20/02/2024
#फौजी... इतना न मुझसे तू प्यार #बढ़ा के मैं एक बादल आवारा कैसे किसी का #सहारा बनूँ के मैं खुद बेघर बेचारा मुझे एक जगह आराम नहीं रुक जाना मेरा काम नहीं मेरा #साथ कहाँ तक दोगी तुम मै देश विदेश का बंजारा :
#फौजन.. इस लिये तुझसे प्यार #करूं के तू एक बादल आवारा जनम जनम से हूँ #साथ तेरे के नाम मेरा जल की धारा ओ नील गगन के दीवाने तू प्यार न मेरा #पहचाने मैं तब तक साथ चलूँ तेरे जब तक न कहे तू मैं हारा
#फौजी.. क्यूँ प्यार में तू #नादान बने इक बादल का अरमान बने मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम मैं देस-बिदेस का बंजारा . मदहोश हमेशा रहता हूँ #खामोश हूँ कब कुछ कहता हूँ कोई क्या जाने मेरे #सीने में है बिजली का भी #अंगारा अरमान था गुलशन पर बरसूँ एक शोख के दामन पर बरसूँ अफ़सोस जली मिट्टी पे मुझे #तक़दीर ने मेरी दे मारा😊