The Doctor SaaB

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Healthcare Activist!Against Mixopathy! Violence against Doctors! Vocal for Medical student grievances

10/04/2026

जनहित में जारी

09/04/2026

सुपरपावर 🇮🇳

02/04/2026
02/04/2026

Chiropractor doctor hote hai ya jholachap hote hai?

31/03/2026

किसे दोष दूं, बिहार सरकार को या फिर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को या फिर पीएमसीएच प्रशासन को या फिर यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को? ठेके पर भर्ती एक अधेड़ उम्र की महिला सफाईकर्मी को देख रहा हूं। आठ घंटे के डियूटी में 4 बार फर्श,शौचालय, वॉशबेसिन को साफ कर रही लेकिन हर घंटे यही तस्वीर निकलकर आ रही है। सवाल है, क्या मरीज और उसके परिजन संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं कर सकते? जबकि हर वार्ड में डस्टबीन मौजूद है।
दोष सिर्फ सिस्टम का नहीं,
दोष हमारी मानसिकता का भी है।
सोच बदलिए…
क्योंकि अस्पताल सिर्फ सरकार का नहीं,
हम सबका है।

31/03/2026

एम्स दिल्ली की एलुमनी निशा मेहता को नेपाल की हैल्थ मिनिस्टर बनने पर शुभकामनाएं 💐

30/03/2026

पिछले कुछ समय से एक नया ट्रेंड है
बाबाओं /दादी का जादू से जन्मजात बीमारियों को सही करने का और
Chronic infertility के मरीज सही करने का
इस वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलेगा
की पहला केस सम्भवतः पुरुष बांझपन का है(Probably because lady in the video can be heard saying जांच में इनके दिक्कत आई थी)
पुरुष बांझपन समाज में एक्सेप्टेबल नहीं है
क्योंकि मर्दों को उंगली उठना पसंद नहीं
तो इलाज करने से बेहतर है झाड़ फुक करवाके बच्चा पैदा करा जाए
दूसरा केस शायद देखने से ड्यूशेन मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफ़ी (Duchenne muscular dystrophy) जैसा लग रहा है(बिना मरीज देखे बिना जांचों के स्पष्ट रूप से कह पाना संभव नहीं है)
ड्यूशेन मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफ़ी
बच्चों मैं होने वाली एक गंभीर बीमारी, जो मांसपेशियां को कमजोर कर देती है
2026 मैं जब भारत 1/801 डॉक्टर मरीज के अनुपात पर चल रहा है जबकि विश्व स्वस्थ संगठन (WHO) 1/1000 मानक रखता है ऐसी स्थिति मैं इन अंधविश्वास एवं शायद जागरूकता की कमी" या "अज्ञानता" बेहद ही दुखद है
माँ ने सोचा “देवी नाराज़ हैं”… पर असल में बेटा कैंसर से लड़ रहा था।
3 महीने तक झाड़-फूंक चली, बाबा आए, ताबीज़ बंधे, “चमत्कारी जल” पिलाया…
जब तक डॉक्टर के पास पहुँचे — बहुत देर हो चुकी थी। (नाम नहीं लिखूंगा हम सब जानते है ये चमत्कारी जल कहां मिल रहा है)

मानसिक बीमारियों (जैसे अवसाद, सिज़ोफ्रेनिया) को “भूत-प्रेत का साया” मानकर ओझा या तांत्रिक के पास जाना।

बच्चों में बुखार या मिर्गी को “नज़र लगना” या “देवी का कोप” समझकर तावीज़ या मंत्र करवाना।

त्वचा रोग, बांझपन, लकवा आदि को कर्मों या ग्रह-नक्षत्रों से जोड़कर चिकित्सा की अनदेखी करना।

पर असली इलाज सिर्फ विज्ञान और डॉक्टरों के पास है।

भगवान पर भरोसा रखिए, लेकिन इलाज डॉक्टर से ही कराइए।
अंधविश्वास जान ले लेता है — जागरूकता जान बचाती है।
डॉ मोहित मित्तल

17/03/2026

18 घंटे काम करने का सीक्रेट

15/03/2026

₹1 Crore penalty imposed on medical colleges failing to disclose & pay stipends to interns and PG residents.

11/03/2026

⛔ डॉक्टर लोग इतने लापरवाह क्यों है भाई ... 🤗❌🤕

1. एक आदमी केवल 20 वर्षों तक तंबाकू खाता रहा। फिर उसे स्टेज 4 का कैंसर हो गया अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

2. एक आदमी 30 वर्षों तक रोज शराब पीता रहा, फिर उसका लीवर व पेनक्रियाज खराब हो गए। लेकिन अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

3. एक लड़का प्लेन की स्पीड से मोटरसाइकिल चला रहा था,नियंत्रण खत्म होने पर मोटरसाइकिल पेड़ से टकराई ।गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया किंतु अस्पताल वालों की लापरवाही से वह भी मर गया।

4. एक आदमी को केवल पांच बीमारियां थी शुगर,ब्लड प्रेशर,ओबेसिटी,हाई कोलेस्ट्रॉल,कोरोनरी आर्टरी डिजीज, किंतु हार्ट अटैक आने पर उसे जब अस्पताल में भर्ती किया गया तो वह भी डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

