Gharelu Nuskhe Saral Upchar-घरेलू नुस्खे सरल उपचार

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BOARD OF VOCATIONAL EDUCATION AND SKILL DEVELOPMENT- व्यावसायिक शिक्ष?

07/12/2023

मोटापा कम करने व वजन घटाने के असरदार घरेलू उपाय
(Home Remedies for Obesity)
अब आपको आयुर्वेद से जुड़ी सही जानकारी जानने के लिए इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं है। आप एक ही जगह पर आयुर्वेद के सिद्धांत, उपचार और घरेलू इलाजों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल कर सकते हैं। लिखित सारी जानकारी आयुर्वेदिक विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित है साथ ही आप यहां बीमारियों से जुड़ी आयुर्वेदिक दवाइयों की सूची भी पा सकते हैं।
आज अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी मोटापा है। यह बीमारी पूरी दुनिया में एक महामारी बन गई है। भारत में अनेक लोग मोटापा के शिकार हैं। मोटापे के कारण शरीर में कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। जब परेशानियां बढ़ने लगती हैं तो लोग मोटापा कम करने के लिए उपाय (motapa kaise kam kare) खोजने लगते हैं। कई बार उचित जानकारी नहीं हो पाने के कारण लोग अपना वजन घटा नहीं पाते हैं।
यहां वजन घटाने के लिए अनेक घरेलू उपाय बताए जा रहे है। आप इन असरदार उपायों द्वारा अपना वजन कम कर सकते हैं।
मोटापा क्या है? (What is Obesity?)
जब किसी व्यक्ति का शरीर का वजन, सामान्य से अधिक हो जाता तो उसे मोटापा कहते हैं। आप रोज जितनी कैलोरी भोजन के रूप में लेते हैं, जब आपका शरीर रोज उतनी खर्च नहीं कर पाता है, तो शरीर में अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगता है, जिससे शरीर का वजन बढ़ने लगता है।

मोटे होने का कारण (Obesity Causes)
अधिक वजन (Over Weight) वाले व्यक्तियों के शरीर में अत्यधिक मात्रा में चर्बी (Toxins) जमा हो जाती है। यह शरीर में धीरे-धीरे गलत दिनचर्या, प्रदूषण और अपच के कारण होती रहती है। वजन दो कारणों से बढ़ता है, जो ये है-
• अस्वस्थ खान-पान
• शारीरिक गतिशीलता में कमी

मोटे होने का लक्षण (Obesity Symptoms)
किसी व्यक्ति का उचित वजन कितना होना चाहिए, यह बी.एम.आई. पर निर्भर करता है। बी.एम.आई. दो बातों पर निर्भर करती हैः-
1. कद
2. वजन
आप बीएमआई से अपने वजन की जांच कर सकते हैं। बी.एम.आई. का यह फार्मूला होता है- वजन (कि.ग्रा. में)/कद (मीटर में )2।
• अगर आपकी बीएमआई 18.5 से कम है तो आप अंडरवेट माने जाएंगे।
• अगर आपकी बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच है तो आपका वजन सामान्य माना जाएगा।
• इसी तरह 25 से 029.9 तक की बी.एम.आई. होने पर ओवरवेट माना जाता है।
• 30 से ज्यादा की बी.एम.आई. होने पर ओबीज या मोटापा कहलाता है।
• गर्भावस्था के दौरान बी.एम.आई. की सीमा लागू नहीं होती है।
• बी.एम.आई. आयु व लिंग पर निर्भर नहीं करता है।

वजन कम करने (मोटापा घटाने) के लिए घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Obesity (Weight loss) in Hindi)
आप मोटापा कम करने के लिए ये घरेलू उपाय आजमा सकते हैंः-

मोटापा कम करने के लिए दालचीनी का सेवन (Dalchini: Home Remedy for Obesity in Hindi)
लगभग 200 मि.ली. पानी में 3-6 ग्राम दालचीनी पाउडर डालकर 15 मिनट तक उबालें। गुनगुना होने पर छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले पिएँ। दालचीनी एक शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल है, जो नुकसानदायक बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में मदद करती है।


