10/09/2026
शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत विद्वानों द्वारा विद्याभारती विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों का किया अवलोकन।
विद्यालय के सोशल मीडिया प्रभारी श्री विनय कुमार ने बताया कि विद्याभारती विद्यालय कृष्ण चन्द्र गान्धी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज माधव कुञ्ज,मथुरा में विद्यालय की विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों का अवलोकन हेतु उत्तराखंड,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विद्वानों का आगमन हुआ है जो विद्यालय की विभिन्न शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं,विद्याभारती की पंचपदीय शिक्षण पद्धति,विद्या भारती आयामों,केन्द्रीय आधारभूत विषयों का अध्ययन एवं प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विनय कुमार सिंह ने बताया कि विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के संयुक्त तत्वावधान में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,नोएडा एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय,वाराणसी के सहयोग से देशभर के विद्या भारती विद्यालयों के विद्यालय दर्शन की योजना बनाई गई है। यह कार्यक्रम अध्यापक विकास कार्यक्रम के रूप में शिक्षा विभाग से जुड़े विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रोफेसर,एसोसिएट प्रोफेसर,असिस्टेंट प्रोफेसर एवं रिसर्च स्कॉलर्स के लिए आयोजित किया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने बताया कि विद्यालय दर्शन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा देशभर में संचालित विद्यालयों के माध्यम से विकसित गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा पद्धति का अध्ययन करना है। इसके अंतर्गत भारतीय शिक्षा दर्शन,भारतीय ज्ञान परंपरा,पंचकोशात्मक समग्र विकास,पंचपदी शिक्षण पद्धति तथा विद्यालय जीवन के विभिन्न पक्षों का गहन अध्ययन एवं अवलोकन किया जा रहा है।हमारे विद्यालय कृष्ण चन्द्र गान्धी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज में सरदार भगत सिंह पी.जी कॉलेज,रूद्रपुर उत्तराखंड से श्रीमती श्रृंखला जोशी,वी.पी.एस.महाविद्यालय,सोनीपत,हरियाणा से सुश्री वन्दना,इंटरनल यूनिवर्सिटी,हिमाचल प्रदेश से श्री हर्षित अग्रवाल,बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी,लखनऊ,उत्तर प्रदेश से श्री प्रद्युम्न गौर का आगमन हुआ।
विद्यालय दर्शन में प्रथम दिन उन्होंने वन्दना एवं आध्यात्मिक सत्र में विद्या भारती के पांच केंद्रीय आधारितभूत विषयों-
योग,संस्कृत,संगीत,शारीरिक एवं नैतिक/आधात्मिक का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।जिसमें विद्यालय के छात्रों द्वारा किये गए योग एवं शारीरिक प्रदर्शन एवं छात्राओं किये गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उनके द्वारा सराहना की गयी।तत्पश्चात कक्षा 6,7,8 की कक्षाओं का अवलोकन किया गया।जिसमें विद्यालय के आचार्यों द्वारा अपनायी जा रही विद्या भारती की पंचपदीय शिक्षण पद्धति एवं TLM के प्रयोगों तथा आधुनिक नवाचारों के प्रयोगों की प्रशंसा की।साथ ही विद्यालय की प्रबन्ध समिति के साथ विभिन्न शैक्षिक क्रियाकलापों एवं विद्यालय प्रबंधन एवं व्यवस्थाओं संबधी विषयों पर चर्चा की गई।
द्वितीय दिवस पर विद्वानों ने कक्षा 09 से 12 तक की कक्षाओं की शिक्षण व्यवस्थाओं एवं शिक्षण पद्धतियों का अवलोकन किया तथा कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशाला तथा सरस्वती शिशु मन्दिर योजना के जनक श्रद्वेय श्री कृष्णचन्द्र गाँधी जी की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।साथ ही उन्होंने विद्यालय में शिक्षण के साथ विद्यालय में किये गए अभिनव प्रयोगों एवं क्रियाकलापों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उन्होंने विद्यालय की छात्र संसद के पदाधिकारियों कार्यप्रणाली,दायित्वों एवं विद्यालय संचालन में उनकी भूमिका को समझा। विद्यालय दर्शन कार्यक्रम के अंर्तगत विभिन्न
शैक्षिक,सामाजिक विषयों को लेकर विद्यालय के स्वाबलंबी छात्रों,अभिभावकों,प्रबंध समिति तथा विद्यालय के आचार्यों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया। विद्यालय भारती दर्शन कार्यक्रम में समन्वयक के रूप डॉ. प्रहलाद सिंह का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। विद्या भारती दर्शन कार्यक्रम के संयोजक उप प्रधानाचार्य श्री राजीव पाठक एवं प्रवक्ता श्री विनय कुमार रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रवक्ता श्री केशव सिंह,प्रवक्ता श्री उमेश शर्मा,प्रवक्ता श्री नरेन्द्र कुमार,प्रवक्ता श्री लोकेश अग्रवाल,प्रवक्ता श्री निधीश अग्रवाल एवं वरिष्ठ आचार्य श्री सुरेश कुमार,श्री सीताराम बघेल,श्री जगवीर सिंह,श्री मुनेश अग्रवाल,श्री रविन्द्र प्रताप सिंह आदि का सहयोग रहा।इस अवसर पर श्री विजय शर्मा,श्री टीकाराम शर्मा,श्री विजयपाल सिंह,श्री रघुराज सिंह,श्री हेमंत कुमार,डॉ.दीप्ति तिवारी,श्रीमती पिंकी रानी,श्रीमती प्रीति द्विवेदी,श्रीमती दयावती राघव,डॉ.रागिनी सक्सेना,श्री बलराम शर्मा,श्री हितेश कुमार सिंह,श्री मनोज शर्मा,श्री रामकुमार,श्री कुमरपाल,श्री सूरजपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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