29/10/2024
सुत बित नारि भवन परिवारा। होहिं जाहिं जग बारहिं बारा॥
अस बिचारि जियँ जागहु ताता। मिलइ न जगत सहोदर भ्राता॥4॥महाप्रभु भगवान श्री सीताराम जी भैया लक्ष्मण जी को शक्ति बाण लगा था भैया लक्ष्मण को गोद में लेकर घोर विलाप करते हुए कह रहे हैं जो आज भी प्रेरणाप्रद है....
पुत्र, धन, स्त्री, घर और परिवार- ये जगत् में बार-बार होते और जाते हैं, परन्तु जगत् में सहोदर भाई बार-बार नहीं मिलता। हृदय में ऐसा विचार कर हे तात! जागो॥4॥ ❤️❤️जय श्री सीतारामजी ❤️❤️जय हो भारत की महान संस्कृति❤️❤️जय श्री माधव❤️❤️🌿🙏🙏