और पढ़ेंः दालचीनी के फायदे और नुकसान

वजन कम करने के लिए करें अदरक और शहद का प्रयोग (Adrak and Sahad: Home Remedies to Treat Overweight Problem in Hindi)
लगभग 30 मि.ली. अदरक के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। अदरक और शहद शरीर की चयापचय क्रिया को बढ़ाकर अतिरिक्त वसा को जलाने का काम करते हैं। अदरक अधिक भूख लगने की समस्या को भी दूर करता है, तथा पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। इस योग को सुबह खाली पेट तथा रात को सोने से पहले लेना (Motapa kam karne ke liye gharelu upchar) चाहिए।
और पढ़े – मोटापा घटाने में इसबगोल के फायदेऔर पढ़े – मोटापा घटाने में इसबगोल के फायदे
वजन घटाने के लिए नींबू और शहद का उपयोग (Lemon and Honey: Home Remedies for Lose Weight in Hindi)
एक गिलास पानी में आधा नींबू, एक चम्मच शहद एवं एक चुटकी काली मिर्च डालकर सेवन करें। काली मिर्च में पाइपरीन (piperine) नामक तत्व मौजूद होता है। यह नई वसा कोशिकाओं को शरीर में जमने नहीं देता है। नींबू में मौजूद एसकोरबिक एसिड (Ascorbic Acid) शरीर में मौजूद क्लेद को कम करता है, और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।

मोटापा घटाने के लिए सेब के सिरके का सेवन (Apple Vinegar: Home Remedy for Weight loss in Hindi)
एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर सेवन करें। इनमें मौजूद पेपटिन फाइबर (Pectin Fibre) से पेट को लम्बे समय तक भरा होने का एहसास होता है। यह लिवर में जमे फैट को घटाने में मदद करता है।



मोटापे से मुक्ति के लिए पत्तागोभी का सेवन (Cabbage: Home Remedy for Obesity in Hindi)
भोजन में पत्तागोभी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इसे उबालकर या सलाद के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इसमें मौजूद टैरटेरिक एसिड (Tartaric Acid) शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) को वसा में परिवर्तित नहीं होने देता। इसलिए वजन कम करने में सहायता मिलती है।

मोटापा कम करने के लिए अश्वगन्धा का प्रयोग (Ashwagandha: Home Remedies for Overweight Problem in Hindi)
अश्वगन्धा के दो पत्ते लेकर पेस्ट बना लें। सुबह खाली पेट इसे गरम पानी के साथ पिएँ। अश्वगन्धा तनाव के कारण बढ़ने वाले मोटापे में मदद करता है। अत्यधिक तनाव की अवस्था में कोर्सिटोल (Cortisol) नामक हार्मोन अधिक मात्रा में बनता है। इसके कारण भूख अधिक लगती है। शोध के अनुसार, अश्वगन्धा शरीर में कोर्सिटोल (Cortisol) के लेवल को कम करता है।

वजन कम करने के लिए इलायची का सेवन (Cardamom: Home Remedies for Weight loss in Hindi)
रात में सोते समय दो इलायची खाकर गर्म पानी पीने से वजन कम करने में सहायता मिलती है। इलायची पेट में जमा फैट को कम करती है, तथा कोर्सिटोल (Cortisol) लेवल को भी नियंत्रित रखती है। इसमें मौजूद पोटेशियम (Potaseium), मैग्नेशियम (Magneseium), विटामिन बी1, बी6 (Vita. B1, B6), और विटामिन सी (Vita. C) वजन घटाने के साथ ही शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इलायची अपने गुणों से शरीर में पेशाब के रूप में जमा अतिरिक्त जल को बाहर निकालती है।


