JashKaur Singh

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05/12/2022

साल 20230 तक ये विनाशकारी परिणाम सामने आ जाएंगे। मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए ही 5 दिसंबर को वर्ल्ड सॉइल डे (World Soil Day 2022) मनाया जाता है।

मिट्टी की गुणवत्ता हर साल हो रही है कम

प्रदूषण और कीटनाशकों के अधिक उपयोग के कारण मिट्टी की क्वालिटी हर साल कम होती जा रही है। जंगलों की कटाई से मिट्टी बंजर होता जा रहा है। जो एक गंभीर समस्या है। मिट्टी का खराब होना सीधे हमारे जीवन पर असर डालेगा। खराब मिट्टी की वजह से अनाजों का प्रोडक्शन नहीं होगा। मिट्टी की गुणवत्ता खराब होगी तो पेड़ पौधे नहीं उगेंगे। तो ऐसे में ना तो हमें ऑक्सीजन मिल पाएगा और ना ही भोजन। इसलिए मिट्टी की गिरती क्वालिटी को लेकर पूरी दुनिया चिंताग्रस्त है।

विश्व मृदा दिवस का इतिहास
इंटरनेशनल यूनियन ऑफ सॉइल साइंस (IUSS) ने साल 2002 में प्रस्ताव रखा कि 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस के रूप में मनाया जाए। ताकि लोगों को मिट्टी की गुणवत्ता को लेकर लोगों को जागरूक किया जा सके। इसके बाद जून 2013 में फूड और एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन (FAO) ने भी इसे मनाने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 68वें कॉन्फ्रेंस में इस प्रस्ताव को रखा गया। जिसके बाद असेंबली ने 5 दिसंबर 2014 को पहले ऑफिशियल विश्व मृदा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। जिसके बाद से हर साल इस दिन को मनाया जाता है। कई तरह के इवेंट का आयोजन करके लोगों में मिट्टी के कंडीशन को लेकर जागरुकता फैलाई जाती है।

विश्व मृदा दिवस 2022 की थीम

हर साल वर्ल्ड सॉइल्स डे पर थीम रखा जाता है। इस साल का थीम है "सॉइल्स: वेयर फूड बिगिन्स"। इसका मकसद सॉइल मैनेजमेंट की बढ़ती चुनौतियों का समाधान खोजना, लोगों को जागरूक करना है। हेल्दी इकोसिस्टम और मनुष्य के लिए स्वस्थ्य वातावरण तैयार करना है। बता दें कि सॉइल डिग्रडेशन हमारे एकोसिस्टम के लिए एक खतरा है और इसे ग्लोबल लेवल पर एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।

FAO के मुताबि मिट्टी के खराब होने से दुनिया भर में 74 प्रतिशत गरीबों पर सीधा असर पड़ता है। प्रोडक्शन कम हो जाते हैं। 320 करोड़ लोगों पर यह सीधा असर डालता है। मिट्टी के खराब होने से इसका असर फसलों पर, ऑक्सीजन पर और जीव-जंतुओं की प्रजातियों का खत्म का खतरा शामिल हैं।

02/11/2022

इस साल अक्षय नवमी 2 नवंबर को मनाई जाएगी. आंवला हिंदू धर्म में पूजनीय होने के साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसका रोजाना सेवन करने से शरीर को की लाभ मिलते हैं. आप चाहें तो इसका जूस बनाकर भी पी सकते हैं. आइए जानते हैं कि आंवला खाने के क्या फायदे होते हैं.

बढ़ती है इम्यूनिटी
आंवला में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है. इसका सेवन करने से बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है जिससे कई तरह की बीमारियां जैसे की सर्दी जुखाम, इंफेक्शन आदि नहीं होते हैं. जुकाम होने पर आप 2 चम्मच आंवला पाउडर को 2 चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में कम से कम 3 से 4 बार सेवन करें. इससे आपको राहत मिलेगी.

वजन कम करने में फायदेमंद
आंवले में एक खास तरह का प्रोटीन पाया जाता है जो भूख को कंट्रोल करता है. आंवाला में फैट और कार्ब्स की मात्रा काफी कम होती है. इसलिए ये मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है और फैट बर्न करने में मदद करता है.
बढ़ाता है आंखों की रोशनी
अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आपके आंखों की रोशनी कम हो रही है, तो आपको रोज एक आंवला का सेवन करना चाहिए. असल में आंवला में कैरोटीन पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी को बढ़ाने में सहायक होता है. इसके अलावा ये मोतियाबिंद, आंखों में खुजली और जलन जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करता है.

29/09/2022

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