5. एक आदमी को 30 वर्षों से हाई ब्लड प्रेशर था। दवाई से थोड़ी नफरत सी थी उसे कभी खाता कभी नहीं। एक दिन उसे लकवा हो गया फिर अस्पताल में भर्ती करवाने पर वह भी डॉक्टर की लापरवाही से मर गया।

6. एक आदमी 6 करोड़ की गड्ढे वाली सड़क पर गिर गया उसे हेड इंजरी हो गई,फिर अस्पताल में भर्ती करने पर वह भी डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

7. एक आदमी छठी मंजिल से नीचे गिर गया।बेचारा दारू पीकर डीजे पर डांस कर रहा था अस्पताल में भर्ती होने पर वह भी डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

8. एक आदमी मोब लिंचिंग का शिकार होने पर अस्पताल में भर्ती हुआ वह भी डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

9. एक आदमी जमीन विवाद में दूसरे पक्ष के द्वारा की गई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गया।फिर वह भी अस्पताल में भर्ती करने पर डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

10. जब एक आदमी जहर खाकर भी नहीं मरा तो उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा और फिर वह भी डॉक्टरों की लापरवाही से मर गया।

चूंकि लाखों लोगों की मृत्यु डॉक्टरों की लापरवाही से हो रही है। ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए कि इलाज का कार्य डॉक्टर से ना करवाया जाए और तुरंत इलाज का जिम्मा नेताओं, जजों, आईएएस अधिकारियों, मीडिया कर्मियों को सौंप दिया जाए....😂🙏

10/03/2026

पूछताछ केंद्र स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर के ही कार्य में जोड़ देना चाहिए...💥
क्योंकि पूछताछ केंद्र होते हुए भी उनके कार्य डॉक्टर ही करते हैं
जैसे मरीज देखने के बाद मरीज का अगला सवाल
अब कहां जाए,अब क्या करें...?
डॉक्टर.....जाओ ऑनलाइन करवाओ तब बड़ा पुर्जा निकलेगा उस पर दवा और जांच लिखी हुई है....
मरीज...ये ऑनलाइन कहा होगा ?
डॉक्टर...जहां दवा मिलता है उसके आस पास....
मरीज....दवा कहा पर मिलता है....कोई कोई तो ये भी बोलती है तनी तोही चलहो ने साथे.....🤔
डॉक्टर....पूछताछ केंद्र में जा कर पूछो
मरीज....पूछताछ केंद्र कहा पर है.....? आप ही बता दीजियेगा ता कि होगा.....?
यदि ये सभी प्रक्रिया हो गई हो तो भी वो वापस हमारे ही पास आ जाती सवाल करने कि अब क्या करें...?
डॉक्टर...पुर्जा मिल गया तो जांच करवाओ लैब में....
मरीज....लैब कहा पर है....?
डॉक्टर....यहां से आगे जाओ लिखा होगा लैब....
एक ने तो ये भी कहा था ये तो लैब लिखा है खून जांच करवाना है Blood लैब नहीं लिखा है....🙆
मरीज...दवा तो आप लिखे ही नहीं हैं
डॉक्टर....ये पुर्जा पर लिखा तो है
मरीज.....कब लिखे कलम तो चलाया ही नहीं ...😯
अल्ट्रासाउंड कहां पर होगा....?
कौन करेगा ...?कितनी देर में होगा.....?
ये सब जांच आप लिखे हैं तो किया क्यों नहीं....?
पुर्जा कटना बंद क्यों हो गया....?
दूसरे ओपीडी के मरीज.....अरे तो आप भी ता डॉक्टर हैं आप ही देख लीजिए.....😠
और तो और ये दवा तनी चेक कर दीजिए ठीक दवा है ना
बता भी दीजिए कैसे खानी है.....🤦
जब सब सवालों के जवाब और भीड़ को नियंत्रण एक निरीह प्राणी डॉक्टर को ही करनी है तो फिर ये पूछताछ केंद क्या मुखौटा के तौर पर निहायत शोभा का केन्द्र है...?
जरा सोच के देखिए 70/80/100 से कम मरीजों कि संख्या नहीं होती सदर अस्पताल जमुई के महिला OPD में....और एक मरीज कम से कम 12 बार सवाल करती है जिसका जवाब डॉक्टर को नहीं बल्कि पूछताछ केंद्र को या गार्ड को देनी होती है.....तो इस हिसाब से 840/960/1200 बार डॉक्टर से पूछा गया सवाल और डॉक्टर के द्वारा दिया गया जवाब...
डॉक्टर मरीज देखे या बेवजह के सवालों के जवाब दे.....?
और लोग कहते हैं कि डॉक्टर चिढ़ क्यों जाता है.....😠😠
तो अब बताएं बेचारे डॉक्टर को कम उम्र में BP/Sugur/Heart कि समस्याएं हो जाएं तो आखिर जिम्मेदार कौन होगा.....??
पुरुष और महिला गार्ड कि व्यवस्था आखिर क्यों नहीं है ....?
मरीजों कि शिकायतें तो सभी सुनते हैं लेकिन डॉक्टर अपनी परेशानियां किस से कहे....?
शिकायतें जब सुनी नहीं जाती तो मजबूरन सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ता है....😡😡😡😡😡
#स्वास्थ्यविभाग
#सरकारीडॉक्टर

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