मोटापा घटाने के लिए सौंफ का सेवन (Fennel: Home Remedy for Lose Weight in Hindi)
6-8 सौंफ के दानों को एक कप पानी में पाँच मिनट तक उबालें। इसे छानकर सुबह खाली पेट गर्म -गर्म ही पिएँ। इससे अधिक भूख लगने की समस्या से राहत मिलेगी तथा खाने की इच्छा कम होगी।
और पढ़ेंः सौंफ का प्रयोग किन-किन बीमारियों में होता है फायदेमंद

वजन घटाने के लिए त्रिफला चूर्ण का प्रयोग (Triphala: Home Remedy for Obesity in Hindi)
एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को रात में 200 मि.ली. पानी में भिगा दें। सुबह इसे आधा होने तक उबालें। गुनगुना होने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। कुछ ही दिनों में निश्चित ही वजन कम होगा। त्रिफला शरीर में मौजूद विषाक्त तत्वों को बाहर निकालता है।
मोटापे से मुक्ति पाने के लिए पुदीना का इस्तेमाल (Peppermint: Home Remedies to Treat Overweight Problem in Hindi)
पुदीना की पत्तियों के रस की कुछ बूँद गुनगुने पानी में मिलाएँ। इसे खाना खाने के आधे घण्टे बाद पिएँ। यह पाचन में सहायक तथा चयापचय क्रिया को बढ़ाकर वजन घटाने में मदद करता है। इसका उपयोग लम्बे समय तक किया जा सकता है।


मोटापे से छुटकारा के लिए रागी (मंडुआ) का इस्तेमाल (Ragi: Home Remedies for Weight Loss in Hindi)
रागी को अपने रोज के भोजन में शामिल करें। मोटापे को कम करने के लिए यह एक बेहतर खाद्य पदार्थ है। यह पाचन की क्रिया को धीमा करता है, जिससे कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) को शरीर में अवशोषित होने में ज्यादा समय लगता है।

मोटापे से छुटकारा के लिए चित्रक, त्रिकटु और कुटकी का सेवन (Chitrak, Trikatu and Kutki: Home Remedies for Lose Weight in Hindi)
चित्रक, त्रिकटु, कुटकी को बराबर मात्रा में मिलाएं। यदि व्यक्ति का वजन उसके औसत वजन से 10 कि.ग्रा. से ज्यादा है, तो वह इस आयुर्वेदिक मिश्रण को दिन में दो बार भोजन से 1 घंटा पहले लें। इसे गुनगुने जल के साथ सेवन करना है। यदि आपका वजन, औसत वजन से 10 कि.ग्रा. से कम है तो दिन में 1 बार इस मिश्रण का सेवन करें।

मोटापे से छुटकारा के लिए हल्दी का सेवन (Haldi: Home Remedy for Obesity in Hindi)
हल्दी में विटामीन बी, सी, पौटेशियम, आयरन, ओमेगा- 3 फेटीऐसिड, एल्फा लिने लोयिक ऐसिड तथा फायबर्स आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, तथा अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है।

और पढ़ेंः हल्दी के फायदे और नुकसान

वजन घटाने के लिए त्रिफला और गुग्गुल का सेवन (Triphala and Guggul: Home Remedies for Lose Weight in Hindi)
• त्रिफला, गुग्गुल व मैदोहर वटी की 2-2 गोली लेकर पीस लें। इसे शहद में मिलाकर भोजन के बाद चांट लें। ऊपर से एक कप गुनगुना जल पी लें। ऐसा दिन में 2-3 बार करें।
• त्रिफला (Triphala) शरीर के विषाक्त तत्वों को निकालने में मदद करता है। खासकर आंतों में चिपके हुये पुराने मल को साफ करता है। यह कब्ज को भी ठीक करता है।

वजन कम करने में जीरा, धनिया और अजवायन लाभदायक (Jeera, Dhania and Ajwain: Home Remedies for Weight loss in Hindi)
जीरा, धनिया, अजवायन और सौंफ के मिश्रण की चाय बनाकर पिएं। आप इसे भोजन के बाद पानी में उबालकर घूंट-घूंट भी पी सकते हैं। तुलसी, नींबू, अदरक की बिना दूध वाली ब्लैक टी पिएं। हमेशा गुनगुने पानी का प्रयोग करें।

