी विधि समय पर पूरी हो जाये
* बड़े घरानों की शादियों में यह जिम्मेदारी वेडिंग प्लानर को दी जाती है, जिससे विवाह समारोह को भव्य रूप प्रदान किया जा सके, जो जीवन का एक सुन्दर अनुभव बन जाये
* वह व्यक्ति जो विवाह समारोह के प्रत्येक कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से पूर्ण कराने का कार्य करता है, उसे वेडिंग प्लानर कहते है
* एक वेडिंग प्लानर के रूप व्यक्ति को अनेक कार्यों को समय पर संपन्न करवाना होता है, जैसे कार्यक्रम स्थल की सजावट, भोजन की व्यवस्था, कार्यक्रम में लाइट की व्यवस्था, अतिथियों के बैठने, खाने और सोने की व्यवस्था, कार्यक्रम को मनोरंजन युक्त बनाने के लिए संगीत और डांस की व्यवस्था इत्यादि
* सभी कार्यों को व्यस्थित और समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी एक वेडिंग प्लानर की होती है
* वेडिंग प्लानर को सभी कार्य को करवाने के लिए एक टीम की आवश्यकता होती है, जो उसके सभी कार्य को पूरा करने में उसकी सहायता करे, इसी टीम मैनेजमेंट के द्वारा ही एक अच्छे विवाह समारोह को सम्पन्न कराया जाता है
* एक अच्छा वेडिंग प्लानर बनने के लिए आपको इवेंट मैनेजमेंट का कोर्स करना चाहिए, इसके लिए आपको बारवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है
* बारवीं के बाद आप इवेंट मैनेजमेंट के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश प्राप्त कर सकते है, यदि आप इस क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करना चाहते है, तो इसके लिए आपको किसी भी विषय में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है
* एक वेडिंग प्लानर के अंदर कुछ व्यक्तिगत योग्यता अवश्य होनी चाहिए, जिससे वह पूरे समारोह का सही से आयोजन कर सके
> मृदु भाषी
> मिलनसार
> टीम का मैनेजमेंट और उस पर नियंत्रण
> जिम्मेदार
> बात करने में अच्छे शब्दों का चयन
> सभी कार्य समय पर करने की आदत
* इसकी फीस 5 हज़ार रूपए से लेकर 50,000 रुपए तक हो सकती है और इसकी अवधि 6 माह या 1 वर्ष तक होती है, यह संस्थान पर आधारित भी हो सकती है
* प्रमुख कोर्स
> वेडिंग प्लानिंग एंड पार्टी मैनेजमेंट का परिचय
> वेडिंग थीम एंड कांसेप्ट
> डेकोर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर
> फूलों एवं अन्य वस्तुओं की साज-सजा, साउंड और लाइट
> फोटोग्राफी एंड वीडियोग्राफी
> वेडिंग वेंडर्स एंड कॉन्ट्रैक्ट
> मनोंरंजन, डेस्टिनेशन वेडिंग्स
> वेडिंग बजट एंड एस्टीमेशन
* प्रमुख संस्थान
> इवेंट मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट, मुंबई
> शाखा- पुणे, कोच्ची, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोइम्बटूर
> एमिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ इवेंट मैनेजमेंट, दिल्ली
> इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इवेंट मैनेजमेंट, मुंबई
> नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इवेंट मैनेजमेंट, दिल्ली
18/12/2019
मर्चेंट नेवी (करियर)
* सेना के विभिन्न अंगों में करियर बनाना तो आम बात है लेकिन एक ऐसा क्षेत्र भी है जो सेना से मिलता-जुलता है जहां आगे बढ़ने और ऑफिसर बनकर शानदार करियर बनाने की अपार संभावनाएं हैं
* मर्चेंट नेवी का नाम आते ही कुछ लोगों के जेहन में आता है कि यह क्षेत्र भारतीय नौसेना से जुड़ा होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है इसे एक औद्योगिक क्षेत्र कहा जा सकता है
* यह क्षेत्र बहुत बड़ा है और इसमें आते ही लोगों का रोमांचकारी सफर शुरू हो जाता है
* इसमें समुद्री जहाजों के जरिए सामान और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है
* इस व्यापक क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट दोनों की ही तरह की कंपनियां काम करती है
* जिन लोगों को देश विदेश घूमने का शौक है और समुद्री लहरों का रोमांचकारी सफर पसंद है वह इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं
* खास बात यह है कि इस क्षेत्र में शुरुआत के साथ ही आगे की पढ़ाई करके खुद को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है
* कोई भी अभ्यर्थी अपने लगन और मेहनत से मर्चेंट नेवी में महज 7 साल में कैप्टन के पद तक जा सकता है
* यहां सीमैन और कैडेट से कोर्स की शुरुआत होती है इसके अलावा मरीन साइंस नॉटिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट मेडिकल इंजीनियर जैसे कोर्स भी किए जा सकते हैं
* यदि आप साडे 17 साल से 25 साल के बीच की आयु के हैं और समंदर की लहरों से टकराने वाले रोमांचकारी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो मर्चेंट नेवी का फील्ड आपके लिए मुफीद है
* मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए ज्यादातर मौके नॉटिकल यानी डेक, इंजीनियरिंग और कैटरिंग के फील्ड में मिलते हैं
* दसवीं पास करने के बाद भी सी ट्रेनिंग इलेक्ट्रिकल ऑफिसर रेडियो ऑफिसर नॉटिकल सर्वेयर पायलट ऑफ शिप और कैप्टश के पदों तक पहुंच सकते हैं
* मर्चेंट नेवी में शामिल होने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के रूप में 10 वीं पास होना जरूरी है हालांकि 12वीं पास लोगों के लिए भी अलग कोर्स है जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए-नए अवसर देते हैं
* बीटेक और डिप्लोमाधारीयों के लिए भी कोर्स मौजूद है
* मर्चेंट नेवी में करियर की शुरुआत करने के लिए अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी बेहद जरूरी है
* मर्चेंट नेवी के क्षेत्र में करियर की शुरुआत ही 50 से ₹60000 मासिक सैलरी से होती है
* सीमैन या कैडेट से शुरुआत के बाद इस क्षेत्र में अभ्यर्थी 2 साल की सेवा के बाद ऑफिसर बन सकते हैं 7 साल की सेवा के बाद कैप्टन बन सकते हैं
* क्षेत्र में अधिकारियों की सैलरी ₹1000000 मासिक तक होती है हालांकि इसके लिए नौकरी के साथ-साथ योग्यता बढ़ाना भी जरूरी है
* प्रमुख संस्थान
> श्रीराम इंस्टीट्यूट आफ मरीन स्टडीज दिल्ली
> जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी दिल्ली
> महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक हरियाणा
> गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार हरियाणा