वजन घटाने में आंवला लाभदायक (Gooseberry: Home Remedy for Obesity in Hindi)
इसमें प्रचुर मात्रा में विटामीन-सी पाया जाता है, जो एक उत्तम एंटी-ओक्सीडेंट है। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह मेटाबोलिज्म बढ़ाने और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।



मोटापा घटाने के लिए पिएं गुनगुना पानी (Lukewarm Water: Home Remedy for Weight Loss in Hindi)
उबालकर आधा किया हुआ जल आधा-आधा गिलास करके दिन में ढाई से तीन लीटर पीना चाहिए। इससे आम का पाचन भी हो जाता है, और पेट भरा होने से भूख भी कम लगती है। यह हल्का, सुपाच्य, आम का पाचन करता है। यह शरीर के सभी सूक्ष्म से सूक्ष्म गंदगी को साफ करता है, और पेशाब तथा पसीना लाता है।
वजन कम करने के लिए आपका खान-पान (Your Diet for Obesity)
मोटापे से मुक्ते पाने के लिए आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

इन फलों का करें सेवन
जठराग्नि को बढ़ाने वाले भोजन जैसे कि अदरक, पपीता, करेला, जीरा, सरसों, सौंफ, अजवायन, काली मिर्च, सोंठ, पिप्पली, सहजन, पालक, चौलाई आदि पत्तेदार सब्जियां लौकी, तोरई, परवल, बींस, सलाद, पत्ता गोभी, खीरा, ककड़ी, गाजर, चुकंदर, सेब आदि लेने चाहिए। जयी, जौ, बाजरा, रागी, मूंग दाल, मसूर, आंवला, नींबू, शहद, हल्दी, एलोवेरा जूस, आंवला जूस, ग्रीन टी, स्टीम किये हुये अंकुरित अनाज आदि का भी सेवन करना चाहिए।
मौसमी फल और सब्जियों का सेवन
जिस स्थान में व जिस मौसम में जो फल एवं सब्जियां पैदा होती है उनमें से अपनी प्रकृति के अनुसार खाना चाहिए जैसे कि ठण्डी जगहों एवं ठण्डे मौसम में गर्म तासीर वाले भोज्य पदार्थ तथा गर्म जगहों एवं मौसम में ठण्डी तासीर वाले भोजन खाने चाहिए।
कम वसा वाले दूध से होता है वजन कम
कम वसा वाले दूध का प्रयोग करें क्योंकि इसमें वसा कम होने की वजह से कैलोरी कम होती है जबकि कैल्शियम ज्यादा होता है और यह अतिरिक्त कैल्शियम वजन को घटाता है।
हल्के भोजन से होता है वजन कम
सुबह का भोजन भारी, दोपहर का भोजन उससे हल्का व रात्रि का भोजन सबसे हल्का होना चाहिए अर्थात् रात्रि में कम से कम भोजन तथा हल्का व शीघ्र पचने वाला भोजन करना चाहिए।
रात में सोने से कम से कम 2 घंटा पहले भोजन करना चाहिए। इसी तरह हो सके तो सूर्यास्त से पहले भोजन कर लेना चाहिए, क्योंकि सूर्यास्त के बाद जठराग्नि मन्द हो जाती है और भोजन पचने में कठिनाई होती है। दिन में नहीं सोना चाहिए। ये मोटापा दूर करने के असरदार उपाय (motapa dur karne ke upay) हैं।
अच्छी भूख लगने पर ही खाएं खाना
जब खाना पच जाये और तेजी से भूख लगे तब ही अगला भोजन करना चाहिए। भोजन समय पर करना चाहिए तथा जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम ही खाना चाहिए। खाना खूब चबा-चबाकर खाना चाहिए। यह वजन कम करने का काफी अच्छा उपाय (motapa dur karne ke upay) है।

मोटापा कम करने के लिए आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle for Weight Loss)
मोटापा से छुटकारा पाने के लिए आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-
• सुबह उठकर सैर पर जाएँ, और व्यायाम करें।
• सोने से दो घण्टे पहले भोजन कर लेना चाहिए।
• रात का खाना हल्का व आराम से पचने वाला होना चाहिए।
• संतुलित और कम वसा वाला आहार लें।
• वजन घटाने के लिए आहार योजना में पोषक तत्वों को शामिल करें।
• एक साथ ज्यादा खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ सुपाच्य एवं हल्का खा लेना चाहिए।
• आपके भोजन में हरी सब्जियाँ, फल, दही, छाछ, छिलके वाली दालें और नट्स होने चाहिए।
• फलों के रस व गुनगुने जल का सेवन करते हुए सप्ताह में एक बार उपवास रखना चाहिए
• वजन कम करने के लिए भोजन कभी न छोड़ें। इसकी बजाय संतुलित आहार का सेवन करें और व्यायाम करें। संतुलित आहार के सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता एवं व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
• खाना कभी ना छोड़ें। दिन भर में तीन बार भोजन अवश्य करें। अगर आप तीनों समय के भोजन में से किसी एक बार का भोजन छोड़ते हैं तो इसका नतीजा यह होता कि आप अगली बार के भोजन में अधिक आहार का सेवन करते हैं और इसकी वजह से वजन बढ़ता है।
• नाश्ता जरूर करें। दिन भर की शारीरिक क्रियाएँ करने के लिए शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो कि बिना नाश्ते के सम्भव नहीं है।
• प्रतिदिन सुबह 4-5 किलोमीटर तेजी से पैदल चलें उसके 10 मिनट बाद कुर्सी पर बैठकर पेट भर गुनगुना जल घूंट-घूंट पियें। वजन घटाने के घरलू नुस्खों (Motapa kam karne ke liye gharelu upchar) में यह तरीका सर्वाधित कारगर है।
• योगासन जैसे- त्रिकोण आसन, भुजंगासन, सूर्य नमस्कार, ध्यान, प्राणायाम जैसे- भस्त्रिका, कपालभाती को प्रतिदिन करना चाहिए। पंचकर्म में चिकित्सक की देखरेख में लेखन वस्ति (एक तरह की एनिमा) का प्रयोग करना चाहिए तथा उदवर्तन कर्म (कुछ आयुर्वेदिक औषधियों के चूर्ण से सूखा मसाज) करवाना चाहिए।

वजन घटाने के दौरान परहेज (Avoid These in Overweight Problem)
मोटापे से मुक्ति पाने के लिए आपको ये परहेज करने होंगेः-

चीनी, नमक व मैदा जितना हो सके कम से कम खायें।
नहीं करें कफ को बढ़ाने वाले आहार का सेवन
कफ को बढ़ाने वाले भोजन तथा पेय पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रचुर कार्बोहाइड्रैट युक्त भोजन यथा चावल, आलू, सकरकन्दी आदि, मिठाईया, मीठे पेय पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक्स, तले हुये खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, चाकॅलेट, चीज, बटर, पनीर, मछली, अंडा, मीट आदि मांसाहार, सोडा ये सभी कफ व आम को बढ़ाने वाले होते है।
इसी प्रकार कफज प्रकृति के लोगों को हल्का भोजन, पित्तज प्रकृति के लोगों को ठण्डे तासीर वाला भोजन तथा वातज प्रकृति वाले लोगों को मीठा व उष्ण तासीर का भोजन करना चाहिए।
गेहूं के आंटे का अधिक और चावल से बने पदार्थों का कम सेवन
गेंहू के आंटे से बने हुये खाद्य पदार्थो का जैसे कि रोटी आदि का सेवन अधिक करना चाहिए तथा चावल व चावल से बने खाद्य पदार्थो का सेवन कम से कम करना चाहिए।

मोटापा घटाने से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ Related Obesity)

क्या आयुर्वेदिक तरीके से मोटापे से छुटाकारा पाया जा सकता है?
अगर आपके मन में भी हमेशा यही सवाल रहता है कि मोटापा कैसे कम करें (Motapa kaise kam kare) तो आप इसके लिए आयुर्वेदिक तरीका अपना सकते हैं। आयुर्वेद मोटापे से लड़ने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा उपलब्ध कराता है। संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक आहार तथा व्यायाम के साथ-साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा को करने से मोटापा घटाने में सर्वाधिक लाभ मिलता है।
आयुर्वेद द्वारा मोटापा कम कैसे होता है?
आयुर्वेदिक औषधियां मुख्य रूप से आम को पचाकर समाप्त करती है। इस आम को पचाये बिना मोटापा दूर करना लगभग असंभव होता है। यही कारण है कि बहुत सारे लोग आहार कम करने के बाद भी मोटे ही रहते हैं।
मोटापे के कारण कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
मोटापा व्यक्ति का जीवन निराशा से तो भर ही देती है, साथ ही इससे कई गम्भीर बीमारियों भी हो सकती हैं। इसकी वजह से डायबिटीज, अर्थराइटिस, उच्च रक्तचाप, ब्रेन स्ट्रोक व कैंसर जैसे गंभीर रोग हो जाते हैं।
मोटापे की किस स्थिति में डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए?
अगर आपके शरीर का वजन बढ़ा हुआ है, और इससे आपको छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, तो यह आम बात है। अगर मोटापे के कारण आपकी एड़ियों या जोड़ों में दर्द होने लगे, या आप सामान्य दिनचर्या अच्छे से नहीं कर पा रहे हों तो डॉक्टर से मिलकर इस समस्या का समाधान पा सकते हैं।

12/02/2020

useful post
kabj ka achuk upay...

27/11/2019
31/07/2019

आयुर्वेद – यौन शक्ति बढ़ाने के कुछ सरल घरेलू उपाय
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इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।

1. आंवला- 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।

2. सेब- एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।

3. अश्वगंधा- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

4. सोंठ- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।

5. अजवायन- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है

6. छुहारे- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

7. गाजर- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250 ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।

8. इमली- आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।

9. कौंच का बीज- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100 ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।

10. चोबचीनी- 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।

11. प्याज- आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।

12. ढाक – ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।

13. जायफल – 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।

14. इलायची – इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।

15. तुलसी- 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।

16. लहसुन- 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।

17. हल्दी – वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।

18. उड़द की दाल – आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।

19. शंखपुष्पी – शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।

20. उंटगन के बीज – 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।

21. गोखरू – सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

22. बरगद – सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।

23. पीपल – पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।

24. त्रिफला – एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

25. सफेद मूसली – सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।

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21/06/2019

आप सभी योग एवम पर्यावरण प्रेमिओं को पांचवे अंतररास्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – एक पहल “चलो योग की ओर “
"प्रत्येक दिवस , योग दिवस ...शिक्षा ऋषि आत्म गुरु डा रमन "
“For me, every day is yoga day… Dr Raman “
Yoga belongs to everyone and everyone belongs to yoga,
जय हो मंगल हो कल्याण हो
ॐ शांति शांति शांति ...
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पिछले ग्यारह वर्षों से देश एवं आपकी सेवा में समर्पित
India's Leading & Number 1 Naturopathy & Yoga Board
बोर्ड ऑफ नेचरोपैथी एंड योगा सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत उददेश्यों के अनुरुप यह संस्था संपूर्ण उत्तर प्रदेश में नेचरोपैथी एवं योग की शिक्षा/प्रशिक्षण हेतु पाठयक्रम निर्धारित कर सफल अभ्यर्थियों को D.N.Y.S तीन वर्षिय C.N.Y.S एक वर्षीय डिप्लोमा ,आदि प्रमाण पत्र प्रदान कर नेचुरोपैथी की चिकित्सा, शिक्षा, प्रचार प्रसार विधिवत रूप से करने हेतू मान्य है।
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31/05/2019

दिव्य चमत्कारिक औषधि ............
नपुंसकता और कैंसर जैसे रोगों में रामबाण है ‘तेलियाकंद’
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भारत में जड़ी-बूटियों का उपयोग अत्यन्त प्राचीन काल से होता रहा है। घरों के आस-पास तथा सड़कों एवं नदियों के किनारे बहुत से पौधे, लता, झाड़ी, गुल्म मौजूद होते हैं। जिन्हें जड़ी- बूटियों के नाम से जाना जाता है। लोग इन पौधों को विभिन्न क्षेत्रीय नामों से भी जानते हैं, लेकिन अस्वस्थ होने पर आधुनिक हानिकारक चिकित्सा पद्धतियों का सहारा लेते हैं, जबकि दवा उनके घर के आस-पास ही वनस्पतियों के रूप में मौजूद रहती है ।।
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जड़ी-बूटियों की दिव्यता इस घटना से भी ज्ञात होती है- रामचरित मानस में लक्ष्मण जी के मूर्च्छित हो जाने पर हनुमान जी द्वारा पर्वत से संजीवनी बूटी लाना तथा लक्ष्मण जी के स्वस्थ होने की बात सभी पढ़ते हैं। आयुर्वेद के महान् शोधकर्ता जीवक (जिन्होंने भगवान बुद्ध का उपचार किया था ) ने जड़ी-बूटियों की उपयोगिता के सम्बन्ध में लम्बे समय तक शोध करने के पश्चात निष्कर्ष दिया कि कोई भी जड़ी-बूटी ऐसी नहीं है, जो प्राणी मात्र के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक एवं जीवन रक्षक न हो अर्थात् प्रत्येक जड़ी-बूटी जीवनोपयोगी पायी गयी।

आयुर्वेद जडी-बूटियों के महान विद्वान आचार्य बालकृष्ण जी के नेतृत्व में जडी-बूटी विशेषज्ञों की टीम ने वनौषधि के खोज अभियान में उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र के सुदूर हिमालयी वन्य क्षेत्रों में एक चमत्कारी औषधि का अन्वेषण किया है। आचार्य बालकृष्ण जी ने बताया की जिस वनस्पति की खोज में हम वर्षों से लगे थे उसको अनायास सामने देखकर अपार प्रसन्नता हुई। आयुर्वेद शास्त्रों मे विभिन्न चमत्कारी वनौषधियों का वर्णन है। आज कई जडी-बूटियों के सन्दर्भ में तो मात्र लोकोक्तियां ही रह गयी हैं। उन्हीं दिव्य एवं अत्यंत दुर्लभ औषधियों में से एक औषधि का नाम है तेलिया कन्द (सेरोमेटम वेनोसम) (Sauromatumsa venosum) जिसके सन्दर्भ में आयुर्वेद शास्त्र में लिखा है कि यह वनस्पति बहुत चमत्कारिक है और भाग्यशाली मनुष्यों को ही प्राप्त होती है।
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तेलिया कन्द के लिए राज निघण्टु में लिखा है कि “तैल कन्द: देह सिद्धिं विद्यते” अर्थात तेलिया कन्द के द्वारा व्यक्ति देह सिद्घि को प्राप्त कर सकता है। दु:साध्य नपुंसक को भी पुरुषार्थ प्राप्त हो सकता है। कैन्सर जैसे रोगों के लिए यह रामबाण माना गया है। वास्तव में यह चमत्कारिक औषधि है जो आधुनिक जनसमाज के ज्ञान में छिपी हुई है, साधु सन्तों के मुँह से ही सन्दर्भ में आश्चर्यजनक बाते सुनने में आती है कि पारे की गोली बाँधते वाली तथा ताँबे के सोने के रुप में परिवर्तित करने वाली प्रभावशाली व दिव्य औषधि है। इससे यह प्रतीत होता है कि अवश्य ही यह एक चमत्कारिक वनस्पति है। ऐसी दिव्य वनस्पति के विषय में और खोज व अनुसंधान करने की आवश्यकता है।

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